यूरोप की ओर यूक्रेन का ऐतिहासिक कदम: संघर्ष की अग्निपरीक्षा से निकला नया संकल्प, ‘ऑर्डर ऑफ यूरोप’ से वीरों का होगा सम्मान!

रूस के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन ने दुनिया को यह दिखा दिया है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी साहस, एकजुटता और आत्मविश्वास के दम पर इतिहास रचा जा सकता है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अपने हालिया संबोधन में यूरोपीय संघ (EU) की सदस्यता की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति और देश की रक्षा में जुटे वीर सैनिकों व सहयोगियों के योगदान को ऐतिहासिक बताया।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने यूरोपीय संघ में शामिल होने की दिशा में लंबा और चुनौतीपूर्ण सफर तय किया है। सदस्यता से जुड़ी आधिकारिक वार्ताएं लगातार आगे बढ़ रही हैं और विभिन्न क्लस्टरों पर काम तेज़ी से जारी है। उनके अनुसार, यूक्रेन अब केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि अपने लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्रता और साझा संस्कृति के कारण भी यूरोप का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर संविधान दिवस के मौके पर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने एक नए राष्ट्रीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ यूरोप’ की घोषणा की। यह सम्मान उन सैनिकों, नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को समर्पित होगा जिन्होंने यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और यूरोपीय भविष्य की रक्षा के लिए असाधारण साहस और समर्पण का परिचय दिया है।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की उपलब्धियां उसके बहादुर सैनिकों, सुरक्षा बलों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों के बलिदान का परिणाम हैं। उन्होंने उन सभी देशों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने कठिन समय में यूक्रेन का साथ दिया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सहयोग किया।
आज यूक्रेन पूरी दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि स्वतंत्रता, राष्ट्रीय सम्मान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अटूट संकल्प सबसे बड़ी शक्ति होता है। यूरोपीय संघ की ओर बढ़ते कदम और ‘ऑर्डर ऑफ यूरोप’ जैसी ऐतिहासिक पहल इस बात का प्रतीक हैं कि संघर्ष की अग्निपरीक्षा से निकलकर भी एक राष्ट्र अपने भविष्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
