बौध में ‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद–युवा उत्सव’ का भव्य आयोजन, युवाओं ने प्रतिभा और रचनात्मकता का किया प्रदर्शन

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सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

कांतामाल विधायक कन्हाई चरण डांगा ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का किया आह्वान, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार देकर किया सम्मानित

बौध, 30 अक्टूबर 2026। ओडिशा के बौध जिले में युवाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय ‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद–युवा उत्सव’ का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। शहर के टाउन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के माध्यम से युवाओं को अपनी कला, विचारों और कौशल को प्रदर्शित करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझने का अवसर मिला।

इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन ओडिशा सरकार के खेल एवं युवा सेवा विभाग, जिला प्रशासन और MY Bharat के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देना, उनमें नेतृत्व के गुण विकसित करना और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ना रहा।

विधायक कन्हाई चरण डांगा ने युवाओं का बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम की अध्यक्षता बौध के जिलाधिकारी बिभूति भूषण नायक ने की। वहीं कांतामाल के विधायक एवं जिला योजना बोर्ड के अध्यक्ष कन्हाई चरण डांगा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले युवाओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने तथा समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर कंधमाल सांसद के प्रतिनिधि जुगल किशोर सामल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि युवा उत्सव जैसे कार्यक्रम प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे मंचों के माध्यम से युवा अपनी कला और रचनात्मक सोच को लोगों के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करें।

मुख्य अतिथि विधायक कन्हाई चरण डांगा ने अपने संबोधन में युवाओं को देश की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति में युवा वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। युवाओं के भीतर मौजूद ऊर्जा, नए विचार और कुछ नया करने का जज्बा देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

उन्होंने जिले के युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान, हुनर और क्षमताओं का उपयोग समाज के हित में भी करें। राष्ट्र निर्माण के लिए जागरूक नागरिक, जिम्मेदार नेतृत्व और रचनात्मक सोच का होना आवश्यक है।

नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी पर दिया गया जोर

युवा उत्सव के दौरान वक्ताओं ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि युवा अपनी जिम्मेदारियों को किस तरह समझते हैं और समाज के प्रति कितने जागरूक रहते हैं।

कार्यक्रम में युवाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, सामूहिक रूप से काम करने, समस्याओं का समाधान खोजने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ सांस्कृतिक समझ, सामाजिक संवेदनशीलता और रचनात्मक गतिविधियां भी युवा विकास के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

युवा पीढ़ी में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें अपनी प्रतिभा पहचानने का अवसर देने के लिए इस तरह के आयोजनों को उपयोगी बताया गया।

चित्रकला और कविता लेखन में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा

युवा उत्सव में व्यक्तिगत और सामूहिक श्रेणियों के अंतर्गत कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में चित्रकला और कविता लेखन को शामिल किया गया था। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी कल्पनाशक्ति, भावनाओं और विचारों को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक समझ और कल्पनाशीलता का परिचय दिया। इस प्रतियोगिता में सिद्धार्थ सिंह ने पहला स्थान प्राप्त किया। शिखा मलिक दूसरे और देबप्रसाद बादामाली तीसरे स्थान पर रहे।

इसी प्रकार कविता लेखन प्रतियोगिता में युवाओं ने अपने विचारों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। इस प्रतियोगिता में अरत साहू ने प्रथम स्थान हासिल किया। झिली रानी बेहरा को दूसरा और तृप्तिमयी भंजा को तीसरा स्थान मिला।

दोनों प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों के प्रदर्शन ने यह दिखाया कि जिले के युवाओं में साहित्य और कला के प्रति भी गहरी रुचि है।

नुक्कड़ नाटक से सामाजिक संदेश देने का प्रयास

कार्यक्रम में सामूहिक प्रतियोगिताओं के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, लोकनृत्य और लोकसंगीत की प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना और सामूहिक अभिव्यक्ति के लिए मंच उपलब्ध कराना था।

नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। गेल्हामा कलानिकेतन दूसरे स्थान पर रहा, जबकि पॉलिटेक्निक कॉलेज बौध को तीसरा स्थान मिला।

नुक्कड़ नाटक सामाजिक जागरूकता का एक प्रभावशाली माध्यम माना जाता है। इसके जरिए युवा विभिन्न सामाजिक विषयों को सरल और प्रभावशाली तरीके से लोगों के सामने रख सकते हैं। प्रतियोगिता में शामिल संस्थानों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सामूहिक कला और मंचीय अभिव्यक्ति का प्रदर्शन किया।

लोकनृत्य और लोकसंगीत में दिखी ओडिशा की सांस्कृतिक झलक

बौध जिले के युवा उत्सव में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को विशेष स्थान दिया गया। लोकनृत्य तथा लोकसंगीत की प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से क्षेत्रीय कला और संगीत की विशेषताओं को प्रदर्शित किया।

लोकनृत्य प्रतियोगिता में आईटीआई बौध ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं लोकसंगीत प्रतियोगिता में संगीतम, बौध ने पहला स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश भी सामने आया कि आधुनिक विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना आवश्यक है। युवा पीढ़ी यदि अपनी परंपराओं और लोककलाओं से जुड़ी रहेगी तो क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगी।

विजेताओं को प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार देकर किया सम्मानित

प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित होने के बाद सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उनकी उपलब्धियों के लिए प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

आयोजकों ने प्रतिभागियों की मेहनत और प्रदर्शन की सराहना की। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन करने वाले निर्णायकों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। निर्णायकों के योगदान को कार्यक्रम की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

पुरस्कार वितरण के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने अपनी उपलब्धियों पर खुशी जाहिर की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में हिस्सा लेने की इच्छा व्यक्त की।

अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला खेल अधिकारी ज्योति रंजन भूए और जिला संस्कृति अधिकारी अंकिता साहू ने आयोजन के समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।

जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी विद्यापति पांडा ने कार्यक्रम का संचालन किया। वहीं सहायक कलेक्टर चांदिनी मेहर ने आयोजन की व्यवस्थाओं की निगरानी की।

इसके अलावा शुभ्रजीत दानी, अस्मान महाकुड़ और जितेंद्र मोहंती ने कार्यक्रम के संचालन और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया। सभी संबंधित अधिकारियों और सहयोगियों के प्रयास से प्रतियोगिताओं तथा सम्मान समारोह का आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

युवाओं के लिए प्रेरणा बना जिला स्तरीय युवा उत्सव

बौध में आयोजित ‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद–युवा उत्सव’ केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने जिले के युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर दिया। अलग-अलग कॉलेजों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों तथा विभिन्न युवा क्लबों से जुड़े 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ दूसरे प्रतिभागियों से सीखने और नए अनुभव प्राप्त करने का अवसर देते हैं। एक ही मंच पर कला, साहित्य, संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन युवाओं के लिए उत्साहवर्धक रहा।

इस आयोजन ने यह भी स्पष्ट किया कि विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक और तकनीकी प्रगति से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए जागरूक, जिम्मेदार, कुशल और रचनात्मक युवाओं की भागीदारी भी जरूरी है।

बौध जिला प्रशासन और आयोजन से जुड़े विभागों की यह पहल स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने तथा उनमें नेतृत्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई। युवा उत्सव के माध्यम से युवाओं को अपनी क्षमताओं का विस्तार करने, सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने और देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा मिली।

निष्कर्षतः, बौध का यह जिला स्तरीय युवा उत्सव कला, संस्कृति, प्रतिभा और नेतृत्व का संगम बनकर सामने आया। कार्यक्रम में सम्मानित हुए विजेताओं के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों के लिए यह आयोजन एक यादगार अनुभव रहा। ऐसे मंचों के निरंतर आयोजन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को समान अवसर मिल सकते हैं तथा विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भागीदारी और अधिक मजबूत हो सकती है।

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