अप्रैल 19, 2026

रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में गठित अंतर-मंत्रालयी समूह (आईजीओएम) ने 18 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 में अपनी चौथी बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात का व्यापक आकलन किया गया और क्षेत्र में विकसित हो रही परिस्थितियों के भारत पर संभावित प्रभावों पर गंभीर चर्चा की गई।

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बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति, सुरक्षा परिदृश्य और मानवीय पहलुओं का विश्लेषण प्रस्तुत किया। विशेष रूप से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, व्यापारिक हितों और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

आईजीओएम ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच भारत को सतर्क, सक्रिय और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। बैठक में संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए समन्वित तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।

इसके साथ ही, भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई, जिसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी, आवश्यक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखना और कूटनीतिक स्तर पर निरंतर संवाद बनाए रखने जैसे पहलुओं को प्रमुखता दी गई।

यह बैठक भारत सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वैश्विक परिस्थितियों पर लगातार नजर रखते हुए राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

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