देश में एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था मजबूत, घरेलू गैस की 100% उपलब्धता सुनिश्चित

देशभर में एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के संयुक्त प्रयासों से घरेलू गैस की उपलब्धता 100% सुनिश्चित कर दी गई है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिलने के लिए बुकिंग और डिलीवरी व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाया गया है।
घरेलू एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
अधिकारियों के अनुसार, देश के किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस की कमी नहीं है। उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा दिया गया है, जो अब लगभग 98% तक पहुंच चुकी है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि बुकिंग प्रक्रिया भी तेज और आसान हो गई है।
डिलीवरी सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए Delivery Authentication Code (DAC) प्रणाली को लागू किया गया है। वर्तमान में लगभग 93% एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी इसी सिस्टम के माध्यम से की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि गैस सही उपभोक्ता तक सुरक्षित रूप से पहुंचे।
कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति में भी सुधार
व्यावसायिक (कमर्शियल) एलपीजी की आपूर्ति भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। फिलहाल यह लगभग 70% तक बहाल हो चुकी है। इस दिशा में काम को तेज करने के लिए तेल विपणन कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है, जो राज्य सरकारों के साथ समन्वय करके आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने में जुटी है।
इस महीने की बिक्री के आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, इस महीने अब तक करीब 1,92,532 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हो चुकी है। खास बात यह है कि केवल एक दिन में ही लगभग 8,500 मीट्रिक टन गैस की आपूर्ति की गई, जो आपूर्ति व्यवस्था के तेजी से सामान्य होने का संकेत है।
उपभोक्ताओं को राहत
इन प्रयासों के चलते आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। गैस की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया भी पहले से अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन गई है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि किसी भी परिस्थिति में गैस की कमी न हो।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, देश में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति अब स्थिर और मजबूत है। घरेलू उपयोग के लिए 100% उपलब्धता और कमर्शियल क्षेत्र में तेजी से सुधार इस बात का संकेत है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कदम उठा रही हैं।
