फिरोजाबाद में टेसू-झांझी विसर्जन के दौरान भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार ने 15 लोगों को मारी टक्कर; चार की मौत, 11 घायल

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अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

छटनपुर गांव में टेसू-झांझी विसर्जन के बाद घर लौट रहे ग्रामीणों को कार ने कुचला, मृतकों में तीन किशोरियां शामिल; हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, कार सवारों के साथ मारपीट, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली

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फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में रविवार रात टेसू-झांझी विसर्जन के बाद घर लौट रहे ग्रामीणों के साथ एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बटेश्वर रोड पर तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए। मृतकों में तीन किशोरियां भी शामिल बताई गई हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई।

जानकारी के अनुसार, छटनपुर गांव के लोग पारंपरिक टेसू-झांझी विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस अपने घरों की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क से गुजर रही एक कार ने पैदल चल रहे लोगों को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि कई लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल मदद के लिए आवाज लगाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की।

रात करीब नौ बजे हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि दुर्घटना रविवार रात लगभग नौ बजे हुई। छटनपुर गांव में टेसू-झांझी विसर्जन का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद ग्रामीण अपने घर लौट रहे थे। सड़क पर लोगों की आवाजाही के बीच अचानक तेज गति से आई कार ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार काफी तेज थी। वाहन की टक्कर से सड़क पर चल रहे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण अपने परिजनों और परिचितों को तलाशने लगे। कुछ ही देर में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

प्रत्यक्षदर्शी शिवानी ने आरोप लगाया कि कार चालक ने शराब पी रखी थी। हालांकि, चालक के नशे में होने की बात की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। हादसे के बाद ग्रामीणों ने कार को रोकने का प्रयास किया। बताया गया कि बटेश्वर रोड पर ट्रैक्टर लगाकर वाहन को आगे बढ़ने से रोका गया।

चार लोगों की मौत से गांव में पसरा मातम

इस दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान अंजली (15), आकांक्षा (15), हरीश कुमार (25) और बबली (17) के रूप में बताई गई है। तीन किशोरियों और एक युवक की मौत की खबर सामने आने के बाद गांव में शोक का माहौल बन गया।

हादसे में घायल हुए 11 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में छह वर्षीय गुड्डू, चंद्रवीर (55), उमाशंकर (40), धीरज (30), सोनू (29) और मयंक (11) सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल गुड्डू शिशुपाल का बेटा है। चंद्रवीर अमर सिंह के बेटे बताए गए हैं, जबकि धीरज सुखवीर के बेटे हैं। मयंक, चंद्रवीर के बेटे बताए गए हैं। दुर्घटना में प्रभावित सभी लोग छटनपुर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

घायलों को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार शुरू किया गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए परिजन अस्पताल पहुंचने लगे। मृतकों के परिवारों में दुख और चिंता का माहौल छा गया।

दुर्घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश

हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने कार को रोकने के लिए बटेश्वर रोड पर ट्रैक्टर लगा दिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने कार में सवार चार व्यक्तियों के साथ मारपीट की।

घटना के दौरान मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। ग्रामीणों का आरोप था कि तेज गति से वाहन चलाने के कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे में कई लोगों के घायल होने और चार लोगों की जान जाने से लोगों का गुस्सा बढ़ गया।

हालांकि, दुर्घटना के कारणों और कार चालक की भूमिका को लेकर पुलिस जांच आवश्यक है। प्रत्यक्षदर्शियों के आरोपों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने भीड़ के बीच फंसे कार सवारों को बाहर निकालकर सुरक्षित किया। इसके साथ ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।

कार सवारों के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस के सामने दुर्घटना की जांच के साथ-साथ घटनास्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रही।

अस्पताल के बाहर परिजनों ने जताई नाराजगी

हादसे में मृत लोगों के परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां दुख और आक्रोश का माहौल दिखाई दिया। परिजनों ने अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया।

परिजनों का आरोप था कि दुर्घटना के बाद पुलिस ने समय रहते सहायता नहीं पहुंचाई। उनका कहना था कि यदि तत्काल मदद मिलती तो स्थिति बेहतर हो सकती थी। इस आरोप को लेकर परिजनों ने नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उन्हें समझाने और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए यह समय बेहद कठिन रहा।

परिजनों की मांग और आरोपों के बीच दुर्घटना के घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी हुई या नहीं।

टेसू-झांझी की परंपरा के बीच छाया दुख

टेसू-झांझी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में प्रचलित पारंपरिक लोक उत्सव है। शरद पूर्णिमा के आसपास इस परंपरा में बच्चे और ग्रामीण उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। टेसू और झांझी के विवाह से जुड़ी लोक मान्यताओं के तहत आयोजन किया जाता है।

