सुबरनपुर में जिला स्तरीय युवा महोत्सव 2027 की तैयारियां तेज, 5 नवंबर से शुरू होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं

0

सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

सुबरनपुर, 31 अक्टूबर 2026। ओडिशा के सुबरनपुर जिले में जिला स्तरीय युवा महोत्सव 2027 के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के अंतर्गत आयोजित होने वाले इस महोत्सव में जिले के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिताओं का आयोजन 5 और 6 नवंबर को किया जाएगा। इसके अलावा निबंध लेखन से जुड़ी प्रतियोगिता के लिए 13 नवंबर की संभावित तिथि निर्धारित की गई है।

महोत्सव के आयोजन, प्रतियोगिताओं की रूपरेखा और युवाओं की भागीदारी से संबंधित जानकारी देने के लिए शनिवार दोपहर जिला कलेक्टर कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें जिला कलेक्टर देबाशीष सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, तैयारियों और प्रतिभागियों के लिए निर्धारित नियमों की विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी चित्ररंजन मिश्रा और जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी प्रीति सुना भी मौजूद रहे। चित्ररंजन मिश्रा को इस आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नशामुक्त युवा और विकसित भारत होगा महोत्सव का मुख्य संदेश

इस वर्ष युवा महोत्सव की मुख्य विषयवस्तु ‘विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा’ रखी गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।

आयोजकों के अनुसार, युवा शक्ति किसी भी देश की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति होती है। यदि युवाओं को सही दिशा, शिक्षा, रचनात्मक अवसर और सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध कराया जाए तो वे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

इसी सोच को ध्यान में रखते हुए महोत्सव में सांस्कृतिक, साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों को शामिल किया गया है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।

कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, कविता लेखन, लोकनृत्य, लोकगीत, निबंध लेखन और पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

5 नवंबर को तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं का आयोजन

महोत्सव के पहले दिन यानी 5 नवंबर को जिले के अलग-अलग स्थानों पर तीन प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता: यह प्रतियोगिता संस्कृति भवन में आयोजित होगी। इसमें प्रतिभागी टीमों को अपने प्रदर्शन के लिए अधिकतम 10 मिनट का समय दिया जाएगा। नाटक के माध्यम से नशामुक्त समाज और जागरूक युवा पीढ़ी का संदेश प्रस्तुत करना होगा।

चित्रकला प्रतियोगिता: जिला पुस्तकालय में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रतिभागियों को छह घंटे का समय मिलेगा। इस दौरान युवा अपनी कल्पनाशक्ति और कलात्मक क्षमता के माध्यम से निर्धारित विषय को चित्रों में प्रदर्शित करेंगे।

कविता लेखन प्रतियोगिता: सोनपुर कॉलेज में कविता लेखन का आयोजन किया जाएगा। इसमें ओड़िया, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में कविता लिखने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता की अवधि 90 मिनट निर्धारित की गई है।

6 नवंबर को लोकनृत्य और लोकगीत से सजेगा मंच

महोत्सव के दूसरे दिन 6 नवंबर को संस्कृति भवन में लोकनृत्य और लोकगीत प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। दोनों प्रतियोगिताओं में प्रत्येक प्रस्तुति के लिए आठ मिनट का समय निर्धारित किया गया है।

लोकनृत्य और लोकगीत के माध्यम से जिले की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला और स्थानीय लोक परंपराओं को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। युवा कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए क्षेत्रीय संस्कृति की विशेषताओं को प्रदर्शित कर सकेंगे।

इसके अतिरिक्त निबंध लेखन और पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के लिए अलग दिन निर्धारित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए फिलहाल 13 नवंबर की संभावित तिथि तय की गई है। हालांकि इसकी अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी।

15 से 29 वर्ष के युवा कर सकेंगे आवेदन

जिला स्तरीय युवा महोत्सव में भाग लेने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। आयोजकों के अनुसार, 15 से 29 वर्ष की आयु वाले युवक और युवतियां प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते हैं।

प्रतिभागियों का MY Bharat पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है। आयु की गणना 17 अगस्त 2026 को आधार मानकर की जाएगी। इसके साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवाओं का सुबरनपुर जिले का निवासी होना जरूरी है।

