जुलाई 3, 2026

तंत्र-मंत्र के शक ने ली एक और जान! दो महिलाओं की मौत के बाद दामाद और समधी बने हत्यारे, गला काटकर उतारा मौत के घाट

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मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के शक ने एक परिवार को ऐसी त्रासदी में धकेल दिया, जहां दो महिलाओं की मौत के बाद एक व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, मऊ जिले के जमालपुर मिर्जापुर नवापुरा गांव में कुछ समय पहले एक ही परिवार की दो महिलाओं की मृत्यु हो गई थी। परिवार के कुछ सदस्यों को संदेह था कि इन मौतों के पीछे गांव के ही एक व्यक्ति का तंत्र-मंत्र और टोना-टोटका है। इसी शक ने उनके मन में बदले की आग भड़का दी।

आरोप है कि मृतक को पहले शराब पिलाई गई और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर धारदार हथियार से उसका गला काटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को फोरलेन के नीचे झाड़ियों में फेंक दिया गया, ताकि घटना को छिपाया जा सके।

जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच

शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ तथा स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस को हत्या के पीछे अंधविश्वास और बदले की साजिश का पता चला।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की योजना और उसे अंजाम देने की पूरी कहानी बताई।

अंधविश्वास बना हत्या की वजह

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों का मानना था कि तंत्र-मंत्र के कारण उनके परिवार की महिलाओं की मौत हुई। इसी गलतफहमी और अंधविश्वास के चलते उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया और एक निर्दोष व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना बताती है कि अंधविश्वास किस तरह लोगों को अपराध की ओर धकेल सकता है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह, अंधविश्वास या तंत्र-मंत्र जैसी बातों पर विश्वास न करें। यदि किसी प्रकार का विवाद या संदेह हो तो उसकी जानकारी पुलिस को दें, न कि कानून अपने हाथ में लें।

समाज के लिए बड़ा संदेश

मऊ की यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों की चेतावनी है। वैज्ञानिक सोच, शिक्षा और कानून पर भरोसा ही ऐसे अपराधों को रोक सकता है। समाज को यह समझना होगा कि किसी भी संदेह का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और सत्य की खोज है।

(नोट: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है, इसलिए अंतिम तथ्य अदालत के निर्णय और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

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