धनतेरस पर जालौन पुलिस ने दिया खुशियों का अनमोल तोहफा, 145 लोगों को लौटाए गुम मोबाइल फोन

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

21 लाख 75 हजार रुपये कीमत के मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे, खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

उरई (जालौन)। दीपावली के त्योहार से ठीक पहले धनतेरस के शुभ अवसर पर जालौन पुलिस ने लोगों को ऐसा उपहार दिया, जिसने कई परिवारों की खुशियों को दोगुना कर दिया। चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों को उस समय बड़ी राहत मिली, जब पुलिस ने उनके खोए हुए मोबाइल तलाशकर वापस सौंप दिए। पुलिस की इस सराहनीय पहल के तहत कुल 145 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है।

धनतेरस के दिन जब लोग बाजारों में खरीदारी कर दीपावली की तैयारियों में जुटे थे, उसी दौरान जालौन पुलिस की इस कार्रवाई ने लोगों के लिए त्योहार की खुशियों को और खास बना दिया। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर किसी के चेहरे पर खुशी दिखाई दी तो किसी ने पुलिस अधिकारियों का आभार जताया। मोबाइल फोन मिलने वाले लोगों के लिए यह किसी अनमोल तोहफे से कम नहीं था।

पुलिस अधीक्षक और एएसपी ने दी जानकारी

इस विशेष अभियान के संबंध में पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत और अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. इशांत सोनी ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता आयोजित कर कार्रवाई की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ और पुलिस महानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र आकाश कुलहरि के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए अभियान चलाया गया था।

अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को राहत पहुंचाना था, जिनके मोबाइल फोन किसी कारणवश खो गए थे या चोरी हो गए थे। मोबाइल गुम होने के बाद आमतौर पर लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जरूरी संपर्क नंबर, व्यक्तिगत दस्तावेज, फोटो और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां खोने की चिंता भी सताती है। ऐसे में पुलिस की इस पहल से मोबाइल स्वामियों को बड़ी राहत मिली।

CEIR पोर्टल बना मोबाइल बरामदगी का मजबूत माध्यम

मोबाइल फोन की तलाश और बरामदगी के लिए जालौन पुलिस ने केंद्र सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद ली। यह पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की पहचान और उन्हें ब्लॉक करने की सुविधा प्रदान करता है। पुलिस ने मोबाइल गुम होने के संबंध में अलग-अलग लोगों की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्रों के आधार पर तकनीकी प्रक्रिया शुरू की।

इसके बाद साइबर तकनीक और उपलब्ध डिजिटल जानकारी की सहायता से विभिन्न थाना क्षेत्रों तथा अन्य जनपदों में गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश की गई। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस टीम को 145 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली।

इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि बरामद किए गए मोबाइल अलग-अलग थाना क्षेत्रों और जनपदों से संबंधित थे। पुलिस ने आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे।

21.75 लाख रुपये के मोबाइल पाकर खिले चेहरे

पुलिस द्वारा बरामद किए गए 145 मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 21 लाख 75 हजार रुपये आंकी गई है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों की खुशी देखते ही बन रही थी। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल खोने के बाद उन्होंने उसे दोबारा मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी।

कुछ लोगों के लिए मोबाइल केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि उनके रोजमर्रा के कामकाज, कारोबार और जरूरी जानकारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में मोबाइल की वापसी उनके लिए आर्थिक राहत के साथ मानसिक सुकून भी लेकर आई।

धनतेरस जैसे शुभ अवसर पर मोबाइल वापस मिलने से लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की प्रशंसा की। मोबाइल स्वामियों ने जालौन पुलिस और अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

एसपी ने लोगों को सौंपे बरामद मोबाइल

पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वितरित किए। इस दौरान मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। लंबे समय से अपने फोन की तलाश कर रहे लोगों को जब उनका मोबाइल वापस मिला तो उनके लिए त्योहार की खुशी और बढ़ गई।

एसपी ने बताया कि मोबाइल बरामदगी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस बार करीब 1000 से अधिक मोबाइल बरामद किए गए हैं। मोबाइल बरामदगी को लेकर पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें तकनीकी सहायता के माध्यम से राहत पहुंचाना है।

साइबर क्राइम टीम की भूमिका रही अहम

इस अभियान को सफल बनाने में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक और उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अलावा जनपद के विभिन्न थानों में गठित साइबर टीमों ने भी मोबाइल फोन की तलाश और बरामदगी में सक्रिय भूमिका निभाई।

मोबाइल फोन की पहचान, तकनीकी जानकारी का विश्लेषण, संबंधित सूचनाओं का मिलान और वास्तविक मालिकों का सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं में टीमों ने मेहनत की। पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में किए गए समन्वित प्रयासों से बरामदगी का अभियान सफल रहा।

आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, शिक्षा, सरकारी सेवाओं, कारोबार और पारिवारिक संपर्क तक के लिए मोबाइल पर निर्भरता बढ़ गई है। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जालौन पुलिस की इस कार्रवाई ने साबित किया कि तकनीक का सही इस्तेमाल आम जनता की समस्याओं के समाधान में कितना उपयोगी हो सकता है।

मोबाइल गुम होने पर क्या करें?

पुलिस की इस कार्रवाई के साथ ही आम नागरिकों के लिए यह जानना भी जरूरी है कि मोबाइल फोन खोने या चोरी होने की स्थिति में उन्हें तत्काल उचित कदम उठाने चाहिए।

  1. मोबाइल गुम होने पर सबसे पहले नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
  2. मोबाइल का IMEI नंबर और खरीदारी से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज सुरक्षित रखें।
  3. केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक कराने के लिए आवेदन करें।
  4. मोबाइल में मौजूद बैंकिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़े खातों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
  5. किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी अथवा OTP साझा न करें।

धनतेरस पर पुलिस की पहल बनी खुशियों की वजह

धनतेरस को आमतौर पर सुख-समृद्धि और नई खरीदारी का पर्व माना जाता है, लेकिन जालौन पुलिस ने इस अवसर पर लोगों को उनकी खोई हुई संपत्ति वापस देकर त्योहार की खुशी में एक अलग रंग भर दिया। जिन लोगों ने अपना मोबाइल खोने के बाद उसे वापस पाने की उम्मीद छोड़ दी थी, उनके लिए यह दिन यादगार बन गया।

पुलिस की यह कार्रवाई केवल मोबाइल बरामदगी तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे आम जनता और पुलिस के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ। तकनीकी संसाधनों, साइबर टीमों की मेहनत और अधिकारियों के निर्देशन में की गई इस पहल ने यह संदेश दिया कि नागरिकों की छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है।

धनतेरस के मौके पर 145 लोगों के हाथों में उनका खोया हुआ मोबाइल लौटाकर जालौन पुलिस ने वास्तव में खुशियों का अनमोल तोहफा दिया। मोबाइल वापस मिलने वालों के लिए इस बार दीपावली की रोशनी के साथ अपनों से जुड़ने की खुशी भी लौट आई।

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