मई 8, 2026

भदरी टोल बचाने के लिए कुंडा-बिहार मार्ग पर दौड़ रहे भारी वाहन, ग्रामीणों में दहशत

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संकरी सड़क और लगातार बढ़ते ट्रकों के दबाव से बड़े हादसे की आशंका, प्रशासन से कार्रवाई की मांग तेज

प्रतापगढ़। जनपद के कुंडा तहसील क्षेत्र में स्थित कुंडा-बिहार मार्ग इन दिनों भारी वाहनों की बेतहाशा आवाजाही के चलते खतरे का मार्ग बनता जा रहा है। भदरी टोल प्लाजा पर टोल टैक्स बचाने के उद्देश्य से ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहन बड़ी संख्या में इस वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। लगातार बढ़ रहे भारी वाहनों के दबाव ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो किसी भी दिन बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।

ग्रामीण क्षेत्र से गुजरता है मार्ग, हर समय बना रहता है आवागमन

कुंडा-बिहार मार्ग कई गांवों और घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरता है। इस सड़क पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, किसान और छोटे वाहन चालक आवागमन करते हैं। सड़क पहले से ही संकरी है, ऐसे में भारी वाहनों की तेज रफ्तार आवाजाही लोगों के लिए खतरा बन गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह और शाम के समय स्कूल जाने वाले बच्चों तथा बाजार आने-जाने वाले लोगों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे समय में भारी ट्रकों के गुजरने से दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। कई बार वाहन चालकों को सड़क किनारे उतरकर अपनी जान बचानी पड़ती है।

टोल बचाने के लिए अपनाया जा रहा वैकल्पिक रास्ता

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि भदरी टोल प्लाजा पर शुल्क बचाने के लिए ट्रक चालक और परिवहन कंपनियां इस मार्ग का प्रयोग कर रही हैं। टोल से बचने के कारण भारी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। दिन के साथ-साथ रात में भी ट्रकों की लंबी कतारें इस मार्ग पर देखी जा सकती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क भारी वाहनों के लिए बनी ही नहीं है। इसके बावजूद लगातार ट्रकों की आवाजाही से सड़क की हालत खराब होती जा रही है। कई जगह सड़क टूटने लगी है और गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।

सड़क किनारे रहने वाले लोगों की बढ़ी परेशानी

भारी वाहनों के कारण सड़क किनारे रहने वाले लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। लगातार गुजरते ट्रकों से धूल उड़ रही है, जिससे लोगों को सांस संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रात में भारी वाहनों के शोर से लोगों की नींद तक प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ट्रक चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हैं। सड़क संकरी होने के कारण आमने-सामने वाहन आने पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। इससे आए दिन विवाद और दुर्घटना की नौबत पैदा हो रही है।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और परिवहन विभाग पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है कि प्रशासन केवल हादसे का इंतजार कर रहा है।

क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि कुंडा-बिहार मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल रोकी जाए। साथ ही पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा नियमित जांच अभियान चलाया जाए ताकि टोल बचाने के लिए इस मार्ग का दुरुपयोग न हो सके।

बड़े हादसे की आशंका से सहमे लोग

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मार्ग पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे।

अब सवाल यह उठता है कि आखिर ग्रामीणों की सुरक्षा और सड़क व्यवस्था को लेकर प्रशासन कब गंभीर होगा। फिलहाल क्षेत्र के लोग हर दिन डर और असुरक्षा के माहौल में सफर करने को मजबूर हैं।

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