दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली से पहले राहुल गांधी की व्यापारियों से अपील, बोले- विरोध प्रदर्शन के साथ त्योहारों की खरीदारी भी करें

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नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026। राजधानी दिल्ली में INDIA गठबंधन की प्रस्तावित मेगा रैली को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने वाले लोगों से विशेष अपील की है कि वे विरोध प्रदर्शन और मार्च में भाग लेने के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों से त्योहारों की खरीदारी भी करें। उनका कहना है कि इस आयोजन से दिल्ली के व्यापारियों को आर्थिक नुकसान नहीं होना चाहिए, बल्कि छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को इसका लाभ मिलना चाहिए।

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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में सभी प्रतिभागियों को स्थानीय बाजारों और दुकानों से सामान खरीदकर व्यापारियों का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने दीपावली, छठ और भाई दूज जैसे त्योहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय बाजारों में खरीदारी और व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी ने दिया ‘प्रदर्शन भी, खरीदारी भी’ का संदेश

राहुल गांधी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले लोगों को स्थानीय व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आने वाले लोगों के पास बाजारों में खरीदारी करने का भी अवसर होगा।

कांग्रेस नेता के मुताबिक, प्रदर्शन करना और व्यापारियों की मदद करना दोनों काम एक साथ किए जा सकते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे दिल्ली के छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें, जिससे त्योहारों के मौसम में उनका कारोबार बढ़ सके।

राहुल गांधी ने अपने संदेश में भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी INDIA गठबंधन की रैली को लेकर व्यापारियों के बीच भ्रम और आशंकाएं फैलाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, यह दावा गलत है कि रैली के कारण व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित होंगी।

उन्होंने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध और स्थानीय कारोबार को समर्थन देने के बीच कोई टकराव नहीं होना चाहिए।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित है बड़ी रैली

INDIA गठबंधन की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़े स्तर पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। गठबंधन का उद्देश्य राजनीतिक और सार्वजनिक मुद्दों को लेकर अपनी बात रखना तथा विभिन्न विपक्षी दलों के बीच एकजुटता प्रदर्शित करना है।

रैली को लेकर राजधानी में राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। अलग-अलग विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, कार्यक्रम में संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने इसके आयोजन की तारीख और व्यवस्थाओं को लेकर चिंता व्यक्त की है।

व्यापारिक संगठनों ने जताई बाजार प्रभावित होने की आशंका

दिल्ली के व्यापारियों का कहना है कि नवंबर का शुरुआती समय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। दीपावली के आसपास बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ती है और दुकानदारों को पूरे वर्ष के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा इसी अवधि में प्राप्त होता है।

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पत्र लिखकर प्रस्तावित रैली की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। संगठन का तर्क है कि इतने बड़े आयोजन के कारण राजधानी के प्रमुख व्यापारिक इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

CTI के अनुसार, रैली में लगभग 10 लाख लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा 15 हजार से 20 हजार वाहनों के दिल्ली के मध्य हिस्से में पहुंचने की संभावना भी चिंता का विषय बताई गई है।

व्यापारिक संगठन का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के आने से सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच मुश्किल हो सकती है और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

20 ऐतिहासिक बाजारों में यातायात प्रभावित होने का डर

CTI ने अपने पत्र में आशंका जताई कि रैली के कारण दिल्ली के लगभग 20 प्रमुख ऐतिहासिक बाजारों की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। संगठन के मुताबिक, यदि बड़ी संख्या में वाहन एक साथ राजधानी के व्यस्त इलाकों में पहुंचते हैं तो पार्किंग की समस्या गंभीर हो सकती है।

व्यापारियों ने यह भी कहा कि बाजारों में पहले से ही त्योहारों के कारण ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी हुई है। ऐसे समय में यदि मुख्य सड़कों पर जाम लगता है तो लोगों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

संगठन ने सुझाव दिया कि 1 नवंबर को निर्धारित कार्यक्रम को दीपावली के बाद किसी दूसरी तारीख पर आयोजित किया जाए। इससे राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ व्यापारिक हितों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।

