दीपावली पर आतिशबाजी की दुकानों का सीओ अम्बुज सिंह यादव और कोतवाल विनोद मिश्रा ने किया सघन निरीक्षण, सुरक्षा मानकों के पालन के दिए निर्देश
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
क्रासर : त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन अलर्ट, दुकानों पर बालू, पानी और अग्निशमन उपकरण रखने के निर्देश; लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई

उरई (जालौन)। दीपावली के त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जालौन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। त्योहार के दौरान आतिशबाजी की दुकानों पर होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी अम्बुज सिंह यादव और कोतवाली प्रभारी विनोद मिश्रा ने माधौगढ़ क्षेत्र में लगाई गई आतिशबाजी की दुकानों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने दुकानों की व्यवस्थाओं को परखा और दुकानदारों को सुरक्षा नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करने की हिदायत दी।
दीपावली के अवसर पर पटाखों की खरीदारी के लिए बाजारों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में आतिशबाजी की दुकानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन जाती है। पटाखों की दुकानों में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण छोटी सी असावधानी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए क्षेत्राधिकारी और कोतवाली प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर दुकानों की स्थिति का जायजा लिया और विक्रेताओं को आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।
दुकानदारों को दिए गए सुरक्षा के स्पष्ट निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आतिशबाजी के फुटकर विक्रेता मुबारक, रामनरेश, मुन्नालाल, इक्लास, दीपेश, फिरोज और सुनील कुमार समेत अन्य दुकानदारों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटाखों की बिक्री करते समय निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना प्रत्येक दुकानदार की जिम्मेदारी है। किसी भी दुकान पर सुरक्षा इंतजामों में कमी नहीं होनी चाहिए। त्योहार के दौरान ग्राहकों की भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए दुकानदार पहले से ही आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें।
क्षेत्राधिकारी अम्बुज सिंह यादव ने दुकानदारों को विशेष रूप से आग से बचाव के इंतजाम दुरुस्त रखने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकान पर पर्याप्त मात्रा में बालू और पानी उपलब्ध होना चाहिए। इसके अलावा आग बुझाने के लिए जरूरी अग्निशमन उपकरण भी रखे जाएं, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल बचाव के उपाय किए जा सकें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल दुकान खोलकर पटाखों की बिक्री करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां आने वाले ग्राहकों और आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने दुकानों के आसपास भीड़ प्रबंधन को लेकर भी दुकानदारों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी की दुकानों के सामने अनावश्यक रूप से लोगों का जमावड़ा नहीं लगना चाहिए। ग्राहकों की आवाजाही व्यवस्थित रहे और किसी भी परिस्थिति में रास्ता अवरुद्ध न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
अधिकारियों ने वाहन चालकों को भी निर्धारित स्थान पर ही वाहन खड़े करने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। दुकानों के आसपास बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े होने से आवागमन प्रभावित होता है और भीड़ बढ़ने पर परेशानी पैदा हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी दुर्घटना की स्थिति में दमकल विभाग की गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता मिलना चाहिए। इसलिए दुकानदारों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी दुकानों के आसपास रास्ते को खाली रखें और ग्राहकों को भी यातायात व्यवस्था का पालन करने के लिए जागरूक करें।
फायर ब्रिगेड की टीम भी रखेगी लगातार नजर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आतिशबाजी की दुकानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केवल एक बार निरीक्षण करके जिम्मेदारी समाप्त नहीं मानी जाएगी। त्योहार के दौरान संबंधित विभागों की ओर से लगातार निगरानी रखी जाएगी। फायर ब्रिगेड की टीम भी दुकानों पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेती रहेगी, जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते पहचाना जा सके।
पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर दोबारा निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दुकानदारों ने दिए गए निर्देशों को गंभीरता से लागू किया है या नहीं। यदि किसी दुकान पर सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई जाती है तो संबंधित दुकानदार को आवश्यक कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। अधिकारियों का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि त्योहार के दौरान आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, नियमों का पालन करना अनिवार्य
क्षेत्राधिकारी अम्बुज सिंह यादव और कोतवाली प्रभारी विनोद मिश्रा ने दुकानदारों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि आतिशबाजी की बिक्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विक्रेता प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करें। दुकान पर आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम रखें और ग्राहकों को भी सुरक्षित तरीके से खरीदारी करने के लिए प्रेरित करें।
अधिकारियों ने यह भी संदेश दिया कि त्योहार की खुशियां तभी सार्थक हैं, जब सभी लोग सुरक्षित रहें। पटाखों की बिक्री के दौरान नियमों की अनदेखी करने से दुकानदार के साथ-साथ आसपास के व्यापारियों, ग्राहकों और राहगीरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
सुरक्षित दीपावली के लिए पुलिस प्रशासन की पहल
दीपावली रोशनी, उत्साह और खुशियों का त्योहार है। इस दौरान बाजारों में रौनक बढ़ जाती है और लोग परिवार के साथ खरीदारी करने निकलते हैं। ऐसे में बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। माधौगढ़ क्षेत्र में आतिशबाजी की दुकानों का निरीक्षण इसी दिशा में पुलिस प्रशासन की एक महत्वपूर्ण पहल है।
पुलिस अधिकारियों की सक्रियता से दुकानदारों को सुरक्षा संबंधी जरूरी सावधानियों की जानकारी मिली है। वहीं, प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखने की बात से यह भी स्पष्ट है कि त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
क्षेत्राधिकारी अम्बुज सिंह यादव और कोतवाली प्रभारी विनोद मिश्रा ने सभी दुकानदारों से अपील की कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए जिम्मेदारी के साथ पटाखों की बिक्री करें। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
पुलिस प्रशासन की इस सक्रियता का मुख्य उद्देश्य माधौगढ़ क्षेत्र में दीपावली का त्योहार बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न कराना है, ताकि हर परिवार सुरक्षित माहौल में त्योहार की खुशियां मना सके और क्षेत्र में शांति, सद्भाव एवं उत्साह का वातावरण बना रहे।
