ईंट भट्ठे पर गए मजदूर की संदिग्ध मौत, शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम; परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

बाबागंज/प्रतापगढ़। जनपद प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक और संदिग्ध मामला सामने आया है, जहां ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गए एक युवक की मौत हो गई। जब उसका शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। घटना को लेकर परिजनों ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला
मृतक की पहचान जीत लाल गौतम पुत्र प्यारे लाल गौतम, निवासी गोपालापुर मजरा झींगुर (थाना महेशगंज) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, जीत लाल गौतम बाघराय थाना क्षेत्र के मलावा छजईपुर गांव निवासी एक ठेकेदार के साथ जनपद बलिया में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गया था।
ठेकेदार का पक्ष
ठेकेदार के मुताबिक, बीते शनिवार को काम के दौरान जीत लाल अचानक गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। ठेकेदार का दावा है कि इलाज के बावजूद जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे एम्बुलेंस से घर वापस लाया जा रहा था।
ठेकेदार के अनुसार, रास्ते में सुल्तानपुर जिले के पास अचानक जीत लाल की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
शव पहुंचते ही मचा हड़कंप
जैसे ही शाम के समय जीत लाल का शव उसके गांव पहुंचा, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
ग्रामीणों का विरोध और आरोप
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने ठेकेदार की बातों पर संदेह जताते हुए हत्या का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम में कई बातें संदिग्ध हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
गुस्साए ग्रामीणों ने ठेकेदार और एम्बुलेंस को रोक लिया और तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों की मांग है कि मामले की गहराई से जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा।
उठ रहे कई सवाल
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह वास्तव में हादसा था या इसके पीछे कोई और साजिश छिपी है? परिजनों के आरोप और ठेकेदार के बयान में अंतर होने के कारण मामला और भी गंभीर हो गया है।
फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बाहर काम करने गए मजदूरों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
