राजस्थान में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 2 सितंबर से बारिश का दौर; 4 सितंबर से कई संभागों में बढ़ेगी बारिश
जयपुर। राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा मानसून अब एक बार फिर सक्रिय होने की दिशा में बढ़ रहा है। सितंबर की शुरुआत में बारिश का दौर थमने के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूप, गर्मी और उमस का असर देखने को मिला, लेकिन अब मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 2 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। वहीं 4 सितंबर से प्रदेश के कई संभागों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तथा पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट के आसपास बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया राजस्थान के आगामी मौसम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस मौसमी सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ राजस्थान में मानसूनी हवाओं को मजबूती मिलने की संभावना है। इसी वजह से पूर्वी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू होने के संकेत हैं।

2 सितंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज
राजस्थान में 2 सितंबर से मौसम में बदलाव दिखाई देने की संभावना है। शुरुआती चरण में बारिश मुख्य रूप से पूर्वी हिस्सों तक सीमित रह सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
जयपुर के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान में 2 सितंबर को सामान्यतः बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। 3 सितंबर को गरज के साथ बारिश तथा बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 4 से 6 सितंबर तक भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
भरतपुर में भी 2 सितंबर की शाम या रात के समय बारिश अथवा गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। अगले कुछ दिनों में यहां भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है।
4 सितंबर से बढ़ेगा बारिश का दायरा
मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर से राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय हो सकती हैं। 4 से 7 सितंबर के बीच भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ बारिश की संभावना है।
इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कोटा संभाग और उसके आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश की स्थिति भी बन सकती है। दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी 4 और 5 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।
इस बदलाव के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि किसी भी जिले में बारिश की वास्तविक तीव्रता स्थानीय मौसम परिस्थितियों और सिस्टम की दिशा पर निर्भर करेगी।
जयपुर में भी बारिश के आसार
राजधानी जयपुर में पिछले दिनों बारिश कमजोर रहने के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ाई। अब मौसम विभाग के पूर्वानुमान से राजधानी में राहत की उम्मीद जगी है।
जयपुर में 2 सितंबर को हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। 3 सितंबर से गरज के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और 4 से 6 सितंबर के बीच भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इससे तापमान में कुछ कमी आने तथा गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि बारिश के दौरान बिजली चमकने और गरजने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में मौसम खराब होने पर लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
भरतपुर संभाग में भी बढ़ सकती है बारिश
भरतपुर संभाग में 2 सितंबर से मौसम में बदलाव की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान में 2 सितंबर की शाम या रात में बारिश अथवा गरज के साथ बौछारों के संकेत हैं। इसके बाद 3 से 7 सितंबर तक भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है।
भरतपुर और आसपास के इलाकों में बारिश होने से तापमान में गिरावट आ सकती है। लगातार उमस और गर्मी के बीच बारिश से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि स्थानीय स्तर पर तेज बारिश होने की स्थिति में जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
कोटा संभाग पर विशेष नजर
आगामी मौसम में कोटा संभाग महत्वपूर्ण क्षेत्र बन सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 4 से 7 सितंबर के बीच यहां बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है।
कोटा संभाग में तेज बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी की आवश्यकता होगी। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी होगा।
अजमेर और उदयपुर में भी बारिश के संकेत
बारिश का प्रभाव केवल जयपुर और भरतपुर तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। 4 से 7 सितंबर के दौरान अजमेर और उदयपुर संभाग में भी मेघगर्जन के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
उदयपुर और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 4-5 सितंबर के दौरान बारिश का असर बढ़ने की संभावना है। इससे लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे क्षेत्रों को राहत मिल सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में मानसून अभी कमजोर
जहां पूर्वी राजस्थान में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में परिस्थितियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है।
हालांकि 4 से 6 सितंबर के दौरान बीकानेर संभाग और शेखावाटी के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि पूरे प्रदेश में एक साथ समान स्तर की बारिश नहीं होगी, बल्कि बारिश की गतिविधियां क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रह सकती हैं।
किसानों के लिए बारिश महत्वपूर्ण
राजस्थान की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में मानसून की बड़ी भूमिका है। बारिश की गतिविधियां बढ़ने से खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है। विशेष रूप से जिन क्षेत्रों में हाल के दिनों में बारिश कमजोर रही है, वहां आगामी बारिश मिट्टी में नमी बढ़ाने में मदद कर सकती है।
हालांकि किसानों को बारिश की मात्रा और स्थानीय पूर्वानुमान के आधार पर ही कृषि गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए। तेज बारिश की स्थिति में खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
गर्मी और उमस से मिलेगी राहत
बारिश के कमजोर पड़ने के बाद राजस्थान के कई शहरों में तापमान फिर बढ़ गया था। हालिया रिपोर्टों के अनुसार कई स्थानों पर दिन का तापमान 34 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
अब बारिश की गतिविधियां बढ़ने पर तापमान में कुछ कमी आने और वातावरण में गर्मी का असर कम होने की उम्मीद है। हालांकि बादलों के बीच उमस बनी रह सकती है।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मानसून की वापसी जहां राहत लेकर आ सकती है, वहीं तेज बारिश और आकाशीय बिजली जैसी मौसमी परिस्थितियों को लेकर सावधानी भी जरूरी है। बारिश के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।
वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी से यात्रा करनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर जारी मौसम चेतावनी को प्राथमिकता देना सबसे सुरक्षित तरीका रहेगा।
7 सितंबर तक बना रह सकता है असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार 4 से 7 सितंबर के बीच राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में देखने को मिल सकता है। जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में इस दौरान बारिश की संभावना बनी हुई है।
कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत में कमजोर पड़ा मानसून अब दोबारा सक्रिय होने की ओर बढ़ रहा है। 2 सितंबर से पूर्वी राजस्थान में बारिश की शुरुआत और 4 सितंबर से व्यापक गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना ने प्रदेशवासियों को राहत की उम्मीद दी है। हालांकि मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए जिलेवार ताजा पूर्वानुमान और आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
निष्कर्ष: राजस्थान में मानसून के फिर सक्रिय होने से आने वाले दिनों में मौसम सुहावना होने की उम्मीद है। जयपुर और भरतपुर से शुरू होने वाली बारिश 4 सितंबर के बाद कोटा, अजमेर और उदयपुर सहित कई संभागों तक फैल सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी संभव है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से में अभी मानसून कमजोर रहने के संकेत हैं। ऐसे में प्रदेश में अगले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।