मार्च 24, 2026

पाठा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अनशन तेज, आठवें दिन भी जारी रहा आंदोलन

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चित्रकूट जनपद के पाठा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन तेज होता जा रहा है। बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में कर्वी स्थित शहीद स्मारक पार्क (एलआईसी तिराहा) पर चल रहा क्रमिक अनशन मंगलवार को आठवें दिन भी लगातार जारी रहा। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

अनशन पर बैठे लोगों ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक परिस्थितियां जैसे आंधी, बारिश या तूफान भी उनके हौसले को कमजोर नहीं कर सकते। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल उनकी व्यक्तिगत समस्याओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे पाठा क्षेत्र के विकास और आम जनता के अधिकारों के लिए है। उन्होंने आम जनमानस और सामाजिक संगठनों से समर्थन और सहयोग की अपील भी की है।

क्षेत्रीय विकास से जुड़ी प्रमुख मांगें

आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया है। देवांगना घाटी से ददरी-मारकुंडी मार्ग के चौड़ीकरण की मांग प्रमुख रूप से की गई है, ताकि क्षेत्र में आवागमन सुगम हो सके। साथ ही रुकमा खुर्द के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस और पर्याप्त स्टाफ की तैनाती की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कई ग्राम पंचायतों में पुस्तकालयों के संचालन और नए पुस्तकालयों के निर्माण की मांग की गई है। इसके अलावा रुकमा खुर्द, मारकुंडी और इटवा डुडैला जैसे क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज और बालिका इंटर कॉलेज स्थापित करने की बात कही गई है।

खेल और युवाओं के लिए सुविधाओं की मांग

युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए खेलो इंडिया योजना के तहत खेल स्टेडियम बनाने की मांग भी आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आंदोलनकारियों का मानना है कि खेल सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण प्रतिभाएं उभर नहीं पा रही हैं।

बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

पशु अस्पताल रुखमा बुजुर्ग में पेयजल, रास्ता और डॉक्टरों की कमी को भी गंभीर मुद्दा बताया गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई है। हर घर जल योजना को जल्द पूरा करने और सभी तालाबों के सुंदरीकरण की भी मांग उठाई गई है।

परिवहन और अवसंरचना विकास की जरूरत

आंदोलनकारियों ने कर्वी से मारकुंडी तक सरकारी बस सेवा शुरू करने, सड़कों की मरम्मत कराने और रेलवे स्टेशनों पर फ्लाईओवर तथा अंडरपास सुधारने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि बेहतर परिवहन सुविधाएं क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएंगी।

रोजगार और पलायन पर चिंता

पाठा क्षेत्र में बढ़ते पलायन को रोकने के लिए फैक्ट्रियों और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की मांग की गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि रोजगार के अभाव में युवा बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।

प्रशासन पर बढ़ता दबाव

लगातार आठ दिनों से चल रहे इस अनशन ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

आंदोलनकारियों का स्पष्ट संदेश है कि वे अपने अधिकारों और क्षेत्र के विकास के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इन मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक कोई समाधान निकल पाता है।

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