उसरगांव मंदिर चोरीकांड में तीन आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ में एक के पैर में लगी गोली

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

कालपी, जालौन, 26 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में मंदिर चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। कालपी कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों और पुलिस टीम के बीच मुठभेड़ भी हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। दो अन्य आरोपियों को भी मौके से हिरासत में लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई ग्राम उसरगांव स्थित देवपुरा माता मंदिर में हुई चोरी की घटना की जांच के दौरान की गई। मंदिर में 16 और 17 सितंबर 2026 की दरम्यानी रात चोरी की वारदात सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस टीम लगातार संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

चेकिंग के दौरान सामने आए संदिग्ध

पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियां नजर आईं। पुलिस के अनुसार, टीम ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस और आरोपियों के बीच फायरिंग हुई।

पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई। इसी दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। घायल आरोपी की पहचान संदीप उर्फ नरेंद्र कुमार निवासी भोगनीपुर, कानपुर देहात के रूप में बताई गई है। पुलिस ने उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं, उसके साथ मौजूद दो अन्य आरोपियों को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी घटनाक्रम की जानकारी ली। पूरे मामले में पुलिस द्वारा बरामद सामान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

मंदिर चोरी से जुड़ा होने का पुलिस का दावा

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ और जांच में गिरफ्तार आरोपियों के उसरगांव के देवपुरा माता मंदिर में हुई चोरी से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। मंदिर में हुई चोरी के बाद पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण चुनौती थी।

जांच टीम ने घटनास्थल से मिले सुरागों, स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया। इसी क्रम में स्वाट और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया। संयुक्त टीम की कार्रवाई के बाद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

हालांकि, पुलिस की ओर से आरोपियों की भूमिका और चोरी की पूरी योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी पूछताछ पूरी होने के बाद सामने आने की बात कही गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और चोरी का सामान कहां ले जाया गया था।

चोरी का सामान और नकदी बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद करने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से चोरी की गई 26 घंटे और करीब 12 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी अपने कब्जे में लिया है।

जांच टीम को आरोपियों के पास से चोरी की वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों का इस्तेमाल मंदिर में प्रवेश करने और सामान चोरी करने के लिए किया गया था।

बरामदगी में पुलिस ने अवैध असलहा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस मिलने की भी जानकारी दी है। पुलिस अब बरामद हथियारों के स्रोत और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। बरामद मोटरसाइकिल और अन्य वस्तुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि उनका संबंध चोरी की घटना से स्थापित किया जा सके।

अन्य वारदातों की भी हो रही जांच

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वे किसी अन्य चोरी की घटना में भी शामिल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

पूछताछ में यदि अन्य घटनाओं के संबंध में जानकारी सामने आती है तो संबंधित मामलों में भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी अकेले काम करते थे या उनके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।

मंदिर चोरी जैसे मामलों में पुलिस के सामने चोरी किए गए सामान की बरामदगी के साथ-साथ घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान करना भी महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जांच टीम आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है।

पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता

उसरगांव मंदिर में हुई चोरी के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। धार्मिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में सुरक्षा को लेकर पुलिस द्वारा निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है। पुलिस टीम ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ रात के समय गश्त और चेकिंग पर भी जोर दे रही है।

अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस की ओर से नियमित चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी की जा रही है।

आगे की कार्रवाई जारी

अपर पुलिस अधीक्षक जालौन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घायल आरोपी का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है और उसकी स्थिति से संबंधित जानकारी चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर सामने आएगी।

पुलिस ने बरामद अवैध असलहे, कारतूस, नकदी, घड़ियों, मोटरसाइकिल और अन्य उपकरणों को जांच का हिस्सा बनाया है। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर पुलिस चोरी की घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

फिलहाल इस कार्रवाई के बाद उसरगांव के देवपुरा माता मंदिर में हुई चोरी के मामले की जांच आगे बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सामने लाया जाएगा। साथ ही यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी मंदिर चोरीकांड की जांच में अहम कड़ी है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और पूछताछ जारी है।

