कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ 10 रुपये महंगा, 2,820 रुपये पहुंची कीमत; होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026। देशभर में महंगाई के बीच व्यावसायिक गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को एक बार फिर झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 1 नवंबर से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इस बदलाव के बाद दिल्ली में व्यावसायिक गैस सिलेंडर का नया भाव 2,820 रुपये हो गया है। इससे पहले अक्टूबर महीने में इसकी कीमत 2,810 रुपये थी।

गैस की कीमतों में लगातार हो रहे बदलाव का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई की दुकानों, कैटरिंग कारोबार और छोटे खाद्य व्यवसायों पर पड़ने की आशंका है। खास बात यह है कि त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में व्यावसायिक गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी कारोबारियों के लिए नई चुनौती बन रही है।
1 नवंबर से लागू हुई नई कीमतें
नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन किया गया है। 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम में 10 रुपये की वृद्धि के बाद दिल्ली में इसकी कीमत 2,820 रुपये निर्धारित की गई है।
अक्टूबर महीने में यही सिलेंडर 2,810 रुपये में उपलब्ध था। नवंबर में हुई ताजा बढ़ोतरी भले ही केवल 10 रुपये की दिखाई दे रही हो, लेकिन पिछले कुछ महीनों से लगातार हो रहे मूल्य परिवर्तन को देखते हुए कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से उन प्रतिष्ठानों में होता है, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में खाना तैयार किया जाता है। ऐसे में गैस की कीमतों में होने वाला छोटा बदलाव भी लंबे समय में कारोबार के खर्च को प्रभावित कर सकता है।
लगातार तीसरे महीने बढ़े कमर्शियल गैस के दाम
कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले सितंबर और अक्टूबर में भी कीमतों में बदलाव हुआ था। अक्टूबर में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम में 65 रुपये की वृद्धि की गई थी।
अब नवंबर की शुरुआत में एक बार फिर 10 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। लगातार हो रही इन बढ़ोतरी के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अपने मासिक बजट की दोबारा समीक्षा करनी पड़ सकती है।
कारोबारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि गैस के अलावा खाद्य सामग्री, बिजली, किराया, कर्मचारियों का वेतन और परिवहन जैसे खर्च भी लगातार कारोबार को प्रभावित करते हैं। ऐसे में ईंधन की लागत बढ़ने से मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
5 किलोग्राम वाले FTL सिलेंडर की कीमत भी जारी
कमर्शियल गैस के साथ 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों का विवरण भी सामने आया है।
उपलब्ध संशोधित दर सूची के अनुसार, नए कनेक्शन के लिए 5 किलोग्राम वाले FTL सिलेंडर की कीमत 1,903 रुपये बताई गई है। वहीं, इसके रिफिल की कीमत 782 रुपये निर्धारित की गई है।
छोटे कारोबारियों और सीमित मात्रा में व्यावसायिक गैस का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय करों और अन्य शुल्कों के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।
मई 2026 में कीमतों में हुई थी बड़ी बढ़ोतरी
साल 2026 के दौरान कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। मई महीने में व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बड़ी वृद्धि दर्ज की गई थी। उस दौरान एक ही महीने में लगभग 1,000 रुपये तक की बढ़ोतरी होने से बाजार में चिंता बढ़ गई थी।
इसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का भाव लगभग 3,071.50 रुपये तक पहुंच गया था।
हालांकि, जुलाई और अगस्त के दौरान तेल विपणन कंपनियों ने कीमतों में राहत देते हुए कुल मिलाकर लगभग 380 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की थी। इससे व्यावसायिक गैस का इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को कुछ राहत मिली थी।
लेकिन सितंबर से कीमतों में फिर से ऊपर की ओर बदलाव शुरू हुआ। अक्टूबर में 65 रुपये की बढ़ोतरी और नवंबर में 10 रुपये की नई वृद्धि ने एक बार फिर कारोबारियों के खर्च को प्रभावित किया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का घरेलू गैस कीमतों पर असर
एलपीजी की कीमतें केवल घरेलू मांग और आपूर्ति पर निर्भर नहीं करतीं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, कच्चे तेल की कीमतें, गैस की उपलब्धता, परिवहन खर्च और आयात से जुड़ी परिस्थितियां भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है। पश्चिम एशिया के देशों से आने वाली गैस की आपूर्ति भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण है।
विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यापार का एक अहम समुद्री मार्ग है। यहां किसी प्रकार का तनाव, जहाजों की आवाजाही में रुकावट या सुरक्षा संबंधी समस्या पैदा होने पर ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति और माल ढुलाई की लागत प्रभावित हो सकती है।
जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहाजों का बीमा महंगा होता है या परिवहन में अतिरिक्त जोखिम पैदा होता है, तो आयात की कुल लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर घरेलू बाजार में गैस की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की बढ़ सकती है परेशानी
कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर खाद्य सेवा क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, चाय की दुकानें, मिठाई की दुकानें और कैटरिंग संचालक प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे प्रतिष्ठानों में एक महीने के दौरान कई सिलेंडरों की खपत होती है। इसलिए प्रति सिलेंडर कीमत में होने वाली छोटी वृद्धि भी कुल खर्च को बढ़ा सकती है।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी रेस्टोरेंट में महीने के दौरान 50 कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं, तो 10 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी से उसका मासिक गैस खर्च 500 रुपये बढ़ जाएगा। यदि भविष्य में कीमतों में और बदलाव होता है, तो यह खर्च भी बढ़ सकता है।
छोटे ढाबों और भोजनालयों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उनके पास बड़े प्रतिष्ठानों की तुलना में लागत को समायोजित करने के सीमित विकल्प होते हैं।
क्या खाने-पीने की चीजें भी महंगी होंगी?
कमर्शियल गैस महंगी होने के बाद आम लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या होटल और रेस्टोरेंट में मिलने वाले खाने की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
दरअसल, किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें कच्चे माल की लागत, कर्मचारियों का वेतन, बिजली, किराया, परिवहन और ईंधन का खर्च शामिल है।
गैस की कीमत बढ़ने से कारोबारियों की कुल लागत पर प्रभाव पड़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी होटल और रेस्टोरेंट तत्काल अपने मेन्यू के दाम बढ़ा देंगे।
कुछ कारोबारी अतिरिक्त खर्च को अपने मुनाफे में समायोजित कर सकते हैं, जबकि कुछ प्रतिष्ठान भविष्य में खाद्य पदार्थों की कीमतों में बदलाव करने पर विचार कर सकते हैं।
इसलिए आम उपभोक्ताओं पर इसका वास्तविक असर कारोबारियों की लागत और बाजार की प्रतिस्पर्धा पर निर्भर करेगा।
आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए क्या है अंतर?
यह समझना जरूरी है कि कमर्शियल एलपीजी और घरेलू एलपीजी सिलेंडर अलग-अलग श्रेणियों में आते हैं। 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल सिलेंडर मुख्य रूप से व्यावसायिक उपयोग के लिए होता है, जबकि घरेलू रसोई में सामान्यतः घरेलू एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल किया जाता है।
इसलिए कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में हुई बढ़ोतरी को घरेलू गैस की कीमतों में वृद्धि नहीं समझना चाहिए। घरेलू और व्यावसायिक गैस के दामों का निर्धारण अलग-अलग मूल्य संरचनाओं और नीतिगत परिस्थितियों के अनुसार किया जाता है।
उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर खरीदने से पहले अपने शहर की आधिकारिक संशोधित दरों की जानकारी जरूर प्राप्त करनी चाहिए।
आगे कैसी रह सकती है गैस की कीमतों की स्थिति?
नवंबर महीने में हुई ताजा बढ़ोतरी के बाद अब कारोबारियों की नजर आने वाले समय में होने वाले मूल्य संशोधनों पर रहेगी। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता, आयात की लागत, समुद्री परिवहन और घरेलू मांग जैसे कारक भविष्य की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
यदि वैश्विक बाजार में ऊर्जा आपूर्ति सामान्य रहती है और परिवहन लागत में कमी आती है, तो कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है। इसके विपरीत अंतरराष्ट्रीय तनाव और आपूर्ति संबंधी बाधाएं बढ़ने पर व्यावसायिक गैस की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
निष्कर्ष
1 नवंबर 2026 से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर का भाव 2,820 रुपये हो गया है। लगातार तीसरे महीने हुई बढ़ोतरी ने होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, इस बार की वृद्धि सीमित है, लेकिन पूरे साल कीमतों में आए उतार-चढ़ाव को देखते हुए व्यावसायिक क्षेत्र के लिए गैस खर्च एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की परिस्थितियां यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी कि कारोबारियों को राहत मिलेगी या लागत का दबाव और बढ़ेगा।