सदर बाजार व्यापार संघ ने भी उठाए सवाल

दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक केंद्र सदर बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन ने भी रैली के आयोजन को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

व्यापार संघ ने राहुल गांधी को भेजे गए पत्र में बताया कि धनतेरस से दीपावली तक का समय कारोबारियों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक अवसरों में शामिल होता है। इस दौरान बाजारों में ग्राहकों की संख्या काफी बढ़ जाती है और छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े कारोबारियों तक को अच्छी बिक्री की उम्मीद रहती है।

संघ के अनुसार, इस त्योहार अवधि में दिल्ली के व्यापार का अनुमानित कारोबार लगभग 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में बाजारों में यातायात और आवाजाही बाधित होने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।

व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान होने वाली बिक्री से हजारों दुकानदारों, कर्मचारियों और छोटे कारोबारियों की सालाना आमदनी जुड़ी होती है। इसलिए इस समय बाजारों की सामान्य व्यवस्था बनाए रखना बेहद आवश्यक है।

राजनीतिक आयोजन और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन की चुनौती

दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर सामने आया विवाद राजनीतिक कार्यक्रमों और आर्थिक गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता को भी सामने लाता है। एक तरफ राजनीतिक दलों के लिए बड़ी रैलियां जनता तक अपनी बात पहुंचाने का माध्यम होती हैं, वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों के लिए त्योहारों का मौसम पूरे साल की कमाई से जुड़ा होता है।

विशेषज्ञों के नजरिये से ऐसे आयोजनों में प्रशासनिक तैयारियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग की उचित व्यवस्था और बाजारों तक पहुंचने के रास्ते पहले से निर्धारित कर दिए जाएं तो आम लोगों और व्यापारियों को होने वाली परेशानियां कम की जा सकती हैं।

इसके साथ ही रैली में शामिल होने वाले लोगों को भी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और स्थानीय दुकानदारों के कारोबार का ध्यान रखने के लिए जागरूक किया जा सकता है।

छोटे दुकानदारों के लिए राहुल गांधी की अपील का क्या है महत्व?

राहुल गांधी की खरीदारी संबंधी अपील को राजनीतिक संदेश के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़कर भी देखा जा रहा है। दिल्ली में सदर बाजार, चांदनी चौक और अन्य प्रमुख बाजारों में बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी अपना कारोबार चलाते हैं।

त्योहारों के दौरान इन दुकानदारों को कपड़े, सजावटी सामान, घरेलू वस्तुएं, मिठाइयां और अन्य जरूरी उत्पाद बेचने का अवसर मिलता है। यदि बाहर से आने वाले लोग स्थानीय दुकानों से खरीदारी करते हैं तो इससे बाजारों में ग्राहकों की संख्या और बिक्री दोनों बढ़ सकती हैं।

हालांकि, व्यापारियों की आशंकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रैली में आने वाली भीड़ और वाहनों की संख्या के कारण बाजारों तक पहुंच प्रभावित होने की स्थिति में खरीदारी की अपील का अपेक्षित लाभ मिलना मुश्किल हो सकता है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर रहेंगी सभी की निगाहें

अब इस पूरे मामले में दिल्ली प्रशासन और यातायात पुलिस की तैयारियां महत्वपूर्ण होंगी। बड़ी रैली के दौरान सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और आम नागरिकों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना बड़ी चुनौती हो सकती है।

राजधानी के व्यापारियों की मांग है कि बाजारों में सामान्य कारोबार प्रभावित नहीं होना चाहिए। वहीं राहुल गांधी ने रैली में शामिल होने वाले लोगों से व्यापारियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।

कुल मिलाकर, INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली से पहले दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों के साथ व्यापारिक चिंताएं भी चर्चा का विषय बन गई हैं। एक तरफ राहुल गांधी ने प्रदर्शन के साथ खरीदारी का संदेश दिया है, तो दूसरी तरफ व्यापारिक संगठन त्योहारों के महत्वपूर्ण समय में बाजारों की व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजनीतिक आयोजन, प्रशासनिक प्रबंधन और व्यापारियों के हितों के बीच किस तरह संतुलन स्थापित किया जाता है।

