जालौन में रोजगार मेले से युवाओं को मिली बड़ी सौगात, 1510 अभ्यर्थियों में से 962 का हुआ प्राथमिक चयन
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
दयानन्द वैदिक कॉलेज में आयोजित वृहद रोजगार मेला-2026 में उमड़ी युवाओं की भीड़, विधायक विनोद चतुर्वेदी और जिलाधिकारी समीर ने किया शुभारंभ; आधुनिक तकनीक और कौशल विकास के साथ आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश

उरई (जालौन)। जनपद जालौन के शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया। उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत जिला सेवायोजन कार्यालय उरई की ओर से दयानन्द वैदिक कॉलेज के मुख्य परिसर में वृहद रोजगार मेला-2026 का आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने पहुंचकर विभिन्न कंपनियों एवं नियोजक संस्थाओं के सामने अपनी शैक्षिक योग्यता, कौशल और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन में करीब 1510 रोजगार इच्छुक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कर प्रतिभाग किया, जिनमें से अलग-अलग नियोजक संस्थाओं ने 962 अभ्यर्थियों का प्राथमिक स्तर पर चयन किया।
इस आयोजन को जनपद में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को निजी क्षेत्र की कंपनियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मेले में युवाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों से मिलने, नौकरी से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने और चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया रोजगार मेले का शुभारंभ
दयानन्द वैदिक कॉलेज परिसर में आयोजित रोजगार मेले का उद्घाटन कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी समीर तथा मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद अतिथियों ने रोजगार मेले में लगाए गए विभिन्न नियोजक संस्थानों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कंपनियों के प्रतिनिधियों से उपलब्ध रिक्तियों, अभ्यर्थियों की आवश्यक योग्यता, चयन प्रक्रिया और रोजगार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने यह भी जाना कि अलग-अलग शैक्षिक पृष्ठभूमि और तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए किस प्रकार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
रोजगार मेले में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी शैक्षिक योग्यता से संबंधित दस्तावेजों के साथ पहुंचे और विभिन्न संस्थानों में नौकरी पाने के लिए आवेदन एवं साक्षात्कार की प्रक्रिया में शामिल हुए।
962 युवाओं को मिला प्राथमिक चयन का अवसर
इस रोजगार मेले की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 962 अभ्यर्थियों का प्राथमिक चयन रहा। करीब 1510 युवाओं ने रोजगार प्राप्त करने की उम्मीद के साथ मेले में हिस्सा लिया। विभिन्न नियोजक संस्थाओं ने अभ्यर्थियों की योग्यता, अनुभव, कौशल और निर्धारित मानकों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।
प्राथमिक चयन की इस उपलब्धि से युवाओं में उत्साह देखने को मिला। रोजगार मेले का मुख्य उद्देश्य केवल नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि युवाओं को उनकी क्षमता और योग्यता के अनुसार सही संस्थानों तक पहुंचाना भी था।
जिला सेवायोजन कार्यालय की इस पहल के माध्यम से युवाओं को अलग-अलग कंपनियों में आवेदन करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में भटकने के बजाय एक ही परिसर में कई संस्थानों से जुड़ने का अवसर मिला। इससे समय और संसाधनों की बचत के साथ रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने का प्रयास किया गया।
हालांकि, प्राथमिक चयन को अंतिम नियुक्ति नहीं माना जा सकता। चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित नियोजक संस्थाओं की आगे की प्रक्रिया और निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा।
युवाओं के लिए रोजगार मेले महत्वपूर्ण मंच : डॉ. घनश्याम अनुरागी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि रोजगार मेले युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता दिखाने का एक प्रभावी मंच प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और रोजगार उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित होता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के सामने रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं, लेकिन इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए आवश्यक है कि वे अपनी योग्यता के साथ व्यावहारिक कौशल को भी मजबूत बनाएं। रोजगार मेले युवाओं को अपनी क्षमताओं के अनुरूप संस्थानों का चयन करने और भविष्य की दिशा तय करने में मदद करते हैं।
उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कौशल विकास के साथ रोजगार के अवसर अपनाएं युवा : विधायक विनोद चतुर्वेदी
