कानपुर देहात में नाले से मिला लापता दिव्यांग युवक का शव, चोटों के निशान से गहराया मौत का रहस्य

0

अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

बुधवार शाम फोन आने के बाद घर से निकला था 22 वर्षीय मयंक, गुरुवार को गांव के समीप नाले में मिला शव; अर्धनग्न अवस्था में शव मिलने से ग्रामीणों में मचा हड़कंप, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

AI Generated photo

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में एक दिव्यांग युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। रसूलाबाद थाना क्षेत्र के भीतरगांव में गुरुवार शाम गांव के पास स्थित नाले में 22 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान मयंक के रूप में हुई है, जो बुधवार शाम से लापता था। युवक का शव जिस अवस्था में मिला और उसके शरीर पर चोटों के निशान दिखाई दिए, उससे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए, ताकि युवक की मौत से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

परिवार से दूर गांव में दादी के साथ रहता था मयंक

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भीतरगांव निवासी रामबाबू तिवारी परिवार के साथ हरियाणा के फरीदाबाद में रहकर नौकरी करते हैं। उनका 22 वर्षीय बेटा मयंक गांव में अपनी दादी उर्मिला के साथ रहता था। बताया गया है कि मयंक के एक हाथ में दिव्यांगता थी। परिवार के लोग उसकी देखभाल करते थे और वह गांव में ही रहकर अपना समय बिताता था।

परिजनों के अनुसार, बुधवार शाम मयंक के मोबाइल फोन पर किसी अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया था। फोन पर बातचीत होने के कुछ समय बाद वह घर से बाहर निकल गया। परिवार के सदस्यों को उस समय यह अंदाजा नहीं था कि घर से निकला मयंक वापस नहीं लौटेगा। देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो दादी उर्मिला को उसकी चिंता होने लगी।

शुरुआत में परिजनों ने सोचा कि मयंक किसी परिचित या आसपास के व्यक्ति के यहां गया होगा और कुछ देर में वापस आ जाएगा। लेकिन रात बीतने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार की बेचैनी बढ़ गई। इसके बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश शुरू कर दी गई।

पूरी रात तलाश के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

मयंक के अचानक लापता होने से परिवार के लोग परेशान हो गए। परिजनों ने गांव के आसपास, परिचितों और संभावित स्थानों पर उसकी खोजबीन की। कई लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन युवक के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।

काफी प्रयासों के बावजूद जब मयंक का पता नहीं चला तो पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। परिवार के सदस्य लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे और उसके सकुशल लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि, गुरुवार शाम जो सूचना सामने आई, उसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

गांव के पास नाले में मिला शव, इलाके में मची खलबली

गुरुवार शाम गांव के नजदीक स्थित नाले में एक युवक का शव पड़े होने की जानकारी ग्रामीणों को मिली। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव की पहचान लापता मयंक के रूप में की गई।

बताया गया कि युवक का शव अर्धनग्न अवस्था में पड़ा था। उसके शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दे रहे थे। शव की स्थिति देखकर परिवार के सदस्यों ने उसकी मौत को सामान्य घटना मानने से इनकार करते हुए किसी गंभीर अनहोनी की आशंका जताई।

घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीण भी युवक की मौत को लेकर चिंतित नजर आए। गांव में यह सवाल उठने लगा कि आखिर बुधवार शाम घर से निकलने के बाद मयंक कहां गया और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। हालांकि, इन सवालों का जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

दादी ने जताई हत्या की आशंका, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

मयंक की मौत की खबर से उसकी दादी उर्मिला का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस पोते के साथ वह गांव में रहती थीं, उसकी इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है।

दादी ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष और गंभीर जांच कराने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि युवक के शरीर पर चोटों के निशान और शव की परिस्थितियों को देखते हुए घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल होनी चाहिए।

परिवार यह भी जानना चाहता है कि मयंक को बुधवार शाम फोन किसने किया था और कॉल आने के बाद वह किससे मिलने या कहां जाने के लिए घर से निकला था। पुलिस के लिए मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी और युवक की अंतिम गतिविधियों का पता लगाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना की सूचना मिलने के बाद रसूलाबाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। फोरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और उपलब्ध साक्ष्यों को संकलित किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

रसूलाबाद क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार के अनुसार, युवक का शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी। फोरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता से घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक की मौत दुर्घटना, किसी अन्य घटना या किसी आपराधिक गतिविधि के कारण हुई। इसके साथ ही उसके मोबाइल फोन पर आए अंतिम कॉल और घर से निकलने के बाद की गतिविधियों की जानकारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। मयंक को बुधवार शाम फोन करने वाला व्यक्ति कौन था? वह घर से निकलने के बाद किस स्थान पर गया? उसका शव गांव के पास नाले में किन परिस्थितियों में पहुंचा? शरीर पर मिले चोटों के निशान किस वजह से आए? इन सभी बिंदुओं पर जांच की आवश्यकता है।

फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का इंतजार करने की बात कही है। युवक की मौत को लेकर परिजनों द्वारा जताई गई आशंका की भी जांच की जा रही है।

कानपुर देहात के भीतरगांव में हुई इस घटना से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। परिवार को उम्मीद है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर मयंक की मौत की वास्तविक वजह सामने लाएगी। अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस विवेचना पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि 22 वर्षीय दिव्यांग युवक की मौत के पीछे क्या कारण था और इस घटना में किसी की संलिप्तता है या नहीं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें