पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: आम आदमी पार्टी ने जारी की 40 उम्मीदवारों की पहली सूची, मुख्यमंत्री भगवंत मान धूरी सीट से लड़ेंगे चुनाव
चंडीगढ़। पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव में अभी कई महीने का समय बाकी है, लेकिन सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करके चुनावी तैयारियों में बढ़त बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। पार्टी ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को 40 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इस सूची में सबसे प्रमुख नाम पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का है, जिन्हें एक बार फिर धूरी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया गया है।

आम आदमी पार्टी के इस ऐलान के बाद पंजाब की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। पार्टी ने पहली सूची में कई मौजूदा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं पर भरोसा जताया है। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा जैसे प्रमुख चेहरों को भी उम्मीदवार बनाया गया है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, चुनाव से काफी पहले उम्मीदवारों की घोषणा करना पार्टी की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दिल्ली में हुई बैठक के बाद जारी हुई पहली सूची
आम आदमी पार्टी की उम्मीदवारों के चयन को लेकर दिल्ली में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक में पंजाब की सभी राजनीतिक परिस्थितियों, विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति और संभावित उम्मीदवारों की चुनावी संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसके बाद पार्टी ने 40 उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया।
पार्टी की ओर से जारी सूची में अधिकांश मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि आम आदमी पार्टी फिलहाल अपने मौजूदा जनप्रतिनिधियों और उनके क्षेत्रीय प्रभाव पर भरोसा करते हुए चुनावी मैदान में उतरना चाहती है।
धूरी विधानसभा सीट से फिर चुनाव लड़ेंगे भगवंत मान
इस पहली सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। पार्टी ने उन्हें संगरूर जिले की धूरी विधानसभा सीट से दोबारा उम्मीदवार घोषित किया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भगवंत मान ने इसी सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था।
मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल और सरकार की नीतियां आगामी चुनाव में प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बन सकती हैं। धूरी सीट से दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले को पार्टी की ओर से अपने मुख्यमंत्री पर भरोसा जताने के रूप में देखा जा रहा है।
भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी वर्ष 2027 के चुनाव में एक बार फिर पंजाब की सत्ता हासिल करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। पार्टी के सामने अपनी सरकार के कामकाज को जनता के बीच रखने और विपक्षी दलों के सवालों का जवाब देने की चुनौती भी होगी।
विधानसभा अध्यक्ष और कई मंत्रियों को मिला टिकट
आम आदमी पार्टी की पहली सूची में पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिम सीट से टिकट दिया गया है।
संजीव अरोड़ा का नाम भी इस सूची में चर्चा का विषय बना हुआ है। वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार होने के बाद न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में पार्टी की ओर से उन्हें उम्मीदवार घोषित करना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी मामले में आरोप या गिरफ्तारी को दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
इसके अलावा पूर्व मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से उम्मीदवार बनाया गया है। इनमें अमृतसर दक्षिण से डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल, करतारपुर से बलकार सिंह और होशियारपुर से ब्रह्म शंकर शर्मा जिम्पा प्रमुख नाम हैं।
पहली सूची में शामिल 40 उम्मीदवारों के नाम
आम आदमी पार्टी की ओर से जारी पहली सूची में निम्नलिखित उम्मीदवारों को जगह दी गई है:
- बटाला – अमनशेर सिंह (शेरी कलसी)
- अजनाला – कुलदीप सिंह धालीवाल
- अमृतसर दक्षिण – डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर
- तरनतारन – हरमीत सिंह संधू
- खेमकरण – सरवन सिंह धुन
- नकोदर – इंदरजीत कौर मान
- करतारपुर – बलकार सिंह
- दसूहा – करमबीर सिंह घुम्मन
- उरमर – जसवीर सिंह राजा गिल
- होशियारपुर – ब्रह्म शंकर शर्मा जिम्पा
- चब्बेवाल – ईशांक कुमार चब्बेवाल
- गढ़शंकर – जय कृष्ण सिंह रौड़ी
- बलाचौर – संतोष कटारिया
- रूपनगर – दिनेश चड्ढा
- एसएएस नगर – कुलवंत सिंह
- फतेहगढ़ साहिब – लखबीर सिंह राय
- अमलोह – गुरिंदर सिंह गैरी वड़िंग
- समराला – जगतार सिंह दियालपुरा
- लुधियाना पूर्व – दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला
- आत्म नगर – कुलवंत सिंह सिद्धू
- लुधियाना केंद्रीय – अशोक पराशर पप्पी
- लुधियाना पश्चिम – संजीव अरोड़ा
- लुधियाना उत्तर – चौधरी मदन लाल बग्गा
