बहराइच: भैंसहिया में कोटेदार के नाम पर पैसे लेने का आरोप, गंगाराम पर उठे सवाल; ग्रामीणों में नाराजगी

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रुमा पांडेय

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता बहराइच

सुजौली (बहराइच), 2 नवंबर 2026।

उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के सुजौली क्षेत्र अंतर्गत तपरा बाजार के पास स्थित भैंसहिया गांव में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था से जुड़ा एक मामला सामने आया है। यहां कोटे की दुकान और उससे संबंधित लेनदेन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में गुंजा देवी के नाम से सरकारी राशन की दुकान संचालित होने की बात बताई जा रही है। वहीं, गंगाराम नामक व्यक्ति पर कोटे के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है।

मामले में सामने आई शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भैंसहिया गांव की राशन दुकान गुंजा देवी के नाम से दर्ज बताई गई है। आरोप है कि गंगाराम ने कोटे के नाम पर किसी व्यक्ति से पैसे लिए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पैसे किससे लिए गए, कितनी धनराशि ली गई और किस उद्देश्य से लेनदेन किया गया। इन सभी बिंदुओं की पुष्टि संबंधित पक्षों और विभागीय अधिकारियों से किया जाना आवश्यक है।

गुंजा देवी के नाम पर है राशन की दुकान

सरकारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र राशन कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में उचित दर की दुकानों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि बड़ी संख्या में परिवार अपनी खाद्य जरूरतों के लिए सरकारी राशन पर निर्भर रहते हैं।

भैंसहिया गांव में गुंजा देवी के नाम से कोटे की दुकान होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में दुकान के संचालन, राशन वितरण और उससे जुड़े किसी भी आर्थिक लेनदेन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। यदि दुकान के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पैसे लिए जाने की शिकायत है, तो उसकी जांच संबंधित विभाग को करनी चाहिए।

गंगाराम पर पैसे लेने का आरोप

प्राप्त जानकारी में गंगाराम का नाम सामने आया है। आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कोटे के नाम पर पैसे लिए हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई विस्तृत लिखित शिकायत, भुगतान का प्रमाण या संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है।

इसलिए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। यह भी जरूरी है कि गंगाराम का पक्ष सामने आए, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यदि किसी प्रकार का अनुचित आर्थिक लेनदेन हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

राशन कार्डधारकों के हितों की सुरक्षा जरूरी

सरकारी राशन वितरण व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। राशन कार्डधारकों को निर्धारित नियमों के अनुसार मिलने वाले खाद्यान्न के बदले किसी भी तरह की अनधिकृत वसूली नहीं होनी चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार राशन दुकानों के संचालन और वितरण प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ताओं की बात सुनना, अभिलेखों की जांच करना और मौके पर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करना आवश्यक होता है।

आपूर्ति विभाग से जांच की अपेक्षा

भैंसहिया गांव में सामने आए इस मामले को लेकर संबंधित आपूर्ति विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। विभागीय अधिकारियों द्वारा उचित दर की दुकान के अभिलेख, राशन वितरण रजिस्टर, ई-पॉस मशीन से संबंधित रिकॉर्ड और लेनदेन की जानकारी की जांच की जा सकती है।

इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि गुंजा देवी के नाम से दर्ज दुकान का संचालन वास्तव में कौन कर रहा है और गंगाराम की इस व्यवस्था में क्या भूमिका है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का इंतजार

सुजौली क्षेत्र के तपरा बाजार के पास स्थित भैंसहिया गांव से जुड़ा यह मामला सरकारी राशन व्यवस्था की पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों और राशन कार्डधारकों के हित में जरूरी है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।

फिलहाल गंगाराम पर पैसे लेने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान और आपूर्ति विभाग की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट: रूमा पांडेय, पत्रकार, बहराइच हिट एंड हॉट न्यूज़

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