टपरा बाजार में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल जाने वाला रास्ता बदहाल, बच्चों और बुजुर्गों को रोजाना हो रही परेशानी
बलवंत कुमार प्रजापति
हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता बहराइच
टपरा बाजार, बहराइच
टपरा बाजार में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल की ओर जाने वाले रास्ते की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों, उनके अभिभावकों, बुजुर्गों और आम राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब हालत के कारण लोगों को संभलकर चलना पड़ता है। खासकर स्कूली बच्चों और उम्रदराज लोगों के लिए यह रास्ता किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल जाने वाले इस मार्ग की स्थिति पर लंबे समय से ध्यान दिए जाने की जरूरत है। बच्चों को प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। सड़क पर गड्ढे, ऊबड़-खाबड़ सतह और अन्य अव्यवस्थाओं के कारण विद्यार्थियों को आने-जाने में परेशानी होती है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचने का रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है। सुबह के समय जब बच्चे पढ़ाई के लिए विद्यालय जाते हैं और दोपहर में छुट्टी के बाद वापस लौटते हैं, तब इस मार्ग पर आवाजाही बनी रहती है।
छोटे बच्चों को खराब रास्ते पर चलने में अधिक परेशानी होती है। उन्हें कई जगह संभलकर कदम रखना पड़ता है। यदि रास्ते पर गड्ढे और असमतल स्थान हैं तो बच्चों के फिसलने या गिरने की आशंका भी बनी रहती है। बारिश के दिनों में स्थिति और कठिन हो सकती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
अभिभावकों का मानना है कि विद्यालय जाने वाले मार्ग को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। शिक्षा के लिए बच्चों को प्रतिदिन स्कूल जाना पड़ता है, इसलिए उनके रास्ते की स्थिति अच्छी होना भी जरूरी है।
बुजुर्गों के लिए भी परेशानी का कारण बना मार्ग
इस रास्ते की खराब स्थिति का असर केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है। आसपास रहने वाले बुजुर्गों और अन्य नागरिकों को भी आवागमन के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बुजुर्ग लोगों को सामान्य रूप से चलने में भी अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में यदि रास्ता ऊबड़-खाबड़ हो या जगह-जगह गड्ढे मौजूद हों तो उनके लिए पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार लोगों को रास्ते में मौजूद खराब हिस्सों से बचकर निकलना पड़ता है।
जिन बुजुर्गों को बाजार, धार्मिक स्थलों, स्वास्थ्य केंद्रों या अन्य जरूरी कामों के लिए बाहर जाना पड़ता है, उनके लिए अच्छी सड़क की सुविधा बेहद आवश्यक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते सभी आयु वर्ग के नागरिकों के उपयोग में आते हैं, इसलिए उनकी मरम्मत में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बारिश के मौसम में बढ़ सकती है समस्या
सड़क की खराब हालत का सबसे अधिक असर बारिश के मौसम में देखने को मिल सकता है। यदि रास्ते में गड्ढे हैं तो बारिश का पानी उनमें जमा हो जाता है। इससे पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी होती है। पानी जमा होने पर सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती और राहगीरों को रास्ता पार करने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
स्कूल जाने वाले बच्चों के जूते और कपड़े भी खराब रास्ते के कारण गंदे हो सकते हैं। वहीं, बुजुर्गों और कमजोर लोगों के लिए कीचड़ या फिसलन वाले स्थानों से गुजरना कठिन हो जाता है।
स्थानीय स्तर पर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि मौसम बदलने के साथ लोगों की परेशानी और अधिक न बढ़े।
जिम्मेदार अधिकारियों से सड़क मरम्मत कराने की मांग
टपरा बाजार के स्थानीय नागरिकों की मांग है कि सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल जाने वाले मार्ग का संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कराया जाए। सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर आवश्यकतानुसार मरम्मत और निर्माण कार्य कराया जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी सुधार करने के बजाय सड़क को इस तरह दुरुस्त किया जाना चाहिए कि लंबे समय तक विद्यार्थियों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। इसके साथ ही मार्ग पर जल निकासी की उचित व्यवस्था भी जरूरी है, जिससे बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो।
यदि सड़क की स्थिति समय रहते ठीक नहीं की गई तो आने वाले दिनों में विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बच्चों की सुरक्षा और बुजुर्गों की सुविधा को मिले प्राथमिकता
किसी भी क्षेत्र के विकास का आकलन वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से किया जाता है। अच्छी सड़क, साफ-सफाई और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नागरिकों की मूलभूत जरूरतों में शामिल है। विशेष रूप से विद्यालयों तक पहुंचने वाले रास्तों का बेहतर होना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए आने-जाने में अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
टपरा बाजार के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल जाने वाले मार्ग की समस्या भी इसी ओर ध्यान आकर्षित करती है। इस रास्ते से बच्चों के साथ-साथ बुजुर्ग और अन्य स्थानीय नागरिक भी गुजरते हैं। इसलिए इसकी मरम्मत केवल सड़क निर्माण का विषय नहीं, बल्कि जनसुविधा और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
अब स्थानीय लोगों की निगाहें संबंधित ग्राम पंचायत, प्रशासन और जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं। नागरिकों को उम्मीद है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द निरीक्षण कराया जाएगा और सड़क को आवागमन के योग्य बनाया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन से अपील है कि सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल जाने वाले रास्ते की बदहाल स्थिति पर तत्काल ध्यान दिया जाए, ताकि छोटे बच्चों को सुरक्षित रास्ता मिल सके और बुजुर्गों को भी राहत मिल सके। विकास का लाभ तभी सार्थक होगा, जब आम नागरिकों को अपने घर से स्कूल और बाजार तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क की सुविधा उपलब्ध हो।