हालांकि जिले के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में अध्ययनरत युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिले।

प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को अपना आधार कार्ड साथ रखना अनिवार्य होगा। एक व्यक्ति केवल एक प्रतियोगिता में ही हिस्सा ले सकेगा। इसलिए युवाओं को पंजीकरण और प्रतियोगिता का चयन करते समय निर्धारित नियमों का ध्यान रखना होगा।

समूह प्रतियोगिताओं के लिए तय की गई सदस्य संख्या

नुक्कड़ नाटक, लोकनृत्य और लोकगीत जैसी समूह प्रतियोगिताओं के लिए टीम गठन से संबंधित नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।

प्रत्येक टीम में अधिकतम 10 सदस्य शामिल हो सकते हैं। इनमें सात तक मुख्य कलाकार और तीन तक सहयोगी सदस्य रखे जा सकते हैं। सहयोगी सदस्यों की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

इस व्यवस्था के तहत कलाकारों को अपनी प्रस्तुति तैयार करने और आवश्यक सहयोग प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। हालांकि टीम बनाते समय निर्धारित सदस्य संख्या और आयु संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक नकद पुरस्कार

युवाओं को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर नकद पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। समूह और व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

समूह प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 10,000 रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 7,500 रुपये और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीम को 5,000 रुपये दिए जाएंगे।

वहीं चित्रकला और कविता लेखन जैसी व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में प्रथम पुरस्कार 3,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2,000 रुपये और तृतीय पुरस्कार 1,000 रुपये निर्धारित किया गया है।

इन पुरस्कारों का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित करना और उन्हें आगे भी रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना है।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी मिलेगा प्रतिनिधित्व का अवसर

जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलेगा।

लोकनृत्य, लोकगीत, चित्रकला और कविता लेखन में प्रथम तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए पात्र माना जाएगा।

हालांकि नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में केवल प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को ही राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।

इससे जिले के युवाओं को अपनी कला और कौशल को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही राज्य के अन्य जिलों के प्रतिभागियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव भी प्राप्त होगा।

दूरदराज के गांवों के युवाओं तक पहुंचाने की अपील

प्रेस वार्ता के दौरान जिला कलेक्टर देबाशीष सिंह ने महोत्सव में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का लाभ केवल शहरों और शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी इसमें शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और संबंधित विभागों से अपील की कि वे गांव-गांव तक महोत्सव की जानकारी पहुंचाएं। युवाओं को प्रतियोगिताओं के बारे में बताएं और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रोत्साहित करें।

कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि महोत्सव में भाग लेने के लिए केवल नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी ही पात्र नहीं हैं। ऐसे युवा जो वर्तमान में किसी शैक्षणिक संस्थान में अध्ययन नहीं कर रहे हैं, वे भी निर्धारित आयु, पंजीकरण और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करने पर हिस्सा ले सकते हैं।

प्रशासन ने अधिकारियों को सौंपी भागीदारी बढ़ाने की जिम्मेदारी

महोत्सव को सफल बनाने और जिले के प्रत्येक क्षेत्र से युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन की ओर से सभी प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO), कार्यपालक अधिकारियों, BSSO और BKSS सुबरनपुर को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से संभावित प्रतिभागियों की संख्या से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं।

इससे आयोजन की तैयारियों, प्रतियोगिताओं की व्यवस्था और प्रतिभागियों के प्रबंधन में सहायता मिलने की उम्मीद है।

युवा प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मंच

सुबरनपुर में आयोजित होने वाला जिला स्तरीय युवा महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। यह युवाओं को सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने, कला-संस्कृति को आगे बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

विशेष रूप से नशामुक्त भारत का संदेश इस कार्यक्रम को सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है। नुक्कड़ नाटक, कविता, चित्रकला और लोककलाओं के माध्यम से युवा समाज को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित कर सकेंगे।

अब जिला प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि 5 नवंबर से शुरू होने वाले इस आयोजन में अधिक से अधिक योग्य प्रतिभागी शामिल हों। यदि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के युवा भी इसमें सक्रिय भागीदारी करते हैं, तो यह महोत्सव जिले की प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें

