अरविंद केजरीवाल का आरोप: बीजेपी सरकार ने अरबपतियों के कर्जे माफ किए, गरीब और मध्य वर्ग पर टैक्स का बोझ

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को केंद्र सरकार पर कर्ज माफी के मामले में गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पिछले पांच सालों में बीजेपी की सरकार ने 400-500 बड़े व्यापारियों और उद्योगपतियों का 10 लाख करोड़ रुपए का कर्जा माफ किया है। इसमें एक व्यक्ति का 46 हजार करोड़ रुपए का कर्जा माफ किया गया है।
केजरीवाल ने आगे कहा कि हाल ही में यह जानकारी सामने आई थी कि एक ऐसे व्यक्ति का, जिसका कुल कर्जा 6500 करोड़ रुपए था, 5000 करोड़ रुपए माफ कर दिए गए। इसके बदले में केवल 1500 करोड़ रुपए लिए गए, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
मध्य वर्ग और गरीबों पर बढ़ता टैक्स बोझ
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस देश के गरीब और मध्य वर्ग पर लगातार टैक्स का बोझ बढ़ता जा रहा है, जबकि अमीरों और बड़े व्यापारियों के कर्जे माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यहां पर जो आम आदमी है, वो टैक्स देता है, जो मध्य वर्ग है, वो टैक्स देता है, और जीएसटी का बोझ भी जनता पर ही पड़ता है।” उनका कहना था कि टैक्स का पैसा जनता की भलाई के लिए इस्तेमाल होना चाहिए, न कि किसी खास वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा और कर्ज माफी पर सवाल
केजरीवाल ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा की बात की और कहा कि यह सुविधा महिलाओं को उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे सुरक्षित और आराम से यात्रा कर सकें। वहीं, उन्होंने अरबपतियों के कर्जे माफ करने की नीति पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि ऐसे कर्जों को माफ नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे गरीब और मध्य वर्ग को कोई फायदा नहीं होता।
निष्कर्ष
अरविंद केजरीवाल के बयान ने केंद्र सरकार की कर्ज माफी नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जबकि गरीब और मध्य वर्ग टैक्स का बोझ उठा रहे हैं, वहीं अरबपतियों के लिए सरकार की नीति बिल्कुल अलग है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बन सकता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर वित्तीय नीति और सामाजिक न्याय से जुड़ा हुआ है।