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है। रोजगार मेले इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जहां युवाओं को विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि केवल शैक्षिक डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में युवाओं के लिए अपने कौशल को लगातार विकसित करना भी जरूरी है। तकनीकी ज्ञान, संवाद क्षमता और कार्य करने की दक्षता युवाओं को रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने में सहायता करती है।
विधायक ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी अवसर को छोटा न समझें और अपनी रुचि एवं योग्यता के अनुसार उपलब्ध रोजगार के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करें।
एआई और कंप्यूटर तकनीक का ज्ञान भविष्य के लिए जरूरी : जिलाधिकारी समीर
जिलाधिकारी समीर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदलती तकनीक और कड़ी प्रतिस्पर्धा का दौर है। रोजगार के पारंपरिक स्वरूप में बदलाव हो रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में नई तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को अपनी शैक्षिक योग्यता के साथ आधुनिक तकनीकी ज्ञान भी हासिल करना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि आने वाले समय में तकनीकी दक्षता रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इसलिए युवाओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार नई तकनीकों को सीखने और उनका सही उपयोग करने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संचालित रोजगारपरक योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ उठाकर युवा अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे अपनी योग्यता, रुचि और क्षमता के अनुरूप रोजगार का चयन करें तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें।
जिलाधिकारी ने युवाओं को मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया।
शिक्षा के साथ रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा कॉलेज
दयानन्द वैदिक कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर राजेश चंद्र पांडेय ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का प्रयास केवल विद्यार्थियों को शैक्षिक ज्ञान उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।
उन्होंने बताया कि संस्थान शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और रोजगारोन्मुखी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों और युवाओं को वास्तविक रोजगार की दुनिया से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने रोजगार मेले के आयोजन के लिए जिला प्रशासन और सेवायोजन विभाग के प्रयासों की सराहना की।
सेवायोजन विभाग ने युवाओं को दी अवसरों की जानकारी
जिला सेवायोजन अधिकारी आलोक मिश्र ने रोजगार मेले के उद्देश्य और विभाग की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सेवायोजन विभाग का प्रमुख उद्देश्य रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और नियोजक संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनकी क्षमता के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि वे रोजगार मेले में उपलब्ध अवसरों का गंभीरता से लाभ उठाएं। साथ ही अपनी शैक्षिक योग्यता, तकनीकी दक्षता और कार्य अनुभव के आधार पर उपयुक्त संस्थान का चयन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित पात्रता शर्तों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
कई अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
वृहद रोजगार मेला-2026 के इस आयोजन में विधान परिषद सदस्य डॉ. बाबूलाल तिवारी के प्रतिनिधि मयंक त्रिपाठी, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, आईटीआई के प्रधानाचार्य मानसिंह भारती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, नियोजक संस्थाओं के प्रतिनिधि और महाविद्यालय के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने रोजगार मेले में भाग लेकर नौकरी पाने की दिशा में प्रयास किया।
रोजगार के क्षेत्र में युवाओं के लिए नई उम्मीद
जालौन में आयोजित इस वृहद रोजगार मेले ने एक बार फिर यह साबित किया कि सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों और निजी नियोजक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करके युवाओं तक रोजगार के अवसर पहुंचाए जा सकते हैं। 1510 अभ्यर्थियों की भागीदारी और 962 युवाओं का प्राथमिक चयन इस आयोजन की प्रमुख उपलब्धि रही।
रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए ऐसे आयोजन न केवल नौकरी पाने का अवसर उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उन्हें अपनी क्षमता पहचानने, साक्षात्कार का अनुभव हासिल करने और भविष्य के लिए जरूरी कौशल विकसित करने की प्रेरणा भी देते हैं।
जिला प्रशासन और सेवायोजन विभाग की इस पहल से उम्मीद है कि जनपद के अधिक से अधिक युवा रोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे और जिले के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
