माधौगढ़ मंडी में एक हजार दीपों से रोशन हुआ परिसर, स्वच्छता और सुंदरता का दिया संदेश

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान के तहत भव्य दीपोत्सव का आयोजन, उत्कृष्ट कार्य करने वाले सात व्यापारियों और पांच किसानों को किया गया सम्मानित

उरई (जालौन), 7 नवंबर 2026।

जालौन जनपद के माधौगढ़ क्षेत्र में दीपावली के पावन अवसर पर कृषि उत्पादन मंडी समिति का परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। शुक्रवार, 6 नवंबर को मंडी परिसर में ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान के अंतर्गत भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान एक हजार दीप प्रज्वलित कर मंडी परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। दीपों की सुंदर कतारों ने न केवल उत्सव के वातावरण को मनमोहक बनाया, बल्कि स्वच्छता, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता का भी संदेश दिया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, किसानों, व्यापारियों और मंडी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दीपोत्सव के माध्यम से लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि जिस प्रकार दीपक अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार स्वच्छता के प्रति जागरूकता अपनाकर मंडियों को भी साफ-सुथरा, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ

माधौगढ़ कृषि उत्पादन मंडी समिति में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष राघवेंद्र व्यास, तहसीलदार गौरव कुमार तथा विधायक प्रतिनिधि महेश पतराही ज्योतिष सिंह एवं जिला मंत्री ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया। अतिथियों ने दीपोत्सव की शुरुआत करते हुए मंडी परिसर में स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाओं को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम के लिए मंडी परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। जगह-जगह दीप जलाए गए, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। एक हजार दीपों की रोशनी ने मंडी को नई सुंदरता प्रदान की। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने भी दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम में सहभागिता की।

आयोजकों का उद्देश्य केवल दीपावली का उत्सव मनाना नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से मंडी से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराना भी था।

स्वच्छ मंडी अभियान से जुड़ने की अपील

‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मंडी परिसर की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने पर विशेष चर्चा की गई। अतिथियों ने कहा कि कृषि मंडियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं और व्यापारी कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री करते हैं।

ऐसे में मंडी परिसर का साफ-सुथरा होना बेहद आवश्यक है। स्वच्छ वातावरण से किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं तथा मंडी की पहचान भी मजबूत होती है।

अतिथियों ने किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों और मंडी प्रशासन से अपील की कि वे अपने आसपास गंदगी न फैलाएं, कूड़े को निर्धारित स्थान पर डालें और मंडी परिसर की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी एक विभाग या कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें सभी की भागीदारी जरूरी है।

किसानों और व्यापारियों को सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान मंडी परिषद की ओर से संचालित मुख्यमंत्री कृषक कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी किसानों और व्यापारियों को विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों ने बताया कि किसानों के हित में संचालित योजनाओं का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन देना, किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में सहयोग करना है।

कार्यक्रम में मौजूद किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही व्यापारियों को भी मंडी से संबंधित व्यवस्थाओं और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।

इस दौरान यह संदेश भी दिया गया कि किसानों और व्यापारियों के बीच बेहतर तालमेल से मंडी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

सात व्यापारियों और पांच किसानों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों एवं व्यापारियों का सम्मान समारोह रहा। मंडी समिति की ओर से सराहनीय योगदान देने वाले सात व्यापारियों और पांच किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

सम्मानित व्यापारियों में श्याम बाबू, आनंद राठौर, अवधेश सिंह, गौरव सिंह परमार, उमेश शिवहरे, विजय गुप्ता और शिवकुमार गुप्ता के नाम शामिल रहे।

वहीं किसानों में रामबाबू सिंह राजावत, शिवकुमार द्विवेदी और अनिल कुमार तिवारी सहित अन्य किसानों को सम्मानित किया गया। प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की गई।

अतिथियों ने कहा कि किसान और व्यापारी मंडी व्यवस्था के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। किसान अपनी मेहनत से कृषि उपज तैयार करता है, जबकि व्यापारी उस उपज को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं। दोनों के सहयोग से ही कृषि मंडियों की गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित होती हैं।

इसलिए बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक साबित होता है।

सफाई कर्मचारियों के योगदान को भी मिला सम्मान

मंडी परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में सफाई कर्मचारियों की भूमिका को भी कार्यक्रम में विशेष महत्व दिया गया। साफ-सफाई की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया गया।

अतिथियों ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्थान की स्वच्छता बनाए रखने में सफाई कर्मचारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उनकी मेहनत के कारण ही परिसर में साफ-सुथरा वातावरण तैयार हो पाता है।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों का सम्मान करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। साथ ही यह भी जरूरी है कि आम नागरिक स्वयं भी कचरा फैलाने से बचें, ताकि सफाई व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

कृषि मंडियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि कृषि उत्पादन मंडियां केवल फसलों की खरीद-बिक्री का स्थान नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी हैं। यहां किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलता है और व्यापारियों के माध्यम से कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचते हैं।

मंडी में बेहतर व्यवस्थाएं होने से किसानों को सुविधा मिलती है और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। इसलिए मंडी परिसर में स्वच्छता, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं पर लगातार ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मंडी की पहचान केवल व्यापारिक गतिविधियों से नहीं, बल्कि वहां की व्यवस्थाओं और स्वच्छ वातावरण से भी बनती है। यदि किसान और व्यापारी मिलकर मंडी को स्वच्छ रखने का प्रयास करें तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे क्षेत्र में दिखाई देगा।

गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

इस भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष, गल्ला व्यापार समिति के अध्यक्ष, मंत्री एवं कोषाध्यक्ष, मंडी समिति के सभापति रवि कुमार, मंडी सचिव, मंडी कर्मचारी, क्षेत्र के किसान, व्यापारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सभी ने दीपोत्सव में भाग लेते हुए मंडी को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के दौरान किसानों और व्यापारियों के बीच आपसी सहयोग तथा मंडी की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

दीपों के प्रकाश के साथ स्वच्छता का संकल्प

कार्यक्रम का समापन मंडी परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने कहा कि दीपोत्सव का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब इस आयोजन से मिला स्वच्छता का संदेश व्यवहार में भी दिखाई दे।

एक हजार दीपों से रोशन माधौगढ़ मंडी का यह आयोजन क्षेत्र में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया। इसने किसानों, व्यापारियों और कर्मचारियों को एक मंच पर लाकर यह संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।

‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान के तहत आयोजित इस दीपोत्सव ने यह साबित करने का प्रयास किया कि त्योहारों की खुशियां केवल रोशनी और सजावट तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इन अवसरों के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश भी देना चाहिए। माधौगढ़ मंडी में जलाए गए एक हजार दीप इसी स्वच्छता, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी के प्रतीक बने।

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