प्रतापगढ़ में बिजली कटौती और लो वोल्टेज के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव

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अंशुमान द्विवेदी

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता प्रतापगढ़

प्रतापगढ़। जनपद में कथित अघोषित विद्युत कटौती, लो वोल्टेज और विद्युत विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चिलबिला स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए घंटों धरना दिया और बाद में कार्यालय का घेराव कर विभाग के अधिकारियों को आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

प्रदर्शनकारियों ने विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी जनता के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक करेगी।

अघोषित कटौती से जनता परेशान होने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि प्रतापगढ़ के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को लेकर लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार कई इलाकों में रात के समय लंबे समय तक बिजली उपलब्ध नहीं रहती, जबकि दिन में भी बिजली कटौती और कम वोल्टेज की शिकायतें सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों की पढ़ाई, दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का काम तथा किसानों की सिंचाई भी बिजली व्यवस्था पर निर्भर है। ऐसे में लंबे समय तक बिजली न आने से अलग-अलग वर्गों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली संबंधी शिकायतों के समय कई उपभोक्ताओं को जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों से संपर्क करने में कठिनाई होती है। उन्होंने विभाग से शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की मांग की।

बिजली व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला महासचिव संतोष सिंह ने प्रतापगढ़ की विद्युत व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें हैं और लो वोल्टेज के कारण विद्युत उपकरणों के खराब होने की समस्या भी सामने आती है।

उन्होंने दीवानी न्यायालय परिसर में बने मिनी पावर हाउस का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेता के अनुसार इस परियोजना पर बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद उसका अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा उन्होंने विद्युत विभाग में कथित बिल बुक घोटाले की जांच कराने की मांग की।

संतोष सिंह ने कहा कि यदि विभाग से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच में जिम्मेदारी तय होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

किसानों की विद्युत समस्याओं का भी मुद्दा उठा

कांग्रेस सेवादल के जिला महासचिव भवानी शंकर दुबे ने किसानों से जुड़ी बिजली की समस्याओं को प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत कनेक्शन लेने के लिए किसानों को अधिक राशि के एस्टीमेट दिए जाने की शिकायतें हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था आसान और सुलभ होना जरूरी है। यदि विद्युत कनेक्शन और आपूर्ति से संबंधित प्रक्रियाएं जटिल या महंगी होंगी तो इसका सीधा असर कृषि कार्य पर पड़ेगा।

भवानी शंकर दुबे ने विद्युत उपकेंद्रों पर कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर जरूरी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उनके अनुसार लाइनमैन कठिन परिस्थितियों में बिजली के रखरखाव का काम करते हैं, इसलिए कार्यस्थलों पर सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

ट्रांसफार्मर बदलने और शिकायतों के निस्तारण की मांग

प्रदर्शनकारियों ने खराब ट्रांसफार्मरों को समय पर बदलने की मांग भी उठाई। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद लोगों को लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करना पड़ता है।

कांग्रेस की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि ट्रांसफार्मर बदलने समेत कुछ विद्युत कार्यों को लेकर उपभोक्ताओं से कथित रूप से पैसे मांगने की शिकायतें सामने आती हैं। पार्टी ने इन आरोपों की जांच कराए जाने और दोष पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, इन आरोपों पर विद्युत विभाग का पक्ष इस प्रदर्शन के दौरान सामने नहीं आया। ऐसे मामलों में आरोपों की वास्तविकता निर्धारित करने के लिए विभागीय जांच और संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

घेराव के बाद कांग्रेस नेताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने, लो वोल्टेज की समस्या दूर करने, खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलने, किसानों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल बनाने और बिजली से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने जैसी मांगें शामिल रहीं।

पार्टी नेताओं ने विद्युत विभाग से उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की। साथ ही विभाग में लगाए गए वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई।

एक सप्ताह में सुधार की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान विभाग को चेतावनी दी कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो पार्टी जनता के साथ सड़क पर उतरकर लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी। भवानी शंकर दुबे ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आंदोलन तेज करेगी।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़ी समस्याओं का असर समाज के लगभग हर वर्ग पर पड़ता है। इसलिए विभाग को शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रवार स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और जहां तकनीकी समस्याएं हैं, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कोषाध्यक्ष वेदांत तिवारी, नगर अध्यक्ष मोहम्मद इश्तियाक, प्रेम शंकर द्विवेदी, इन्द्रानंद तिवारी, विजय प्रताप त्रिपाठी, संजय पांडेय, मुजम्मिल हुसैन, रवि भूषण सिन्हा, मासूम हैदर, चन्द्रनाथ शुक्ला, लक्ष्मी शंकर मिश्रा, अजय पटेल, मो. हुजैफ, मोनू मिश्रा, महेंद्र मिश्रा, मोहम्मद यूनुस, शुभम मिश्रा, सलमान खान, अंजली उपाध्याय, मो. दिलशाद, सुरेश कुमार सरोज, मोहम्मद वसीम, अशोक सिंह, सुरेश मिश्रा और आशिक अली समेत कई लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा फतेह बहादुर सिंह, अंजनी कुमार पांडेय, विनय गुप्ता, रविंद्र मिश्रा, राधेश्याम दुबे, शहजाद सलमानी, अरबाज आलम, अबू शमा, रवि प्रताप सिंह, उमा देवी पुरखिन, गोमती, आलोक पांडेय, मो. वैश, गिरिश मिश्र, संजय पाल, अवध नारायण सिंह, चंद्र भूषण पांडेय, रणविजय बहादुर, मोहम्मद सलीम, हिमांशु गुप्ता, शब्बीर और मोहम्मद आकिब सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति बताई गई।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान तक वह इस मुद्दे को उठाती रहेगी। अब विभाग की ओर से आठ सूत्रीय मांग पत्र पर क्या कार्रवाई की जाती है और विद्युत आपूर्ति में कितना सुधार होता है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।

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