- पायल – मनविंदर सिंह ग्यासपुरा
- निहाल सिंह वाला – मनजीत सिंह बिलासपुर
- बाघापुराना – अमृतपाल सिंह सुखानंद
- मोगा – डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा
- धर्मकोट – देविंदर जीत सिंह लाडी ढोस
- जलालाबाद – जगदीप कंबोज गोल्डी
- फाजिल्का – नरिंदरपाल सिंह सवना
- मुक्तसर – जगदीप सिंह काका बराड़
- कोटकपूरा – कुलतार सिंह संधवां
- जैतो – अमोलक सिंह
- तलवंडी साबो – बलजिंदर कौर
- सरदूलगढ़ – गुरप्रीत सिंह बनावाली
- भदौड़ – लाभ सिंह उगोके
- महल कलां – कुलवंत सिंह पंडोरी
- अमरगढ़ – जसवंत सिंह गज्जन माजरा
- धूरी – भगवंत मान
- पटियाला – अजीतपाल सिंह कोहली
महिलाओं और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को भी प्रतिनिधित्व
पहली सूची में आम आदमी पार्टी ने महिलाओं और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को भी जगह दी है। घोषित 40 नामों में चार महिला उम्मीदवार शामिल हैं। इनमें नकोदर से इंदरजीत कौर मान, बलाचौर से संतोष कटारिया, मोगा से डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और तलवंडी साबो से बलजिंदर कौर को उम्मीदवार बनाया गया है।
इसके अलावा सूची में सात अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को भी स्थान मिला है। पंजाब की राजनीति में सामाजिक समीकरणों का विशेष महत्व है। ऐसे में उम्मीदवारों के चयन में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देना राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
117 विधानसभा सीटों पर होगा चुनाव
पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 92 सीटों पर जीत हासिल की थी। कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं। इस परिणाम के बाद राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और भगवंत मान मुख्यमंत्री बने।
अब 2027 के चुनाव में पार्टी के सामने अपनी पिछली सफलता को दोहराने की चुनौती होगी। पंजाब विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 16 मार्च 2027 को समाप्त होने वाला है। ऐसे में आगामी वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। हालांकि, चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी निर्वाचन आयोग की ओर से नहीं की गई है।
विपक्षी दलों के सामने बढ़ी राजनीतिक चुनौती
आम आदमी पार्टी की ओर से 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद पंजाब के अन्य राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल सहित अन्य दलों के सामने अब अपनी चुनावी रणनीति को और मजबूत करने की चुनौती होगी।
विपक्षी दल आगामी चुनाव में सरकार के कामकाज, कानून-व्यवस्था, रोजगार, किसानों की समस्याओं, नशे के खिलाफ कार्रवाई, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और राज्य की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों को उठा सकते हैं।
वहीं आम आदमी पार्टी अपने शासनकाल में किए गए कार्यों और योजनाओं को जनता के सामने रखकर दोबारा समर्थन हासिल करने की कोशिश करेगी। चुनावी मुकाबले में दोनों पक्षों की रणनीति और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
चुनाव से पहले उम्मीदवारों की घोषणा क्यों है महत्वपूर्ण?
आमतौर पर राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव की तारीखों के नजदीक आने पर उम्मीदवारों की घोषणा करते हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस बार काफी पहले 40 उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं।
इसका एक प्रमुख उद्देश्य उम्मीदवारों को अपने विधानसभा क्षेत्रों में पहले से सक्रिय होने का अवसर देना हो सकता है। इससे प्रत्याशियों को स्थानीय लोगों से संपर्क स्थापित करने, क्षेत्र की समस्याओं को समझने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है।
इसके साथ ही पार्टी को अपने उम्मीदवारों के प्रदर्शन और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों पर नजर रखने का अवसर भी मिलेगा। हालांकि, चुनाव में उम्मीदवार घोषित होना जीत की गारंटी नहीं है। अंतिम फैसला मतदाताओं के हाथ में होगा।
अब दूसरी सूची पर टिकी निगाहें
पहली सूची जारी होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में आम आदमी पार्टी की दूसरी उम्मीदवार सूची को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी ने फिलहाल 117 विधानसभा सीटों में से 40 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। शेष सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा बाद में किए जाने की संभावना है।
पंजाब में 2027 का विधानसभा चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण होने वाला है। एक तरफ आम आदमी पार्टी अपनी सत्ता बचाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी दल सरकार को चुनौती देकर सत्ता में वापसी का प्रयास करेंगे।
फिलहाल भगवंत मान को धूरी से दोबारा उम्मीदवार घोषित करना और 40 नेताओं की पहली सूची जारी करना आम आदमी पार्टी का बड़ा चुनावी कदम माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी की यह शुरुआती रणनीति आगामी विधानसभा चुनाव में कितना प्रभाव डालती है और पंजाब की जनता किस राजनीतिक दल को सरकार बनाने का अवसर देती है।