मई 9, 2026

गांवों की तरक्की को नई उड़ान देगा PMGSY-IV, ग्रामीण भारत में विकास का नया अध्याय शुरू

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ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) अब अपने 25 वर्ष पूरे कर चुकी है। इस ऐतिहासिक अवसर पर 10 मई 2026 को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा में भव्य रजत जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा। इसी मंच से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण PMGSY-IV का राष्ट्रीय शुभारंभ भी होगा, जो गांवों को आधुनिक, मजबूत और हर मौसम में उपयोगी सड़कों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सांकेतिक तस्वीर

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री मुख्य रूप से शामिल होंगे। उनके साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। यह आयोजन केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांवों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बनेगा।

PMGSY-IV के तहत मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। योजना के अंतर्गत राज्य में 2,117 किलोमीटर लंबी 973 नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिससे 987 ग्रामीण बसावटों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही PM-JANMAN योजना के अंतर्गत 384 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनसे 168 पिछड़े और दूरस्थ गांवों तक बेहतर संपर्क स्थापित होगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस अवसर पर वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु 18,907 करोड़ रुपये के सांकेतिक आवंटन की घोषणा करेंगे। इनमें से 830 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश के ग्रामीण विकास और सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह निवेश गांवों में व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि बाजार तक पहुंच को आसान बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।

समारोह में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री , केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री तथा मध्य प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

पिछले 25 वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के लाखों गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़कर ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। जहां पहले बारिश के मौसम में गांवों का संपर्क टूट जाता था, वहीं अब पक्की सड़कों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान कर दी है। यही कारण है कि PMGSY को ग्रामीण विकास की सबसे प्रभावशाली योजनाओं में गिना जाता है।

सरकार का मानना है कि गांव की सड़क केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की जीवनरेखा होती है। सड़क बनने से किसानों को बाजार तक पहुंच मिलती है, बच्चों की शिक्षा आसान होती है, स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध होती हैं और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। PMGSY-IV इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए तकनीक आधारित और टिकाऊ सड़क निर्माण के नए युग की शुरुआत करेगा।

भेरूंदा में होने वाला यह ऐतिहासिक आयोजन ग्रामीण भारत के भविष्य को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह योजना देश के दूरस्थ गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत करेगी।

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