एंटी करप्शन कार्रवाई के विरोध में लेखपाल संघ का हल्लाबोल, थाना समाधान दिवस का किया बहिष्कार

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चित्रकूट/अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में तैनात लेखपाल उत्कर्ष दीप के…

स्थान: रामनगर चित्रकूट

संवाददाता: लवलेश कुमार, हिट एंड हॉट न्यूज़

दिनांक 22 अगस्त 2026

चित्रकूट/अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में तैनात लेखपाल उत्कर्ष दीप के खिलाफ एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन (ACO) की कथित कार्रवाई को लेकर प्रदेशभर में लेखपालों का विरोध तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मामले को लेकर कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। विरोध के तहत लेखपालों ने थाना समाधान दिवस के कार्यों का बहिष्कार करते हुए विभिन्न तहसीलों में धरना-प्रदर्शन किया।

लेखपाल संघ का आरोप है कि उत्कर्ष दीप को रिश्वत के मामले में फंसाने के लिए ऐसी परिस्थितियां बनाई गईं, जिनमें उनकी भूमिका संदिग्ध तरीके से प्रस्तुत की गई। संघ ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए संबंधित कार्रवाई को वापस लेने की मांग उठाई है।

सीसीटीवी फुटेज को बताया अहम साक्ष्य

लेखपाल संघ की ओर से दावा किया गया है कि सोहावल तहसील के पंचायत भवन में हुई घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। संघ के मुताबिक, फुटेज में एक व्यक्ति कथित तौर पर एक फाइल के भीतर 500 रुपये रखता दिखाई देता है और इसके बाद वहां से चला जाता है।

संघ का कहना है कि काफी समय तक लेखपाल ने कथित तौर पर उस रकम को हाथ नहीं लगाया। इसके बाद वही व्यक्ति दोबारा वहां पहुंचा और पैसे लेखपाल को देने का प्रयास करता दिखाई दिया। संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि इसी घटनाक्रम के बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की।

हालांकि, इन आरोपों और सीसीटीवी फुटेज की वास्तविकता तथा उसकी कानूनी व्याख्या की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों या न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष से ही हो सकेगी। फिलहाल लेखपाल संघ इस फुटेज को अपने पक्ष का महत्वपूर्ण आधार बता रहा है।

प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन

मामले को लेकर लेखपाल संघ ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विरोध दर्ज कराया। चित्रकूट के मऊ तहसील में भी लेखपालों ने आंदोलन करते हुए थाना समाधान दिवस से दूरी बनाए रखी। संघ पदाधिकारियों के मुताबिक, लेखपाल निर्धारित समय के दौरान तहसील परिसर में धरने पर बैठे और सरकार से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

मऊ तहसील अध्यक्ष कमल किशोर मिश्रा ने कहा कि लेखपाल उत्कर्ष दीप के मामले में संघ को कार्रवाई की प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति है। उनका कहना है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जाता है तो जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और सभी उपलब्ध साक्ष्यों को निष्पक्ष रूप से देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संघ अपने साथी लेखपाल के साथ खड़ा है और मामले में न्याय मिलने तक संगठनात्मक स्तर पर आवाज उठाता रहेगा।

फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा

लेखपाल संघ ने इस प्रकरण को केवल एक कर्मचारी के खिलाफ हुई कार्रवाई तक सीमित नहीं माना है। संगठन का कहना है कि लेखपालों का काम सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है। आय, जाति, निवास, भूमि संबंधी मामलों और राजस्व कार्यों के सिलसिले में उन्हें लगातार ग्रामीण क्षेत्रों तथा सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से संपर्क करना पड़ता है।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में कर्मचारियों पर आरोप लगने की स्थिति में निष्पक्ष प्रक्रिया और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है। संगठन चाहता है कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ऐसी व्यवस्था हो, जिससे किसी भी पक्ष द्वारा गलत तरीके से आरोप लगाए जाने की स्थिति में कर्मचारी को अपनी बात रखने का उचित अवसर मिल सके।

लेखपाल संघ ने रखीं कई मांगें

आंदोलन के दौरान लेखपाल संघ ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। संगठन की प्रमुख मांगों में मामले की निष्पक्ष जांच, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की स्वतंत्र जांच तथा कार्रवाई की प्रक्रिया की समीक्षा शामिल है।

संघ की मांग है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई गलत तथ्यों के आधार पर हुई, तो संबंधित प्राथमिकी और कार्रवाई को तत्काल समाप्त किया जाए। इसके साथ ही संगठन ने कथित रूप से गलत तरीके से कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

लेखपाल संघ का यह भी कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी कर्मचारी को केवल आरोपों के आधार पर दोषी मानना उचित नहीं है। संगठन ने प्रशासन से मामले में निष्पक्षता बरतने की अपील की है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीलेश रंजन राव परमार और प्रदेश महामंत्री राहुल पटेल ने मामले को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जा सकता है।

लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य किसी जांच प्रक्रिया में बाधा डालना नहीं, बल्कि अपने साथी कर्मचारी के मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित कराना है। संगठन का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करते समय साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाना आवश्यक है।

निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा पूरा सच

उत्कर्ष दीप के मामले में फिलहाल लेखपाल संघ और एंटी करप्शन कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। संघ सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाकर कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, जबकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ऐसे मामलों में उपलब्ध सभी साक्ष्यों, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, शिकायत से जुड़े दस्तावेजों और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण होगी। इससे यह निर्धारित करने में मदद मिलेगी कि घटना में वास्तव में क्या हुआ और संबंधित पक्षों की भूमिका क्या रही।

फिलहाल लेखपाल संघ के आंदोलन के कारण प्रदेश में राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस मामले को लेकर क्या कदम उठाता है और लेखपाल संघ के साथ बातचीत के जरिए कोई समाधान निकलता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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