ताज़ा खबरें • ब्रेकिंग न्यूज़ • नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट

सुबरनपुर में जिला स्तरीय युवा महोत्सव 2027 की तैयारियां तेज, 5 नवंबर से शुरू होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 31, 2026

सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

सुबरनपुर, 31 अक्टूबर 2026। ओडिशा के सुबरनपुर जिले में जिला स्तरीय युवा महोत्सव 2027 के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के अंतर्गत आयोजित होने वाले इस महोत्सव में जिले के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिताओं का आयोजन 5 और 6 नवंबर को किया जाएगा। इसके अलावा निबंध लेखन से जुड़ी प्रतियोगिता के लिए 13 नवंबर की संभावित तिथि निर्धारित की गई है।

महोत्सव के आयोजन, प्रतियोगिताओं की रूपरेखा और युवाओं की भागीदारी से संबंधित जानकारी देने के लिए शनिवार दोपहर जिला कलेक्टर कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें जिला कलेक्टर देबाशीष सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, तैयारियों और प्रतिभागियों के लिए निर्धारित नियमों की विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी चित्ररंजन मिश्रा और जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी प्रीति सुना भी मौजूद रहे। चित्ररंजन मिश्रा को इस आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नशामुक्त युवा और विकसित भारत होगा महोत्सव का मुख्य संदेश

इस वर्ष युवा महोत्सव की मुख्य विषयवस्तु ‘विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा’ रखी गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।

आयोजकों के अनुसार, युवा शक्ति किसी भी देश की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति होती है। यदि युवाओं को सही दिशा, शिक्षा, रचनात्मक अवसर और सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध कराया जाए तो वे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

इसी सोच को ध्यान में रखते हुए महोत्सव में सांस्कृतिक, साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों को शामिल किया गया है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।

कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, कविता लेखन, लोकनृत्य, लोकगीत, निबंध लेखन और पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

5 नवंबर को तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं का आयोजन

महोत्सव के पहले दिन यानी 5 नवंबर को जिले के अलग-अलग स्थानों पर तीन प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता: यह प्रतियोगिता संस्कृति भवन में आयोजित होगी। इसमें प्रतिभागी टीमों को अपने प्रदर्शन के लिए अधिकतम 10 मिनट का समय दिया जाएगा। नाटक के माध्यम से नशामुक्त समाज और जागरूक युवा पीढ़ी का संदेश प्रस्तुत करना होगा।

चित्रकला प्रतियोगिता: जिला पुस्तकालय में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रतिभागियों को छह घंटे का समय मिलेगा। इस दौरान युवा अपनी कल्पनाशक्ति और कलात्मक क्षमता के माध्यम से निर्धारित विषय को चित्रों में प्रदर्शित करेंगे।

कविता लेखन प्रतियोगिता: सोनपुर कॉलेज में कविता लेखन का आयोजन किया जाएगा। इसमें ओड़िया, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में कविता लिखने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता की अवधि 90 मिनट निर्धारित की गई है।

6 नवंबर को लोकनृत्य और लोकगीत से सजेगा मंच

महोत्सव के दूसरे दिन 6 नवंबर को संस्कृति भवन में लोकनृत्य और लोकगीत प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। दोनों प्रतियोगिताओं में प्रत्येक प्रस्तुति के लिए आठ मिनट का समय निर्धारित किया गया है।

लोकनृत्य और लोकगीत के माध्यम से जिले की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला और स्थानीय लोक परंपराओं को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। युवा कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए क्षेत्रीय संस्कृति की विशेषताओं को प्रदर्शित कर सकेंगे।

इसके अतिरिक्त निबंध लेखन और पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के लिए अलग दिन निर्धारित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए फिलहाल 13 नवंबर की संभावित तिथि तय की गई है। हालांकि इसकी अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी।

15 से 29 वर्ष के युवा कर सकेंगे आवेदन

जिला स्तरीय युवा महोत्सव में भाग लेने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। आयोजकों के अनुसार, 15 से 29 वर्ष की आयु वाले युवक और युवतियां प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते हैं।

प्रतिभागियों का MY Bharat पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है। आयु की गणना 17 अगस्त 2026 को आधार मानकर की जाएगी। इसके साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवाओं का सुबरनपुर जिले का निवासी होना जरूरी है।