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उसरगांव मंदिर चोरीकांड में तीन आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ में एक के पैर में लगी गोली

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 26, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

कालपी, जालौन, 26 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में मंदिर चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। कालपी कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों और पुलिस टीम के बीच मुठभेड़ भी हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। दो अन्य आरोपियों को भी मौके से हिरासत में लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई ग्राम उसरगांव स्थित देवपुरा माता मंदिर में हुई चोरी की घटना की जांच के दौरान की गई। मंदिर में 16 और 17 सितंबर 2026 की दरम्यानी रात चोरी की वारदात सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस टीम लगातार संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

चेकिंग के दौरान सामने आए संदिग्ध

पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियां नजर आईं। पुलिस के अनुसार, टीम ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस और आरोपियों के बीच फायरिंग हुई।

पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई। इसी दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। घायल आरोपी की पहचान संदीप उर्फ नरेंद्र कुमार निवासी भोगनीपुर, कानपुर देहात के रूप में बताई गई है। पुलिस ने उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं, उसके साथ मौजूद दो अन्य आरोपियों को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी घटनाक्रम की जानकारी ली। पूरे मामले में पुलिस द्वारा बरामद सामान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

मंदिर चोरी से जुड़ा होने का पुलिस का दावा

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ और जांच में गिरफ्तार आरोपियों के उसरगांव के देवपुरा माता मंदिर में हुई चोरी से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। मंदिर में हुई चोरी के बाद पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण चुनौती थी।

जांच टीम ने घटनास्थल से मिले सुरागों, स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया। इसी क्रम में स्वाट और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया। संयुक्त टीम की कार्रवाई के बाद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

हालांकि, पुलिस की ओर से आरोपियों की भूमिका और चोरी की पूरी योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी पूछताछ पूरी होने के बाद सामने आने की बात कही गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और चोरी का सामान कहां ले जाया गया था।

चोरी का सामान और नकदी बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद करने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से चोरी की गई 26 घंटे और करीब 12 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी अपने कब्जे में लिया है।

जांच टीम को आरोपियों के पास से चोरी की वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों का इस्तेमाल मंदिर में प्रवेश करने और सामान चोरी करने के लिए किया गया था।

बरामदगी में पुलिस ने अवैध असलहा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस मिलने की भी जानकारी दी है। पुलिस अब बरामद हथियारों के स्रोत और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। बरामद मोटरसाइकिल और अन्य वस्तुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि उनका संबंध चोरी की घटना से स्थापित किया जा सके।

अन्य वारदातों की भी हो रही जांच

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वे किसी अन्य चोरी की घटना में भी शामिल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

पूछताछ में यदि अन्य घटनाओं के संबंध में जानकारी सामने आती है तो संबंधित मामलों में भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी अकेले काम करते थे या उनके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।

मंदिर चोरी जैसे मामलों में पुलिस के सामने चोरी किए गए सामान की बरामदगी के साथ-साथ घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान करना भी महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जांच टीम आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है।

पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता

उसरगांव मंदिर में हुई चोरी के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। धार्मिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में सुरक्षा को लेकर पुलिस द्वारा निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है। पुलिस टीम ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ रात के समय गश्त और चेकिंग पर भी जोर दे रही है।

अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस की ओर से नियमित चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी की जा रही है।

आगे की कार्रवाई जारी

अपर पुलिस अधीक्षक जालौन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घायल आरोपी का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है और उसकी स्थिति से संबंधित जानकारी चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर सामने आएगी।

पुलिस ने बरामद अवैध असलहे, कारतूस, नकदी, घड़ियों, मोटरसाइकिल और अन्य उपकरणों को जांच का हिस्सा बनाया है। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर पुलिस चोरी की घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

फिलहाल इस कार्रवाई के बाद उसरगांव के देवपुरा माता मंदिर में हुई चोरी के मामले की जांच आगे बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सामने लाया जाएगा। साथ ही यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी मंदिर चोरीकांड की जांच में अहम कड़ी है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और पूछताछ जारी है।