नावली में मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला जागरूकता समारोह, 500 महिलाओं ने लिया सशक्तिकरण का संकल्प
माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन रहे मुख्य अतिथि, आयोजक शिवम् द्विवेदी की पहल की सराहना; रेंढर पुलिस की मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीम को किया गया सम्मानित
रिपोर्टर: रोहित बोहरे तहसील संवाददाता कोच जालौन

रेंढर/कोंच (जालौन)। उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के ग्राम नावली में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और जागरूकता को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लेकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में लगभग 400 से 500 महिलाओं की सहभागिता रही। आयोजन के दौरान महिलाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सरकारी सहायता सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
ग्राम नावली में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन रहे। कार्यक्रम की व्यवस्था और आयोजन में शिवम् द्विवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह में जनप्रतिनिधियों, महिला शिक्षिकाओं, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों, पुलिसकर्मियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों से परिचित कराना, उन्हें अपनी समस्याओं के प्रति मुखर बनाना और सुरक्षित सामाजिक वातावरण तैयार करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।
नारी शक्ति और आत्मनिर्भरता का दिया संदेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक मूलचंद्र निरंजन ने महिलाओं की सामाजिक भूमिका और उनके सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिला सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को समाज के विकास से जोड़ते हुए जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।
नारी सशक्तिकरण केवल अधिकारों की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सुरक्षा और निर्णय लेने के अवसर उपलब्ध कराना भी शामिल है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं को अपनी समस्याओं को सामने रखने तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
नवरात्रि के अवसर पर आयोजित समारोह ने भी यही संदेश दिया कि समाज में महिलाओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय के सहयोग से महिलाओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकता है।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
समारोह में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक व्यक्तित्वों ने भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। मंच पर बंगरा मंडल अध्यक्ष भरत भदौरिया, विधायक प्रतिनिधि महेश पिटराइ, नावली के बीडीसी देवेंद्र मिश्रा, ग्राम प्रधान ढकेली देवी और सर्र के ग्राम प्रधान सुभाष पाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त वरिष्ठ पत्रकार राम नरेश द्विवेदी, पत्रकार रोहित उर्फ बेटू, आदित्य बशिष्ठ, अमित शुक्ला तथा अन्य गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। महिला शिक्षिकाओं, महिला नर्सों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की उपस्थिति ने समारोह को व्यापक सामाजिक भागीदारी वाला आयोजन बनाया।
कार्यक्रम के आयोजक शिवम् द्विवेदी की पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की। स्थानीय स्तर पर महिलाओं को एक मंच पर एकत्र करना और उनके अधिकारों एवं सुरक्षा से जुड़े विषयों पर संवाद स्थापित करना इस आयोजन का महत्वपूर्ण पक्ष रहा। इस प्रकार के प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं की सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं।
मिशन शक्ति टीम का सम्मान, महिला सुरक्षा के प्रयासों को प्रोत्साहन
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण थाना रेंढर की मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीम का सम्मान रहा। महिला सुरक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए पुलिस टीम को मंच पर सम्मानित किया गया। इस सम्मान के माध्यम से महिला सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को प्रोत्साहित करने और पुलिस तथा आम नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया।
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत महिलाओं को उनके अधिकारों, उपलब्ध सरकारी योजनाओं, सहायता सेवाओं और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाती है।
ग्रामीण इलाकों में कई बार जानकारी के अभाव में महिलाएं अपनी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंचा पातीं। ऐसे में पुलिस की जागरूकता टीमें महिलाओं को सहायता के उपलब्ध माध्यमों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
