बहरीन में भारत का सख्त संदेश: अब नहीं सहेंगे परमाणु धमकियां, हर उकसावे का होगा कड़ा जवाब

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Anoop singh

मनामा (बहरीन), 25 मई – भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक पहल के अंतर्गत बहरीन में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान भारतीय सांसद और भाजपा नेता बैजयंत पांडा ने वैश्विक समुदाय के सामने भारत का स्पष्ट और निर्णायक रुख रखा। उन्होंने कहा कि अब भारत को किसी भी तरह की धमकियों से डराने की कोशिश न की जाए, क्योंकि देश पूरी तरह से सक्षम है और अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।

बैजयंत पांडा, जो एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में बहरीन पहुंचे थे, उन्होंने वहां की प्रमुख हस्तियों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत अब किसी भी देश द्वारा दी जाने वाली अव्यावहारिक धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने इशारों-इशारों में पाकिस्तान की ओर से अक्सर दी जाने वाली परमाणु धमकियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत अब ऐसी चालों से डरने वाला नहीं है और देश अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारत-बहरीन संबंधों में और मजबूती

बैजयंत पांडा ने बहरीन सरकार को भारत के साथ लगातार खड़े रहने और विशेष रूप से हाल ही में हुए आतंकवादी हमले की सार्वजनिक निंदा करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और बहरीन के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं और दोनों देशों ने समय-समय पर एक-दूसरे का समर्थन किया है।

दुनिया भर में भारत की बढ़ती साख

पांडा ने यह भी बताया कि भारत अब न केवल आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से प्रगति कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर मजबूत रणनीतिक साझेदारियां भी बना रहा है। व्यापार, कूटनीति और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत का प्रभाव दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, और दुनिया भारत की भूमिका को गंभीरता से देख रही है।

आतंकवाद पर सख्त रुख

बैठक में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले की चर्चा भी हुई, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए यह साफ किया कि अब आतंकियों और उन्हें समर्थन देने वालों को हर हाल में जवाब मिलेगा।


निष्कर्ष:
बहरीन में भारत का यह रुख न केवल आतंकवाद के खिलाफ बल्कि सभी प्रकार की अंतरराष्ट्रीय ब्लैकमेलिंग और दबाव की राजनीति के खिलाफ एक सशक्त संदेश है। भारत अब आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और निर्णायक राष्ट्र के रूप में अपने वैश्विक कर्तव्यों को निभा रहा है।

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बहरीन में भारत का सख्त संदेश: अब नहीं सहेंगे परमाणु धमकियां, हर उकसावे का होगा कड़ा जवाब

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:मई 25, 2025
Anoop singh

मनामा (बहरीन), 25 मई – भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक पहल के अंतर्गत बहरीन में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान भारतीय सांसद और भाजपा नेता बैजयंत पांडा ने वैश्विक समुदाय के सामने भारत का स्पष्ट और निर्णायक रुख रखा। उन्होंने कहा कि अब भारत को किसी भी तरह की धमकियों से डराने की कोशिश न की जाए, क्योंकि देश पूरी तरह से सक्षम है और अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।

बैजयंत पांडा, जो एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में बहरीन पहुंचे थे, उन्होंने वहां की प्रमुख हस्तियों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत अब किसी भी देश द्वारा दी जाने वाली अव्यावहारिक धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने इशारों-इशारों में पाकिस्तान की ओर से अक्सर दी जाने वाली परमाणु धमकियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत अब ऐसी चालों से डरने वाला नहीं है और देश अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारत-बहरीन संबंधों में और मजबूती

बैजयंत पांडा ने बहरीन सरकार को भारत के साथ लगातार खड़े रहने और विशेष रूप से हाल ही में हुए आतंकवादी हमले की सार्वजनिक निंदा करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और बहरीन के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं और दोनों देशों ने समय-समय पर एक-दूसरे का समर्थन किया है।

दुनिया भर में भारत की बढ़ती साख

पांडा ने यह भी बताया कि भारत अब न केवल आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से प्रगति कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर मजबूत रणनीतिक साझेदारियां भी बना रहा है। व्यापार, कूटनीति और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत का प्रभाव दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, और दुनिया भारत की भूमिका को गंभीरता से देख रही है।

आतंकवाद पर सख्त रुख

बैठक में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले की चर्चा भी हुई, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए यह साफ किया कि अब आतंकियों और उन्हें समर्थन देने वालों को हर हाल में जवाब मिलेगा।


निष्कर्ष:
बहरीन में भारत का यह रुख न केवल आतंकवाद के खिलाफ बल्कि सभी प्रकार की अंतरराष्ट्रीय ब्लैकमेलिंग और दबाव की राजनीति के खिलाफ एक सशक्त संदेश है। भारत अब आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और निर्णायक राष्ट्र के रूप में अपने वैश्विक कर्तव्यों को निभा रहा है।