जालौन में कालपी बार संघ अध्यक्ष हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में दो आरोपियों को लगी गोली; तीन गिरफ्तार
देव पटेल संवाददाता
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में कालपी बार संघ के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार के अपहरण के बाद हुई हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कानपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अपहृत अधिवक्ता का शव और हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद किया। इसके बाद अपहरण में प्रयुक्त वाहन की बरामदगी के लिए पहुंची पुलिस टीम और आरोपियों के बीच कालपी कोतवाली क्षेत्र के जंगल में मुठभेड़ हो गई। इस दौरान दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरे आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

इस घटना के सामने आने के बाद जिले में अधिवक्ता समाज के बीच चिंता का माहौल है। बार संघ अध्यक्ष की अपहरण के बाद हत्या किए जाने की घटना ने कानून-व्यवस्था और अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के साथ हत्या के पीछे की वजह और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी है।
कानपुर से तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अहिरवार के अपहरण और हत्या के मामले में जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे। इन्हीं जानकारियों के आधार पर पुलिस टीम ने कानपुर में कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को घटना से संबंधित कई अहम जानकारियां मिलीं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अपहृत अधिवक्ता का शव बरामद किया। इसके साथ ही हत्या की घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी बरामद किया गया। पुलिस अब बरामद साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
वाहन बरामदगी के दौरान जंगल में हुई मुठभेड़
पुलिस की कार्रवाई यहीं समाप्त नहीं हुई। अपहरण की घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी को बरामद करने के लिए पुलिस टीम आरोपियों को लेकर कालपी कोतवाली क्षेत्र के जंगल में पहुंची थी। इसी दौरान घटनास्थल पर अचानक पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वाहन की बरामदगी के दौरान पहले से छिपाकर रखे गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। बताया गया है कि आरोपियों की तरफ से पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग की गई, जिसके जवाब में पुलिस ने छह राउंड गोलियां चलाईं।
इस दौरान दो आरोपियों को गोली लग गई। घायल आरोपियों की पहचान आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला के रूप में हुई है। दोनों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उन्हें तत्काल हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं, तीसरे आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
अपहरण में इस्तेमाल वाहन की बरामदगी बनी कार्रवाई का अहम हिस्सा
पुलिस इस मामले में अपहरण के दौरान इस्तेमाल किए गए वाहन को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर उसकी बरामदगी में जुटी थी। इसी उद्देश्य से आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम कालपी क्षेत्र के जंगल में पहुंची थी। हालांकि, वाहन बरामद करने की कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ की स्थिति बन गई।
पुलिस अब बरामद वाहन, हथियार और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराने की दिशा में भी कार्रवाई कर सकती है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि अपहरण की योजना किस तरह बनाई गई थी और हत्या की वारदात में किसकी क्या भूमिका रही।
हत्या के पीछे की वजह तलाश रही पुलिस
कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के पीछे क्या कारण रहा, यह अभी जांच का प्रमुख विषय बना हुआ है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हत्या के मकसद का पता लगाने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस वारदात में गिरफ्तार तीन आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
जांच एजेंसियां आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही हैं। उनके संपर्कों, आपसी संबंधों और घटना से पहले की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात किसी पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या किसी अन्य कारण से अंजाम दी गई थी।
अधिवक्ता समाज में घटना को लेकर चिंता
कालपी बार संघ अध्यक्ष की अपहरण के बाद हत्या की घटना ने स्थानीय अधिवक्ता समुदाय को झकझोर दिया है। न्यायिक व्यवस्था से जुड़े एक पदाधिकारी के साथ इस तरह की वारदात सामने आने से अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
अधिवक्ता समाज के लिए यह मामला बेहद गंभीर है। बार संघ अध्यक्ष की हत्या के बाद अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और शव बरामद होने के बाद पुलिस की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आएंगे कई अहम सवालों के जवाब
फिलहाल जालौन पुलिस इस पूरे हत्याकांड की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाना, वारदात की पूरी योजना का खुलासा करना और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करना है।
पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की पड़ताल करने के साथ घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को भी एकत्र कर रही है। मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपियों का उपचार कराया जा रहा है, जबकि अन्य आरोपी से भी पूछताछ जारी है।
कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अहिरवार हत्याकांड में पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है। हालांकि, हत्या के पीछे की असली वजह और किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और हत्याकांड में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका उजागर करने पर है।
