Narendra Modi की इज़राइल यात्रा: Tel Aviv में Benjamin Netanyahu से मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा

भारत और इज़राइल के बीच गहराते रणनीतिक संबंधों को नई ऊर्जा देते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25–26 फरवरी 2026 को इज़राइल की आधिकारिक राजकीय यात्रा की। यह यात्रा इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विशेष निमंत्रण पर आयोजित हुई। तेल अवीव में हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात को दोनों देशों की साझेदारी के लिहाज से एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।
रणनीतिक साझेदारी को मजबूती
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, तकनीक, कृषि, जल प्रबंधन, ऊर्जा और व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की। भारत और इज़राइल लंबे समय से रक्षा सहयोग और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में सहयोगी रहे हैं। इस यात्रा में दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन में संयुक्त अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
साथ ही, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। दोनों देशों ने इस बात को रेखांकित किया कि तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में आपसी सहयोग को और अधिक संस्थागत और दीर्घकालिक बनाया जाना आवश्यक है।
व्यापार और निवेश में विस्तार
भारत और इज़राइल के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़े हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य रखा। विशेष रूप से स्टार्टअप, कृषि-तकनीक, हरित ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने पर सहमति बनी।
इज़राइल की उन्नत ड्रिप इरिगेशन तकनीक और जल पुनर्चक्रण मॉडल भारत के कई राज्यों में पहले से उपयोग में हैं। अब इस सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा की गई, ताकि भारतीय किसानों को नई तकनीकों का अधिक लाभ मिल सके।
वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की स्थिति, वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद और आपूर्ति श्रृंखला स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत और इज़राइल ने आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख को दोहराया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंध
यह यात्रा केवल राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रही। दोनों देशों के बीच शिक्षा, शोध और पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया। भारतीय समुदाय और यहूदी समुदाय के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए आपसी विश्वास को मजबूत करने की बात कही गई।
भविष्य की दिशा
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू की इस मुलाकात ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि भारत–इज़राइल संबंध केवल सामरिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नवाचार, विकास और वैश्विक स्थिरता के साझा दृष्टिकोण पर आधारित हैं।
यह राजकीय यात्रा आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को और अधिक व्यापक, मजबूत और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
