इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) देश की एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई है, जो पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों—विशेष रूप से आयुर्वेद और यूनानी—की औषधियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाल ही में इस संस्था को लेकर संसद में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि IMPCL की वर्तमान में केवल एक ही उत्पादन इकाई कार्यरत है। यह इकाई उत्तराखंड राज्य में स्थित है, जिसका पूरा पता मोहन (रामनगर होते हुए), अल्मोड़ा, उत्तराखंड – 244 715 है। यह जानकारी आयुष मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई है, जो देश में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के विकास और संवर्धन के लिए जिम्मेदार है।
इस उत्पादन इकाई में विभिन्न आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं का निर्माण किया जाता है, जो देशभर में सरकारी संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से वितरित की जाती हैं। IMPCL का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण और मानक आधारित औषधियों का उत्पादन करना है, जिससे आम जनता को सस्ती और प्रभावी पारंपरिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने फिलहाल इस उत्पादन इकाई के विस्तार को लेकर कोई योजना नहीं बनाई है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, IMPCL की उत्पादन क्षमता बढ़ाने या नई इकाइयां स्थापित करने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार फिलहाल मौजूदा ढांचे के भीतर ही उत्पादन और वितरण को संचालित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की बढ़ती मांग को देखते हुए भविष्य में इस प्रकार की इकाइयों के विस्तार की आवश्यकता महसूस हो सकती है। हालांकि, वर्तमान में सरकार का रुख स्थिरता और गुणवत्ता बनाए रखने पर केंद्रित दिखाई देता है।
इस प्रकार, IMPCL की एकमात्र उत्पादन इकाई उत्तराखंड में ही संचालित हो रही है और निकट भविष्य में इसके विस्तार की कोई योजना नहीं है। यह जानकारी स्वास्थ्य और आयुष क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकारी नीतियों और प्राथमिकताओं का संकेत मिलता है।