इस दौरान गांवों में उत्सव जैसा माहौल रहता है। बच्चे पारंपरिक गीतों और रीति-रिवाजों के साथ कार्यक्रम में शामिल होते हैं। विसर्जन के बाद ग्रामीण अपने घर लौटते हैं।

लेकिन फिरोजाबाद में इस बार उत्सव से लौट रहे ग्रामीणों के साथ हुए हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जिन परिवारों में परंपरा के आयोजन को लेकर उत्साह था, वहां अब अपनों को खोने का दुख छाया हुआ है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

फिरोजाबाद की इस घटना ने सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक साथ सड़क पर आते-जाते हैं। ऐसे समय में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

तेज गति से वाहन चलाना, सड़क पर लोगों की मौजूदगी को नजरअंदाज करना और यातायात नियमों का पालन नहीं करना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।

विशेष रूप से रात के समय वाहन चलाते हुए गति नियंत्रित रखना और सड़क पर पैदल चल रहे लोगों को पर्याप्त जगह देना जरूरी है। आयोजनों के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है।

जांच और कार्रवाई पर टिकी लोगों की निगाहें

हादसे के बाद मृतकों के परिवारों और ग्रामीणों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि दुर्घटना के कारणों की जांच कर जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा।

कार चालक के नशे में होने का आरोप भी सामने आया है। इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दुर्घटना के दौरान कार में मौजूद लोगों के साथ हुई मारपीट की घटना की भी जांच जरूरी है।

इस हादसे में चार लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। मृतकों के परिजनों के लिए यह अपूरणीय क्षति है, जबकि घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद की जा रही है।

निष्कर्ष

फिरोजाबाद में टेसू-झांझी विसर्जन के बाद हुआ सड़क हादसा एक गंभीर और दुखद घटना है। पारंपरिक आयोजन से लौट रहे ग्रामीणों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिसमें चार लोगों की जान चली गई और 11 लोग घायल हो गए।

घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और कार सवारों के साथ मारपीट की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और सावधानी की आवश्यकता को फिर से सामने लाता है। वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और सड़क पर मौजूद लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

अपील: वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें, शराब के प्रभाव में वाहन न चलाएं और सड़क पर पैदल चल रहे लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें। थोड़ी सी लापरवाही कई परिवारों के जीवन को प्रभावित कर सकती है।

दुःख की इस घड़ी में मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।

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फिरोजाबाद में टेसू-झांझी विसर्जन के दौरान भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार ने 15 लोगों को मारी टक्कर; चार की मौत, 11 घायल

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 25, 2026

अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

छटनपुर गांव में टेसू-झांझी विसर्जन के बाद घर लौट रहे ग्रामीणों को कार ने कुचला, मृतकों में तीन किशोरियां शामिल; हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, कार सवारों के साथ मारपीट, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली

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फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में रविवार रात टेसू-झांझी विसर्जन के बाद घर लौट रहे ग्रामीणों के साथ एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बटेश्वर रोड पर तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए। मृतकों में तीन किशोरियां भी शामिल बताई गई हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई।

जानकारी के अनुसार, छटनपुर गांव के लोग पारंपरिक टेसू-झांझी विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस अपने घरों की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क से गुजर रही एक कार ने पैदल चल रहे लोगों को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि कई लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल मदद के लिए आवाज लगाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की।

रात करीब नौ बजे हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि दुर्घटना रविवार रात लगभग नौ बजे हुई। छटनपुर गांव में टेसू-झांझी विसर्जन का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद ग्रामीण अपने घर लौट रहे थे। सड़क पर लोगों की आवाजाही के बीच अचानक तेज गति से आई कार ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार काफी तेज थी। वाहन की टक्कर से सड़क पर चल रहे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण अपने परिजनों और परिचितों को तलाशने लगे। कुछ ही देर में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

प्रत्यक्षदर्शी शिवानी ने आरोप लगाया कि कार चालक ने शराब पी रखी थी। हालांकि, चालक के नशे में होने की बात की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। हादसे के बाद ग्रामीणों ने कार को रोकने का प्रयास किया। बताया गया कि बटेश्वर रोड पर ट्रैक्टर लगाकर वाहन को आगे बढ़ने से रोका गया।

चार लोगों की मौत से गांव में पसरा मातम

इस दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान अंजली (15), आकांक्षा (15), हरीश कुमार (25) और बबली (17) के रूप में बताई गई है। तीन किशोरियों और एक युवक की मौत की खबर सामने आने के बाद गांव में शोक का माहौल बन गया।

