उरई में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 76 जोड़ों ने रचाई शादी, जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
महारानी गार्डन में आयोजित समारोह में 105 जोड़ों ने कराया था पंजीकरण, विभिन्न धर्मों की परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुए विवाह; पात्र कन्या के खाते में 64 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान

उरई (जालौन)। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत उरई में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। कौंच रोड स्थित महारानी गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में 76 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे और अपने जीवन की नई पारी की शुरुआत की। समारोह के लिए कुल 105 जोड़ों ने पंजीकरण कराया था। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों और समुदायों के रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराए गए। इस दौरान खुशियों से भरे माहौल में नवदंपतियों को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आशीर्वाद देकर उनके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की।
यह आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में सहायता उपलब्ध कराने के साथ सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग का संदेश देने वाला रहा। समारोह में वर-वधू के परिजनों के साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।
76 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की
महारानी गार्डन में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयनित जोड़ों के विवाह संपन्न कराए गए। कुल 105 जोड़ों ने कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 76 जोड़ों का विवाह कराया गया। अलग-अलग धर्मों और समुदायों से जुड़े जोड़ों के विवाह उनकी पारंपरिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुए।
समारोह में शामिल नवदंपतियों और उनके परिजनों के लिए यह अवसर बेहद खास रहा। एक ही परिसर में अनेक परिवारों की खुशियां एक साथ देखने को मिलीं। विवाह की रस्में पूरी होने के बाद नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उन्हें भविष्य में आपसी प्रेम, विश्वास, सम्मान और सहयोग के साथ जीवन बिताने की शुभकामनाएं दीं।
सामूहिक विवाह कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को विवाह संबंधी आर्थिक बोझ से राहत देना और बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराने में सहयोग करना है। इस तरह के आयोजन उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित होते हैं, जिन्हें सीमित संसाधनों के कारण विवाह की व्यवस्था करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मददगार है योजना
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहायता का माध्यम है। इसके जरिए जरूरतमंद परिवार अपनी बेटियों का विवाह सम्मान के साथ संपन्न करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच नए रिश्ते की शुरुआत भी है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक समानता, भाईचारे और सामुदायिक सहयोग की भावना को प्रोत्साहन मिलता है। आर्थिक स्थिति के कारण किसी परिवार को बेटी के विवाह में परेशानी न हो, इस दिशा में सरकारी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डॉ. अनुरागी ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी नवदंपति अपने नए जीवन में आपसी समझ और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ेंगे।
बेटियों के सम्मान और आत्मनिर्भरता पर जोर
विधान परिषद सदस्य के प्रतिनिधि आरपी निरंजन ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों को विवाह के अवसर पर आर्थिक राहत प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। सरकार बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम समाज में सहयोग और समानता की भावना को मजबूत करते हैं। जब कई परिवार एक साझा मंच पर अपने बच्चों का विवाह संपन्न कराते हैं, तो इससे सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा मिलता है। साथ ही विवाह आयोजन पर होने वाले खर्च को लेकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की चिंता भी कम हो सकती है।
आरपी निरंजन ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को जरूरतमंद परिवारों के साथ सहयोग की भावना से आगे आना चाहिए। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे अपने परिवार और समाज के प्रति सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।
जिलाधिकारी ने बताई योजना में मिलने वाली सहायता
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी समीर ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र कन्या के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से 64 हजार रुपये की धनराशि भेजे जाने का प्रावधान है।
इसके अलावा 21 हजार रुपये की विवाह सामग्री उपलब्ध कराने और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की व्यवस्थाओं पर खर्च करने का प्रावधान बताया गया। इस प्रकार योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता, आवश्यक सामग्री और आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं के माध्यम से लाभार्थी परिवारों की मदद की जाती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग करना और उन्हें सम्मानजनक तरीके से वैवाहिक जीवन शुरू करने का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित शर्तों का पालन करना जरूरी होता है। इसलिए इच्छुक परिवारों को आवेदन और चयन संबंधी जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त करनी चाहिए, ताकि वे निर्धारित नियमों के अनुसार योजना का लाभ उठा सकें।
नवदंपतियों को दिए गए विवाह प्रमाणपत्र
विवाह की रस्में पूरी होने के बाद नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सभी जोड़ों के सुखद भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में परिजनों के बीच उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा।
सामूहिक विवाह समारोह ने यह संदेश दिया कि सामाजिक सहयोग और सरकारी सहायता के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को महत्वपूर्ण अवसरों पर सहारा दिया जा सकता है। ऐसे आयोजन विवाह को अनावश्यक आर्थिक दबाव से जोड़ने के बजाय परिवारों के लिए सम्मानजनक और व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
समारोह में विभिन्न समुदायों की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए विवाह संपन्न कराना सामाजिक विविधता और आपसी सम्मान का उदाहरण भी रहा। इस प्रकार का आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने में योगदान देता है।
अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शत्रुहन पाठक, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय श्रीवास्तव और सूर्य नायक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त गणमान्य नागरिकों और वर-वधू के परिजनों ने भी समारोह में भाग लिया।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके नए जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। समारोह ने यह स्पष्ट किया कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन आर्थिक सहायता के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित करते हैं।
सामाजिक समरसता और सहयोग का संदेश
उरई के महारानी गार्डन में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह ने कई परिवारों को एक साथ खुशियां मनाने का अवसर दिया। कुल 105 पंजीकृत जोड़ों में से 76 जोड़ों का विवाह संपन्न होना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। विभिन्न धर्मों और समुदायों की परंपराओं के अनुरूप आयोजित विवाह ने आपसी सम्मान और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का महत्व केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। यह जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक अवसर प्रदान करने, बेटियों के विवाह में सहयोग करने और समाज में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम भी है।
समारोह में नवदंपतियों को दिए गए आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर परिवारों को सहयोग मिले और नवविवाहित जोड़े विश्वास, सम्मान तथा आपसी समझ के आधार पर अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकें।