जून 20, 2026

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गुजरात के गांधीनगर में स्थित एक शैक्षणिक संस्थान ने कचरा प्रबंधन को लेकर एक ऐसी पहल शुरू की है, जो स्वच्छता और ऊर्जा उत्पादन दोनों के क्षेत्र में मिसाल बन रही है। इस संस्थान में उत्पन्न होने वाले जैविक कचरे का उपयोग कर बायोगैस तैयार की जाती है, जिसका इस्तेमाल प्रतिदिन 500 से अधिक लोगों के लिए भोजन पकाने में किया जा रहा है।

नई श्रम संहिताएँ और महिलाएँ: बदलते भारत में कामकाजी जीवन का नया स्वरूप

संकेतिक तस्वीर भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और इसके साथ ही कार्यस्थलों की संरचना भी विकसित हो...

प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश दौरा: विकास, कनेक्टिविटी और महिला सशक्तिकरण को नई गति

भारत के प्रधानमंत्री 28 और 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। यह यात्रा न केवल राज्य...

पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के सतत प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए (एमओईएफसीसी) और (एनबीए) ने तमिलनाडु और मेघालय में जमीनी स्तर पर जैव विविधता शासन को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वाकांक्षी पांच वर्षीय परियोजना का शुभारंभ किया है। यह पहल देश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

सुलतानपुर पुलिस की साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई

संकेतिक तस्वीर डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन लेन-देन, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट सेवाएं हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी हैं,...

जनवामऊ में परियावां–लवाना मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक सम्पन्न

प्रतापगढ़ जनपद के विकास को नई दिशा देने और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में आज दिनांक...

सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी वीडियो: निवेश के नाम पर बड़ा झांसा

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया जहां सूचना का सबसे तेज माध्यम बन चुका है, वहीं यह गलत और...

मौसम की चुनौतियों के बीच भी मजबूत बना 2025–26 का गेहूं उत्पादन परिदृश्य

भारत में वर्ष 2025–26 के गेहूं उत्पादन को लेकर सरकार ने एक संतुलित और स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत की है। बदलते...

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