केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एलपीजी वाहक जहाजों ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के चालक दल के साहस की सराहना की

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सांकेतिक तस्वीर

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने में समुद्री क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी संदर्भ में केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारतीय ध्वज वाले एलपीजी वाहक जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के साहसी चालक दल से बातचीत कर उनके अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की।

मंत्री सोनोवाल ने कहा कि इन जहाजों के चालक दल ने अत्यधिक जोखिम वाले समुद्री क्षेत्र में लगभग दो सप्ताह तक धैर्य और साहस के साथ प्रतीक्षा करते हुए असाधारण जिम्मेदारी निभाई। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उनका मनोबल और कर्तव्यनिष्ठा देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे भारतीय ध्वज वाले एलपीजी वाहक जहाज ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये जहाज एलपीजी लेकर भारत के प्रमुख बंदरगाहों—मुंद्रा बंदरगाह और कांडला बंदरगाह—पर सफलतापूर्वक पहुंचे। इन जहाजों के सुरक्षित आगमन से देश में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हुई, जो आम जनता और उद्योगों दोनों के लिए बेहद आवश्यक है।

केंद्रीय मंत्री ने चालक दल के साहस को न केवल प्रेरणादायक बताया, बल्कि इसे भारत की समुद्री क्षमता और पेशेवर दक्षता का प्रतीक भी कहा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे कठिन हालात में कार्य करना केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और टीम भावना की भी मांग करता है।

भारत तेजी से अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आयात और घरेलू संसाधनों के बीच संतुलन बना रहा है। ऐसे में समुद्री मार्गों से ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के चालक दल ने यह साबित कर दिया कि भारतीय समुद्री पेशेवर हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।

अंततः, यह घटना न केवल भारतीय नौवहन क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि देश के समर्पित कर्मी कठिनतम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी निष्ठा और साहस के साथ करते हैं।

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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एलपीजी वाहक जहाजों ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के चालक दल के साहस की सराहना की

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:मार्च 18, 2026
सांकेतिक तस्वीर

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने में समुद्री क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी संदर्भ में केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारतीय ध्वज वाले एलपीजी वाहक जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के साहसी चालक दल से बातचीत कर उनके अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की।

मंत्री सोनोवाल ने कहा कि इन जहाजों के चालक दल ने अत्यधिक जोखिम वाले समुद्री क्षेत्र में लगभग दो सप्ताह तक धैर्य और साहस के साथ प्रतीक्षा करते हुए असाधारण जिम्मेदारी निभाई। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उनका मनोबल और कर्तव्यनिष्ठा देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे भारतीय ध्वज वाले एलपीजी वाहक जहाज ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये जहाज एलपीजी लेकर भारत के प्रमुख बंदरगाहों—मुंद्रा बंदरगाह और कांडला बंदरगाह—पर सफलतापूर्वक पहुंचे। इन जहाजों के सुरक्षित आगमन से देश में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हुई, जो आम जनता और उद्योगों दोनों के लिए बेहद आवश्यक है।

केंद्रीय मंत्री ने चालक दल के साहस को न केवल प्रेरणादायक बताया, बल्कि इसे भारत की समुद्री क्षमता और पेशेवर दक्षता का प्रतीक भी कहा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे कठिन हालात में कार्य करना केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और टीम भावना की भी मांग करता है।

भारत तेजी से अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आयात और घरेलू संसाधनों के बीच संतुलन बना रहा है। ऐसे में समुद्री मार्गों से ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ के चालक दल ने यह साबित कर दिया कि भारतीय समुद्री पेशेवर हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।

अंततः, यह घटना न केवल भारतीय नौवहन क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि देश के समर्पित कर्मी कठिनतम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी निष्ठा और साहस के साथ करते हैं।