नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर AC बस में भीषण आग, 9 यात्रियों की मौत
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
ग्रेटर नोएडा, 24 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक निजी स्लीपर एसी बस में अचानक आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। जेवर क्षेत्र में हुए इस अग्निकांड में नौ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में हुआ। अलग-अलग रिपोर्टों में घटनास्थल की दूरी को लेकर कुछ अंतर है, लेकिन सभी रिपोर्टें इस बात की पुष्टि करती हैं कि हादसा जेवर एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में हुआ। बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार बताए गए हैं। आग लगते ही कुछ यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ यात्री आग की चपेट में आ गए।
देखते ही देखते आग ने पूरी बस को घेरा
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक बस में आग लगने के बाद स्थिति बेहद तेजी से बिगड़ गई। कुछ ही समय में आग ने बस के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। यात्रियों में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। कई यात्रियों ने आपात स्थिति में खिड़कियों का सहारा लेकर बस से बाहर निकलने की कोशिश की।
दमकल की टीमों को सूचना मिलने के बाद मौके पर भेजा गया। आग पर काबू पाने के साथ-साथ बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
नौ यात्रियों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में नौ यात्रियों की जान चली गई। उपलब्ध शुरुआती जानकारी के अनुसार मृतकों में आठ पुरुष और एक महिला शामिल हैं। आग की तीव्रता के कारण मृतकों की पहचान करने में कठिनाई सामने आई है। प्रशासन शवों की पहचान के लिए यात्रियों से जुड़ी जानकारी और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड की मदद ले रहा है। जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच के माध्यम से पहचान की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस की ओर से मृतकों की पहचान उनके यात्रा संबंधी दस्तावेजों और टिकट बुकिंग रिकॉर्ड के आधार पर करने का प्रयास किया जा रहा है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मृतकों के परिजनों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दिल्ली से महोबा जा रही थी बस
रिपोर्टों के मुताबिक संबंधित बस दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी। हादसा रात करीब 11 बजे के बाद हुआ। बस के बिहार पंजीकरण नंबर होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने घटना के बाद बस के संचालन से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि बस में आग किस वजह से लगी और यात्रियों को बाहर निकलने के लिए पर्याप्त समय क्यों नहीं मिल पाया। इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
आग लगने के कारण की जांच जारी
प्रारंभिक जांच से जुड़ी जानकारी में बस के एसी सिस्टम में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद आग फैलने की आशंका जताई गई है। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि आग इंजन क्षेत्र तक पहुंची और तेजी से फैल गई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पुलिस और अग्निशमन विभाग हादसे के तकनीकी कारणों की जांच कर रहे हैं। बस की स्थिति, उसके अग्नि सुरक्षा उपकरण, विद्युत प्रणाली और अन्य तकनीकी पहलुओं को जांच के दायरे में रखा जा सकता है। अधिकारियों द्वारा प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षित बचे यात्रियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
चालक और परिचालक से भी पूछताछ
हादसे के बाद बस के चालक और परिचालक के संबंध में भी पुलिस ने कार्रवाई की है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार दोनों को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आग लगने के समय बस में क्या स्थिति थी और यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए क्या कदम उठाए गए।
कुछ यात्रियों की ओर से आग लगने से पहले जलने जैसी गंध महसूस होने की बात भी सामने आई है। इन दावों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले आग के कारण या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
कई यात्रियों ने खिड़कियों से निकलकर बचाई जान
आग तेजी से फैलने के बाद बस के भीतर मौजूद यात्रियों के सामने बाहर निकलने की चुनौती पैदा हो गई। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों को तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास किया। कई लोग बस से बाहर निकलने में सफल रहे। बचाए गए यात्रियों को प्रशासन की निगरानी में प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
घटना के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। सुरक्षा कारणों से संबंधित क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया, ताकि दमकल और राहत टीमों को अभियान चलाने में परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने लिया हादसे का संज्ञान
ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी हादसे पर शोक व्यक्त किया गया और मृतकों के परिजनों तथा घायलों के लिए सहायता राशि की घोषणा की गई।
हादसे ने उठाए बस सुरक्षा पर सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा लंबी दूरी की स्लीपर बसों में यात्री सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। खासकर एसी और स्लीपर बसों में आग लगने की स्थिति में यात्रियों के लिए आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है, इसकी जांच जरूरी हो जाती है।
हालांकि इस हादसे के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही को लेकर जांच अभी जारी है। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग किस वजह से लगी, कितनी तेजी से फैली और हादसे की परिस्थितियां क्या थीं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन का मुख्य ध्यान मृतकों की पहचान, घायलों के उपचार, सुरक्षित बचे यात्रियों की सहायता और घटना की विस्तृत जांच पर है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने नौ परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।