मई 15, 2026

प्रतापगढ़ महिला सहायता प्रकोष्ठ की सराहनीय पहल, टूटने से बचाया गया एक परिवार

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प्रतापगढ़ जनपद में महिला सुरक्षा, सम्मान और पारिवारिक सौहार्द को बढ़ावा देने की दिशा में महिला सहायता प्रकोष्ठ लगातार सराहनीय कार्य कर रहा है। इसी क्रम में महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रतापगढ़ की टीम ने आपसी मतभेद और पारिवारिक विवाद से जूझ रहे एक दंपती के बीच सुलह-समझौता कर एक परिवार को टूटने से बचा लिया।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चल रहा प्रयास

पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में महिला सहायता प्रकोष्ठ महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और पारिवारिक विवादों के समाधान की दिशा में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

महिला सहायता प्रकोष्ठ का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि आपसी संवाद और समझदारी के माध्यम से परिवारों को पुनः जोड़ना भी है।

पति-पत्नी के बीच कराई गई बातचीत

प्रभारी महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं क्षेत्राधिकारी नमिता सिंह के प्रयासों से लंबे समय से आपसी मतभेद के कारण अलग रह रहे पति-पत्नी को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई।

काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उन्हें आपसी विश्वास, धैर्य तथा संवाद के महत्व को समझाया गया। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच चल रहे गिले-शिकवे दूर हुए।

साथ रहने का लिया निर्णय

महिला सहायता प्रकोष्ठ की पहल के बाद पति-पत्नी ने आपसी सहमति से पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। दोनों ने पुराने मतभेद भुलाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में नए सिरे से जीवन शुरू करने का संकल्प लिया।

परिवार के पुनः एक होने से परिजनों में खुशी का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने भी महिला सहायता प्रकोष्ठ की इस पहल की सराहना की।

संवाद और विश्वास से सुलझे विवाद

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार छोटी-छोटी गलतफहमियां और संवाद की कमी पारिवारिक विवाद का कारण बन जाती हैं। यदि समय रहते बातचीत और काउंसलिंग हो जाए तो अधिकांश मामलों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से संभव है।

महिला सहायता प्रकोष्ठ इसी सोच के साथ कार्य कर रहा है, ताकि परिवार टूटने से बच सकें और समाज में सकारात्मक वातावरण बना रहे।

पारिवारिक सौहार्द बनाए रखने की पहल जारी

महिला सहायता प्रकोष्ठ द्वारा लगातार ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, जिनसे पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया जा सके और परिवारिक विघटन को रोका जा सके।

प्रतापगढ़ पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इस प्रकार की पहल जारी रहेगी, ताकि लोगों को कानूनी सहायता के साथ-साथ भावनात्मक और सामाजिक सहयोग भी मिल सके।

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