प्रतापगढ़ पुलिस का सराहनीय कार्य: बाबा घुइसरनाथ धाम में बिछड़े मासूम को सकुशल परिजनों से मिलाया

प्रतापगढ़ जनपद में एक बार फिर पुलिस का मानवीय और सराहनीय चेहरा देखने को मिला, जब बाबा घुइसरनाथ धाम में दर्शन करने आए एक तीन वर्षीय मासूम बालक को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल खोजकर उसके परिजनों से मिला दिया। पुलिस की सक्रियता और संवेदनशील कार्यशैली की क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है।
दर्शन के दौरान भीड़ में बिछड़ा मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 11 मई 2026 को पंकज सरोज अपनी बहन कविता सरोज और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बाबा घुइसरनाथ धाम में दर्शन करने पहुंचे थे। सभी लोग ग्राम महाराजपुर थाना लालगंज जनपद प्रतापगढ़ के निवासी बताए गए हैं।
मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ होने के कारण कविता सरोज का तीन वर्षीय पुत्र प्रकाश अचानक परिवार से बिछड़ गया। कुछ ही देर में जब परिजनों को बच्चे के गायब होने की जानकारी हुई तो परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन घबराकर मंदिर परिसर और आसपास बालक की तलाश करने लगे, लेकिन मासूम का कहीं पता नहीं चल सका।
पुलिस ने दिखाई तत्परता
घटना की सूचना मिलते ही मंदिर ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हो गए। आरक्षी नरेश शर्मा, महिला आरक्षी सरिता पाल एवं रिजर्व महिला आरक्षी अंकिता मौर्या ने तत्काल बालक की खोजबीन शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाश अभियान चलाया। काफी प्रयासों के बाद पुलिसकर्मियों ने मासूम प्रकाश को सकुशल खोज लिया।
परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
बालक को सुरक्षित पाकर पुलिस टीम ने उसे उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। अपने बेटे को सकुशल देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने प्रतापगढ़ पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली की जमकर सराहना की।
परिवार ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते पुलिस मदद न करती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
पुलिस की मानवता बनी चर्चा का विषय
घटना के बाद मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्यवाही की प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार की घटनाएं अक्सर हो जाती हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक परिवार को बड़ी राहत मिली है।
प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा किए गए इस मानवीय कार्य ने यह साबित किया है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आमजन की मदद के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी रहती है।
