बसपा की प्रांतीय बैठक में कालपी के प्रभारी प्रत्याशी वीरपाल चौहान ने लिया हिस्सा, बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
कालपी/जालौन, 25 सितंबर 2026। बहुजन समाज पार्टी की ओर से लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में कालपी विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी प्रत्याशी वीरपाल सिंह चौहान ने सहभागिता की। बैठक की अध्यक्षता बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने की। इस दौरान पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय बनाने, बूथ कमेटियों को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने सहित कई विषयों पर चर्चा हुई।

बैठक में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे पदाधिकारियों और जिम्मेदार कार्यकर्ताओं ने संगठन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। बुंदेलखंड क्षेत्र के पदाधिकारियों की मौजूदगी के बीच कालपी विधानसभा क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक अपनी सक्रियता बढ़ाने और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने का आह्वान किया।
संगठन की मजबूती पर रहा विशेष फोकस
बसपा की इस बैठक में सबसे अधिक जोर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने पर रहा। पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठनात्मक ढांचे को व्यवस्थित करने और पार्टी की गतिविधियों को आम लोगों तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
पार्टी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन की स्थिति की समीक्षा करें और जहां आवश्यक हो, वहां कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करें। इसके साथ ही बूथ स्तर पर जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने तथा नियमित रूप से संगठनात्मक गतिविधियों को संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
कालपी विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी प्रत्याशी वीरपाल सिंह चौहान ने बैठक में प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाकर जमीनी स्तर पर काम किया जाएगा।
आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में चर्चा
बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी विधानसभा चुनावों से जुड़े संगठनात्मक पहलुओं पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने और जनता के बीच संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने के लिए काम करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान विभिन्न संगठनात्मक स्तरों की गतिविधियों की समीक्षा किए जाने की बात भी सामने आई। पार्टी के क्षेत्रीय पदाधिकारियों से उनके क्षेत्रों में चल रहे संगठनात्मक कार्यों के बारे में जानकारी ली गई। इसके साथ ही आने वाले समय में संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श हुआ।
बसपा के लिए विधानसभा स्तर पर संगठन की सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने की रणनीति पर बैठक में विशेष ध्यान दिया गया।
वीरपाल चौहान को मिला नेतृत्व का मार्गदर्शन
बैठक के दौरान बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कालपी विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी प्रत्याशी वीरपाल सिंह चौहान को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर वीरपाल चौहान ने पार्टी नेतृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी सक्रियता के साथ कार्य करने की बात कही।
वीरपाल चौहान की बैठक में मौजूदगी को कालपी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की आगामी संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक से मिले निर्देशों के बाद क्षेत्र में बूथ स्तर की गतिविधियों को गति देने और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।
कालपी क्षेत्र में पार्टी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच भी इस बैठक को लेकर चर्चा रही। संगठनात्मक स्तर पर मिली नई दिशा के आधार पर क्षेत्र में पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
बुंदेलखंड के पदाधिकारी भी रहे मौजूद
लखनऊ में आयोजित बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान बुंदेलखंड क्षेत्र के मुख्य कोआर्डिनेटर लालाराम अहिरवार सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में बुंदेलखंड के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में संगठन की स्थिति और जमीनी गतिविधियों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
बुंदेलखंड क्षेत्र राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस क्षेत्र में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की रणनीति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यकर्ताओं से लगातार सक्रिय रहने का संदेश
बैठक से पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक रूप से लगातार सक्रिय रहने का संदेश दिया गया। संगठन के पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बनाए रखने और पार्टी की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया।
बूथ स्तर का संगठन किसी भी राजनीतिक दल के लिए जमीनी संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। इसी कारण बैठक में बूथ कमेटियों की सक्रियता, स्थानीय कार्यकर्ताओं के समन्वय और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन जैसे विषय प्रमुख रहे।
कालपी विधानसभा क्षेत्र में वीरपाल सिंह चौहान की जिम्मेदारी को देखते हुए आने वाले समय में क्षेत्रीय संगठन के साथ उनकी गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। बैठक में प्राप्त निर्देशों के आधार पर क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से संपर्क और संगठनात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किए जाने की बात कही गई है।
जमीनी स्तर पर संगठन को गति देने की तैयारी
बैठक के बाद पार्टी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सामने अब संगठन को जमीनी स्तर पर और सक्रिय बनाने की चुनौती है। बूथ स्तर तक मजबूत संपर्क स्थापित करना, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करना और संगठनात्मक गतिविधियों को नियमित बनाए रखना इसके प्रमुख हिस्से होंगे।
कालपी विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी प्रत्याशी वीरपाल सिंह चौहान की बैठक में सहभागिता के बाद क्षेत्रीय संगठन को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि संगठन की वास्तविक सक्रियता आने वाले समय में क्षेत्र में होने वाली बैठकों, कार्यकर्ता संपर्क अभियानों और बूथ स्तर की गतिविधियों से स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर लखनऊ में हुई बसपा की यह प्रांतीय बैठक संगठनात्मक तैयारियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर केंद्रित रही। बैठक में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने और जमीनी गतिविधियों को गति देने पर विशेष ध्यान दिया गया। कालपी विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी प्रत्याशी वीरपाल सिंह चौहान की मौजूदगी ने क्षेत्र के संगठनात्मक संदर्भ को भी बैठक से जोड़ा। अब बैठक में मिले निर्देशों को स्थानीय स्तर पर किस प्रकार लागू किया जाता है, यह आने वाले दिनों में क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों में दिखाई देगा।