हादसे में घायल हुए 11 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में छह वर्षीय गुड्डू, चंद्रवीर (55), उमाशंकर (40), धीरज (30), सोनू (29) और मयंक (11) सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल गुड्डू शिशुपाल का बेटा है। चंद्रवीर अमर सिंह के बेटे बताए गए हैं, जबकि धीरज सुखवीर के बेटे हैं। मयंक, चंद्रवीर के बेटे बताए गए हैं। दुर्घटना में प्रभावित सभी लोग छटनपुर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

घायलों को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार शुरू किया गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए परिजन अस्पताल पहुंचने लगे। मृतकों के परिवारों में दुख और चिंता का माहौल छा गया।

दुर्घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश

हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने कार को रोकने के लिए बटेश्वर रोड पर ट्रैक्टर लगा दिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने कार में सवार चार व्यक्तियों के साथ मारपीट की।

घटना के दौरान मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। ग्रामीणों का आरोप था कि तेज गति से वाहन चलाने के कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे में कई लोगों के घायल होने और चार लोगों की जान जाने से लोगों का गुस्सा बढ़ गया।

हालांकि, दुर्घटना के कारणों और कार चालक की भूमिका को लेकर पुलिस जांच आवश्यक है। प्रत्यक्षदर्शियों के आरोपों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने भीड़ के बीच फंसे कार सवारों को बाहर निकालकर सुरक्षित किया। इसके साथ ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।

कार सवारों के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस के सामने दुर्घटना की जांच के साथ-साथ घटनास्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रही।

अस्पताल के बाहर परिजनों ने जताई नाराजगी

हादसे में मृत लोगों के परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां दुख और आक्रोश का माहौल दिखाई दिया। परिजनों ने अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया।

परिजनों का आरोप था कि दुर्घटना के बाद पुलिस ने समय रहते सहायता नहीं पहुंचाई। उनका कहना था कि यदि तत्काल मदद मिलती तो स्थिति बेहतर हो सकती थी। इस आरोप को लेकर परिजनों ने नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उन्हें समझाने और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए यह समय बेहद कठिन रहा।

परिजनों की मांग और आरोपों के बीच दुर्घटना के घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी हुई या नहीं।

टेसू-झांझी की परंपरा के बीच छाया दुख

टेसू-झांझी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में प्रचलित पारंपरिक लोक उत्सव है। शरद पूर्णिमा के आसपास इस परंपरा में बच्चे और ग्रामीण उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। टेसू और झांझी के विवाह से जुड़ी लोक मान्यताओं के तहत आयोजन किया जाता है।

इस दौरान गांवों में उत्सव जैसा माहौल रहता है। बच्चे पारंपरिक गीतों और रीति-रिवाजों के साथ कार्यक्रम में शामिल होते हैं। विसर्जन के बाद ग्रामीण अपने घर लौटते हैं।

लेकिन फिरोजाबाद में इस बार उत्सव से लौट रहे ग्रामीणों के साथ हुए हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जिन परिवारों में परंपरा के आयोजन को लेकर उत्साह था, वहां अब अपनों को खोने का दुख छाया हुआ है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

फिरोजाबाद की इस घटना ने सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक साथ सड़क पर आते-जाते हैं। ऐसे समय में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

तेज गति से वाहन चलाना, सड़क पर लोगों की मौजूदगी को नजरअंदाज करना और यातायात नियमों का पालन नहीं करना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।

विशेष रूप से रात के समय वाहन चलाते हुए गति नियंत्रित रखना और सड़क पर पैदल चल रहे लोगों को पर्याप्त जगह देना जरूरी है। आयोजनों के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है।

जांच और कार्रवाई पर टिकी लोगों की निगाहें

हादसे के बाद मृतकों के परिवारों और ग्रामीणों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि दुर्घटना के कारणों की जांच कर जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा।

कार चालक के नशे में होने का आरोप भी सामने आया है। इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दुर्घटना के दौरान कार में मौजूद लोगों के साथ हुई मारपीट की घटना की भी जांच जरूरी है।

इस हादसे में चार लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। मृतकों के परिजनों के लिए यह अपूरणीय क्षति है, जबकि घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद की जा रही है।

निष्कर्ष

फिरोजाबाद में टेसू-झांझी विसर्जन के बाद हुआ सड़क हादसा एक गंभीर और दुखद घटना है। पारंपरिक आयोजन से लौट रहे ग्रामीणों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिसमें चार लोगों की जान चली गई और 11 लोग घायल हो गए।

घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और कार सवारों के साथ मारपीट की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और सावधानी की आवश्यकता को फिर से सामने लाता है। वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और सड़क पर मौजूद लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

अपील: वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें, शराब के प्रभाव में वाहन न चलाएं और सड़क पर पैदल चल रहे लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें। थोड़ी सी लापरवाही कई परिवारों के जीवन को प्रभावित कर सकती है।

दुःख की इस घड़ी में मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।