यह मामला की लखनऊ पीठ में सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें न्यायालय ने न्यायिक प्रक्रिया में तथ्यों के खुलासे और अधिवक्ता की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। मामला श्रीमती चंद्रमा देवी अग्रहरि द्वारा दायर धारा 482 सीआरपीसी आवेदन से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने शिकायत मामले की कार्यवाही, समन आदेश और जमानती वारंट को निरस्त करने की मांग की थी।
न्यायालय के समक्ष आवेदक पक्ष ने तर्क रखा कि समन आदेश के विरुद्ध आपराधिक पुनरीक्षण दायर करने के संबंध में...
