राष्ट्रपति ने ईद-उल-फितर की पूर्व संध्या पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं
भारत की राष्ट्रपति ने पवित्र पर्व की पूर्व संध्या पर देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने विशेष रूप से भारत और विदेशों में रह रहे मुस्लिम समुदाय को इस पावन अवसर पर शुभेच्छाएं प्रेषित कीं।

राष्ट्रपति ने कहा कि ईद-उल-फितर का त्योहार रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के बाद मनाया जाता है और यह आत्म-संयम, त्याग, दान और करुणा जैसे मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पर्व हमें जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में समानता तथा सहयोग की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने अपने संदेश में आगे कहा कि ईद केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश लेकर आता है। यह पर्व हमें एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सौहार्द बनाए रखने की सीख देता है, जो एक मजबूत और समावेशी समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
राष्ट्रपति ने नागरिकों से आह्वान किया कि इस शुभ अवसर पर सभी लोग मिलकर समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा दें तथा देश की प्रगति में अपना योगदान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम जरूरतमंदों की मदद करेंगे और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य करेंगे।
यह संदेश न केवल त्योहार की शुभकामनाओं तक सीमित है, बल्कि यह देशवासियों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और मानवता के मूल्यों को अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है। ईद-उल-फितर के इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति का यह संदेश देश में एकता, शांति और भाईचारे को और अधिक सुदृढ़ करने का आह्वान करता है।
