अप्रैल 30, 2026

प्रतापगढ़ में अवैध स्कूलों का जाल: नोटिस और जुर्माना बेअसर, बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा

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प्रतापगढ़। जनपद में अवैध एवं फर्जी स्कूलों का संचालन एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा बार-बार नोटिस जारी करने और जुर्माना लगाने के बावजूद इन स्कूलों पर न तो प्रभावी कार्रवाई हो रही है और न ही इनके संचालन पर रोक लग पाई है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर प्रशासन इन संस्थानों के खिलाफ कठोर कदम क्यों नहीं उठा पा रहा है।

कागज़ों तक सीमित कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, कई अवैध स्कूलों के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा जांच की गई, जिसमें उनके अवैध संचालन की पुष्टि भी हुई। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने संबंधित स्कूलों पर जुर्माना भी लगाया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो जुर्माने की वसूली हो सकी और न ही इन स्कूलों का संचालन बंद कराया गया। इससे विभागीय कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित नजर आ रही है।

बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़

इन फर्जी स्कूलों में शिक्षा के मानकों की खुलकर अनदेखी की जा रही है। कई स्थानों पर जर्जर भवनों में कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इतना ही नहीं, बच्चों को लाने-ले जाने के लिए खटारा और बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहन इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

अभिभावकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन को इन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनका सवाल है कि जब जांच में अवैध संचालन की पुष्टि हो चुकी है, तो फिर इन संस्थानों को बंद क्यों नहीं कराया जा रहा? क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?

शिक्षकों का गिरता मनोबल

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों में भी इस स्थिति को लेकर निराशा देखी जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर कई प्रधानाध्यापकों ने बताया कि उन्होंने कई बार इन अवैध स्कूलों की शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे उनके मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ा है और अब वे शिकायत करने से भी कतराने लगे हैं।

सरकारी स्कूलों पर भी असर

अवैध स्कूलों के निर्बाध संचालन का असर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों पर भी पड़ रहा है। वहां लगातार छात्र संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। जब बिना मान्यता वाले स्कूल आसानी से चल रहे हैं, तो अभिभावकों का रुझान भी वहीं की ओर बढ़ रहा है, जिससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है।

शिक्षा माफिया का बढ़ता प्रभाव

स्थिति यह संकेत देती है कि जिले में शिक्षा माफिया सक्रिय है, जो नियमों को दरकिनार कर खुलेआम स्कूल चला रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है और व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी संदेह पैदा करता है।

सख्ती की सख्त जरूरत

प्रतापगढ़ में अवैध और फर्जी स्कूलों के खिलाफ अब केवल नोटिस और जुर्माने से काम नहीं चलेगा। जरूरत है ठोस और कठोर कार्रवाई की, ताकि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सके।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन कब जागता है और इस गंभीर समस्या पर निर्णायक कदम उठाता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होती है।

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