दिल्ली एयरपोर्ट पर टैक्सींग के दौरान दो विमानों में टक्कर, जांच जारी
पर कल एक महत्वपूर्ण ग्राउंड घटना सामने आई, जिसने विमानन सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना टर्मिनल 1 के बे संख्या 106 के पास हुई, जहां दो अलग-अलग एयरलाइनों के विमान टैक्सींग के दौरान आपस में टकरा गए।

क्या हुआ घटनास्थल पर?
जानकारी के अनुसार, का बोइंग 737-700 विमान (फ्लाइट SG-124), जो लेह से दिल्ली पहुंचा था, टैक्सी करते समय के बोइंग 737 MAX 8 विमान (फ्लाइट QP-1406) के संपर्क में आ गया। अकासा का यह विमान दिल्ली से हैदराबाद के लिए रवाना होने वाला था।
टैक्सींग के दौरान स्पाइसजेट विमान के दाहिने विंगलेट ने अकासा विमान के बाएं क्षैतिज स्टेबलाइज़र को छू लिया। यह संपर्क भले ही हवा में नहीं, बल्कि जमीन पर हुआ, लेकिन इससे दोनों विमानों को नुकसान पहुंचा।
नुकसान और कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद दोनों विमानों को सुरक्षा कारणों से ग्राउंड कर दिया गया। विशेषज्ञों की टीम द्वारा विस्तृत निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल, दोनों विमानों को उड़ान सेवा से अस्थायी रूप से हटा दिया गया है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
सौभाग्य से इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को कोई चोट नहीं आई। एयरपोर्ट और एयरलाइन अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विमानन प्राधिकरणों द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि टैक्सींग के दौरान यह चूक कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि विमानन क्षेत्र में जमीनी संचालन (Ground Operations) के दौरान भी अत्यधिक सावधानी और सटीक समन्वय की आवश्यकता होती है। समय रहते स्थिति को संभाल लेने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन यह सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करने का संकेत भी है।