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दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली से पहले राहुल गांधी की व्यापारियों से अपील, बोले- विरोध प्रदर्शन के साथ त्योहारों की खरीदारी भी करें

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:नवम्बर 1, 2026

नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026। राजधानी दिल्ली में INDIA गठबंधन की प्रस्तावित मेगा रैली को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने वाले लोगों से विशेष अपील की है कि वे विरोध प्रदर्शन और मार्च में भाग लेने के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों से त्योहारों की खरीदारी भी करें। उनका कहना है कि इस आयोजन से दिल्ली के व्यापारियों को आर्थिक नुकसान नहीं होना चाहिए, बल्कि छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को इसका लाभ मिलना चाहिए।

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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में सभी प्रतिभागियों को स्थानीय बाजारों और दुकानों से सामान खरीदकर व्यापारियों का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने दीपावली, छठ और भाई दूज जैसे त्योहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय बाजारों में खरीदारी और व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी ने दिया ‘प्रदर्शन भी, खरीदारी भी’ का संदेश

राहुल गांधी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले लोगों को स्थानीय व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आने वाले लोगों के पास बाजारों में खरीदारी करने का भी अवसर होगा।

कांग्रेस नेता के मुताबिक, प्रदर्शन करना और व्यापारियों की मदद करना दोनों काम एक साथ किए जा सकते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे दिल्ली के छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें, जिससे त्योहारों के मौसम में उनका कारोबार बढ़ सके।

राहुल गांधी ने अपने संदेश में भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी INDIA गठबंधन की रैली को लेकर व्यापारियों के बीच भ्रम और आशंकाएं फैलाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, यह दावा गलत है कि रैली के कारण व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित होंगी।

उन्होंने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध और स्थानीय कारोबार को समर्थन देने के बीच कोई टकराव नहीं होना चाहिए।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित है बड़ी रैली

INDIA गठबंधन की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़े स्तर पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। गठबंधन का उद्देश्य राजनीतिक और सार्वजनिक मुद्दों को लेकर अपनी बात रखना तथा विभिन्न विपक्षी दलों के बीच एकजुटता प्रदर्शित करना है।

रैली को लेकर राजधानी में राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। अलग-अलग विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, कार्यक्रम में संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने इसके आयोजन की तारीख और व्यवस्थाओं को लेकर चिंता व्यक्त की है।

व्यापारिक संगठनों ने जताई बाजार प्रभावित होने की आशंका

दिल्ली के व्यापारियों का कहना है कि नवंबर का शुरुआती समय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। दीपावली के आसपास बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ती है और दुकानदारों को पूरे वर्ष के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा इसी अवधि में प्राप्त होता है।

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पत्र लिखकर प्रस्तावित रैली की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। संगठन का तर्क है कि इतने बड़े आयोजन के कारण राजधानी के प्रमुख व्यापारिक इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

CTI के अनुसार, रैली में लगभग 10 लाख लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा 15 हजार से 20 हजार वाहनों के दिल्ली के मध्य हिस्से में पहुंचने की संभावना भी चिंता का विषय बताई गई है।

व्यापारिक संगठन का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के आने से सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच मुश्किल हो सकती है और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

20 ऐतिहासिक बाजारों में यातायात प्रभावित होने का डर

CTI ने अपने पत्र में आशंका जताई कि रैली के कारण दिल्ली के लगभग 20 प्रमुख ऐतिहासिक बाजारों की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। संगठन के मुताबिक, यदि बड़ी संख्या में वाहन एक साथ राजधानी के व्यस्त इलाकों में पहुंचते हैं तो पार्किंग की समस्या गंभीर हो सकती है।

व्यापारियों ने यह भी कहा कि बाजारों में पहले से ही त्योहारों के कारण ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी हुई है। ऐसे समय में यदि मुख्य सड़कों पर जाम लगता है तो लोगों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

संगठन ने सुझाव दिया कि 1 नवंबर को निर्धारित कार्यक्रम को दीपावली के बाद किसी दूसरी तारीख पर आयोजित किया जाए। इससे राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ व्यापारिक हितों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।

