जून 1, 2026

पुणे में करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा: फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर कारोबारी से ऐंठे 7.45 करोड़ रुपये

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पुणे, 1 जून 2026।

महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक और आईटी केंद्र पुणे में ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। साइबर अपराध शाखा के पास दर्ज शिकायत के अनुसार, एक कारोबारी को विदेशी मुद्रा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी ट्रेडिंग में असाधारण लाभ का भरोसा दिलाकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया। बाद में जब निवेशक ने अपनी राशि वापस निकालने का प्रयास किया तो पूरा नेटवर्क संदिग्ध प्रतीत हुआ और कथित ठगी का मामला उजागर हो गया।

साइबर अधिकारियों के अनुसार, यह मामला आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया प्रचार और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के संयोजन से की गई सुनियोजित धोखाधड़ी का उदाहरण माना जा रहा है।

सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू हुआ संपर्क

जांच में सामने आया है कि पीड़ित कारोबारी की मुलाकात कथित निवेश सलाहकारों से सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। आकर्षक विज्ञापनों में विदेशी मुद्रा बाजार में निवेश कर कम समय में अधिक रिटर्न कमाने का दावा किया गया था। इसके बाद पीड़ित को ऑनलाइन चर्चा समूहों और डिजिटल निवेश मंचों से जोड़ा गया, जहां कथित विशेषज्ञ नियमित रूप से बाजार संबंधी जानकारी और निवेश रणनीतियां साझा करते थे।

धीरे-धीरे निवेशक का विश्वास जीतने के लिए उसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों से जुड़े चार्ट, रिपोर्ट और विश्लेषण उपलब्ध कराए गए। इससे पूरी व्यवस्था वैध और पेशेवर दिखाई देने लगी।

फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से बढ़ाया गया भरोसा

साइबर जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ित को एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करने के लिए कहा गया था। इस प्लेटफॉर्म पर निवेश की गई राशि और उससे होने वाले कथित लाभ को रियल टाइम में प्रदर्शित किया जाता था।

शुरुआती चरण में निवेशक को सीमित रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। कुछ समय बाद प्लेटफॉर्म पर लाभ दिखाई देने लगा और एक छोटी राशि सफलतापूर्वक वापस मिलने से निवेशक का भरोसा और मजबूत हो गया। यही वह चरण था जिसने आगे चलकर बड़े निवेश का रास्ता तैयार किया।

कई चरणों में करोड़ों रुपये का निवेश

बताया जा रहा है कि बाद के महीनों में निवेशक को विशेष अवसरों और उच्च लाभ वाले सौदों की जानकारी दी गई। कथित सलाहकारों ने विदेशी मुद्रा और वैश्विक कमोडिटी बाजार में बड़े मुनाफे की संभावना जताई।

इन दावों से प्रभावित होकर कारोबारी ने अलग-अलग अवसरों पर कई बैंक खातों में बड़ी रकम स्थानांतरित की। कुल मिलाकर करोड़ों रुपये की राशि विभिन्न खातों में भेजी गई। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निवेश का मूल्य लगातार बढ़ता हुआ दिखाई देता रहा, जिससे किसी तरह के संदेह की गुंजाइश कम हो गई।

निकासी के समय सामने आई नई शर्तें

मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब निवेशक ने अपनी मूल राशि और कथित लाभ को निकालने का प्रयास किया। आरोप है कि इसके बदले विभिन्न प्रकार के शुल्क, कर और सत्यापन प्रक्रियाओं का हवाला दिया गया। निवेशक से अतिरिक्त धनराशि जमा कराने की मांग की गई।

जब पीड़ित ने और भुगतान करने से इनकार किया तो संपर्क के सभी माध्यम धीरे-धीरे बंद होने लगे। ऑनलाइन समूहों से हटाया जाना, एप्लिकेशन का निष्क्रिय हो जाना और संपर्क नंबरों का बंद होना संदेह का कारण बना। इसके बाद मामले की शिकायत साइबर पुलिस को दी गई।

बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की जांच शुरू

साइबर अपराध शाखा अब उन खातों की जांच कर रही है जिनमें धनराशि भेजी गई थी। अधिकारियों के अनुसार कई खातों का उपयोग धन को विभिन्न स्तरों पर स्थानांतरित करने के लिए किया गया हो सकता है। जांच टीम बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है।

इसके अलावा विशेषज्ञ यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि धनराशि को देश के भीतर रखा गया या उसे अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए आगे भेजा गया। तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को आगाह किया है कि अत्यधिक मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें। किसी भी निवेश मंच की वैधता, नियामकीय स्वीकृति और पंजीकरण की स्वतंत्र रूप से जांच करना आवश्यक है। केवल ऑनलाइन प्रचार या सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर बड़े निवेश से बचना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में निवेश के अवसर बढ़े हैं, लेकिन इसके साथ साइबर धोखाधड़ी के तरीके भी अधिक जटिल और पेशेवर होते जा रहे हैं। जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे मामलों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

फिलहाल साइबर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि वित्तीय लेनदेन तथा डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर इस कथित ठगी से जुड़े लोगों तक जल्द पहुंच बनाई जा सकेगी।

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