हालांकि जिले के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में अध्ययनरत युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिले।

प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को अपना आधार कार्ड साथ रखना अनिवार्य होगा। एक व्यक्ति केवल एक प्रतियोगिता में ही हिस्सा ले सकेगा। इसलिए युवाओं को पंजीकरण और प्रतियोगिता का चयन करते समय निर्धारित नियमों का ध्यान रखना होगा।

समूह प्रतियोगिताओं के लिए तय की गई सदस्य संख्या

नुक्कड़ नाटक, लोकनृत्य और लोकगीत जैसी समूह प्रतियोगिताओं के लिए टीम गठन से संबंधित नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।

प्रत्येक टीम में अधिकतम 10 सदस्य शामिल हो सकते हैं। इनमें सात तक मुख्य कलाकार और तीन तक सहयोगी सदस्य रखे जा सकते हैं। सहयोगी सदस्यों की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

इस व्यवस्था के तहत कलाकारों को अपनी प्रस्तुति तैयार करने और आवश्यक सहयोग प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। हालांकि टीम बनाते समय निर्धारित सदस्य संख्या और आयु संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक नकद पुरस्कार

युवाओं को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर नकद पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। समूह और व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

समूह प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 10,000 रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 7,500 रुपये और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीम को 5,000 रुपये दिए जाएंगे।

वहीं चित्रकला और कविता लेखन जैसी व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में प्रथम पुरस्कार 3,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2,000 रुपये और तृतीय पुरस्कार 1,000 रुपये निर्धारित किया गया है।

इन पुरस्कारों का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित करना और उन्हें आगे भी रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना है।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी मिलेगा प्रतिनिधित्व का अवसर

जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलेगा।

लोकनृत्य, लोकगीत, चित्रकला और कविता लेखन में प्रथम तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए पात्र माना जाएगा।

हालांकि नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में केवल प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को ही राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।

इससे जिले के युवाओं को अपनी कला और कौशल को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही राज्य के अन्य जिलों के प्रतिभागियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव भी प्राप्त होगा।

दूरदराज के गांवों के युवाओं तक पहुंचाने की अपील

प्रेस वार्ता के दौरान जिला कलेक्टर देबाशीष सिंह ने महोत्सव में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का लाभ केवल शहरों और शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी इसमें शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और संबंधित विभागों से अपील की कि वे गांव-गांव तक महोत्सव की जानकारी पहुंचाएं। युवाओं को प्रतियोगिताओं के बारे में बताएं और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रोत्साहित करें।

कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि महोत्सव में भाग लेने के लिए केवल नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी ही पात्र नहीं हैं। ऐसे युवा जो वर्तमान में किसी शैक्षणिक संस्थान में अध्ययन नहीं कर रहे हैं, वे भी निर्धारित आयु, पंजीकरण और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करने पर हिस्सा ले सकते हैं।

प्रशासन ने अधिकारियों को सौंपी भागीदारी बढ़ाने की जिम्मेदारी

महोत्सव को सफल बनाने और जिले के प्रत्येक क्षेत्र से युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन की ओर से सभी प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO), कार्यपालक अधिकारियों, BSSO और BKSS सुबरनपुर को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से संभावित प्रतिभागियों की संख्या से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं।

इससे आयोजन की तैयारियों, प्रतियोगिताओं की व्यवस्था और प्रतिभागियों के प्रबंधन में सहायता मिलने की उम्मीद है।

युवा प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मंच

सुबरनपुर में आयोजित होने वाला जिला स्तरीय युवा महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। यह युवाओं को सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने, कला-संस्कृति को आगे बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

विशेष रूप से नशामुक्त भारत का संदेश इस कार्यक्रम को सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है। नुक्कड़ नाटक, कविता, चित्रकला और लोककलाओं के माध्यम से युवा समाज को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित कर सकेंगे।

अब जिला प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि 5 नवंबर से शुरू होने वाले इस आयोजन में अधिक से अधिक योग्य प्रतिभागी शामिल हों। यदि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के युवा भी इसमें सक्रिय भागीदारी करते हैं, तो यह महोत्सव जिले की प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।