सदर बाजार व्यापार संघ ने भी उठाए सवाल

दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक केंद्र सदर बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन ने भी रैली के आयोजन को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

व्यापार संघ ने राहुल गांधी को भेजे गए पत्र में बताया कि धनतेरस से दीपावली तक का समय कारोबारियों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक अवसरों में शामिल होता है। इस दौरान बाजारों में ग्राहकों की संख्या काफी बढ़ जाती है और छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े कारोबारियों तक को अच्छी बिक्री की उम्मीद रहती है।

संघ के अनुसार, इस त्योहार अवधि में दिल्ली के व्यापार का अनुमानित कारोबार लगभग 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में बाजारों में यातायात और आवाजाही बाधित होने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।

व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान होने वाली बिक्री से हजारों दुकानदारों, कर्मचारियों और छोटे कारोबारियों की सालाना आमदनी जुड़ी होती है। इसलिए इस समय बाजारों की सामान्य व्यवस्था बनाए रखना बेहद आवश्यक है।

राजनीतिक आयोजन और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन की चुनौती

दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर सामने आया विवाद राजनीतिक कार्यक्रमों और आर्थिक गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता को भी सामने लाता है। एक तरफ राजनीतिक दलों के लिए बड़ी रैलियां जनता तक अपनी बात पहुंचाने का माध्यम होती हैं, वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों के लिए त्योहारों का मौसम पूरे साल की कमाई से जुड़ा होता है।

विशेषज्ञों के नजरिये से ऐसे आयोजनों में प्रशासनिक तैयारियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग की उचित व्यवस्था और बाजारों तक पहुंचने के रास्ते पहले से निर्धारित कर दिए जाएं तो आम लोगों और व्यापारियों को होने वाली परेशानियां कम की जा सकती हैं।

इसके साथ ही रैली में शामिल होने वाले लोगों को भी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और स्थानीय दुकानदारों के कारोबार का ध्यान रखने के लिए जागरूक किया जा सकता है।

छोटे दुकानदारों के लिए राहुल गांधी की अपील का क्या है महत्व?

राहुल गांधी की खरीदारी संबंधी अपील को राजनीतिक संदेश के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़कर भी देखा जा रहा है। दिल्ली में सदर बाजार, चांदनी चौक और अन्य प्रमुख बाजारों में बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी अपना कारोबार चलाते हैं।

त्योहारों के दौरान इन दुकानदारों को कपड़े, सजावटी सामान, घरेलू वस्तुएं, मिठाइयां और अन्य जरूरी उत्पाद बेचने का अवसर मिलता है। यदि बाहर से आने वाले लोग स्थानीय दुकानों से खरीदारी करते हैं तो इससे बाजारों में ग्राहकों की संख्या और बिक्री दोनों बढ़ सकती हैं।

हालांकि, व्यापारियों की आशंकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रैली में आने वाली भीड़ और वाहनों की संख्या के कारण बाजारों तक पहुंच प्रभावित होने की स्थिति में खरीदारी की अपील का अपेक्षित लाभ मिलना मुश्किल हो सकता है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर रहेंगी सभी की निगाहें

अब इस पूरे मामले में दिल्ली प्रशासन और यातायात पुलिस की तैयारियां महत्वपूर्ण होंगी। बड़ी रैली के दौरान सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और आम नागरिकों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना बड़ी चुनौती हो सकती है।

राजधानी के व्यापारियों की मांग है कि बाजारों में सामान्य कारोबार प्रभावित नहीं होना चाहिए। वहीं राहुल गांधी ने रैली में शामिल होने वाले लोगों से व्यापारियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।

कुल मिलाकर, INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली से पहले दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों के साथ व्यापारिक चिंताएं भी चर्चा का विषय बन गई हैं। एक तरफ राहुल गांधी ने प्रदर्शन के साथ खरीदारी का संदेश दिया है, तो दूसरी तरफ व्यापारिक संगठन त्योहारों के महत्वपूर्ण समय में बाजारों की व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजनीतिक आयोजन, प्रशासनिक प्रबंधन और व्यापारियों के हितों के बीच किस तरह संतुलन स्थापित किया जाता है।