राम शंकर कटियार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दी उपयोगी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान थाना रेंढर की मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं को सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। टीम का नेतृत्व वरिष्ठ उपनिरीक्षक राम शंकर कटियार ने किया। उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न अथवा अन्य परेशानी की स्थिति में उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस टीम ने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर भी जानकारी दी। वर्तमान समय में मोबाइल फोन, इंटरनेट और डिजिटल भुगतान का उपयोग बढ़ने के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं से सतर्क रहना आवश्यक है। महिलाओं को सलाह दी गई कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान लोगों के कहने पर डिजिटल भुगतान करने से भी बचना चाहिए।
इसके साथ ही महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि किसी परेशानी का सामना करने पर चुप रहने के बजाय विश्वसनीय परिजनों, पुलिस या संबंधित सहायता सेवा से संपर्क करना चाहिए। समय पर सूचना देने से संबंधित अधिकारियों को मामले में आवश्यक कदम उठाने में मदद मिल सकती है।
महिलाओं को बताए गए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को अलग-अलग परिस्थितियों में उपयोगी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। इन नंबरों को याद रखने और आवश्यकता पड़ने पर उचित सेवा का इस्तेमाल करने की अपील की गई।
- 112 — पुलिस आपातकालीन सेवा: तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता होने पर संपर्क किया जा सकता है।
- 1090 — वूमेन पावर लाइन: उत्तर प्रदेश में महिलाओं से संबंधित उत्पीड़न की शिकायतों और सहायता के लिए उपलब्ध सेवा।
- 181 — महिला हेल्पलाइन: महिलाओं को सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने वाली हेल्पलाइन।
- 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन: संकट या परेशानी में फंसे बच्चों की सहायता के लिए।
- 1930 — साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन: ऑनलाइन वित्तीय ठगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए तत्काल संपर्क करने की सेवा।
पुलिस टीम ने महिलाओं से अपील की कि वे इन नंबरों की जानकारी अपने परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास की महिलाओं तक भी पहुंचाएं। विशेष रूप से बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देना और उन्हें बिना झिझक सहायता मांगने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी बताया गया।
महिला सम्मान और सामाजिक भागीदारी पर रहा जोर
कार्यक्रम में समाज के विकास में योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस पहल के जरिए महिलाओं के कार्यों को पहचान देने और अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और सामुदायिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी समाज को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की उपस्थिति भी इस दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। ऐसे समूह ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों, बचत, रोजगार और सामूहिक सहयोग के अवसरों से जोड़ने में मदद करते हैं। महिला जागरूकता कार्यक्रम इन समूहों के माध्यम से अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों को अधिक लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं।
समारोह में पुलिसकर्मियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से यह संदेश सामने आया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
रेंढर पुलिस की टीम रही मौजूद
कार्यक्रम में थाना रेंढर की मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीम के कई सदस्य उपस्थित रहे। इनमें वरिष्ठ उपनिरीक्षक राम शंकर कटियार, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, कांस्टेबल असद खान, कांस्टेबल रंजीत सिंह, महिला कांस्टेबल खुशबू, महिला कांस्टेबल राखी पौनिया, महिला कांस्टेबल सरिता देवी और ग्राम चौकीदार दयाराम शामिल रहे।
पुलिस टीम ने महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के साथ जागरूकता अभियान के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, डिजिटल सुरक्षा के नियम अपनाने और किसी भी आपात स्थिति में उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में पहल
ग्राम नावली में आयोजित मिशन शक्ति समारोह ने महिला सुरक्षा, सम्मान और जागरूकता को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। लगभग 400 से 500 महिलाओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी वाला आयोजन बनाया। विधायक मूलचंद्र निरंजन की मौजूदगी, आयोजक शिवम् द्विवेदी की पहल और रेंढर पुलिस की टीम की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।
महिलाओं को अधिकारों की जानकारी देना, सुरक्षा सेवाओं से परिचित कराना और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करना सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ऐसे आयोजनों का प्रभाव तभी स्थायी बन सकता है, जब जागरूकता के साथ-साथ महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, समान अवसर और सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध हो।
नावली में आयोजित यह समारोह इसी उद्देश्य की ओर एक प्रयास रहा, जिसमें महिलाओं को जागरूक रहने, जरूरत पड़ने पर सहायता लेने और समाज में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
