फ़रवरी 14, 2026

चंडीगढ़ में 13 सितंबर को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

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चंडीगढ़, 20 अगस्त 2025:
आम जनता को त्वरित और किफायती न्याय दिलाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ में 13 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह पहल राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तत्वावधान में की जा रही है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने जानकारी दी कि जो लोग अपने विवादों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहते हैं, वे अपने मामलों को आगामी लोक अदालत में सूचीबद्ध कराने के लिए प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों की संख्या को कम करना और न्याय दिलाने की प्रक्रिया को तेज़ करना है।

किन मामलों की सुनवाई होगी?

लोक अदालत में ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • आपराधिक समझौता योग्य अपराध
  • धारा 138 (चेक बाउंस मामलों) के अंतर्गत मामले
  • धन वसूली से जुड़े वाद
  • मोटर दुर्घटना मुआवजा दावे
  • श्रम विवाद
  • सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मामले (जैसे बिजली-पानी बिल विवाद)
  • वैवाहिक और पारिवारिक झगड़े
  • किराया विवाद
  • उपभोक्ता संरक्षण संबंधी मामले
  • भरण-पोषण और अन्य सिविल वाद
  • निषेधाज्ञा और अनुबंध से जुड़े मामले

लोक अदालत का महत्व

लोक अदालत को वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र माना जाता है। यहाँ पर न्यायिक प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल, त्वरित और किफायती होती है। लोक अदालत द्वारा दिया गया निर्णय नागरिक न्यायालय के डिक्री के समान माना जाता है और यह अंतिम तथा सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि लोक अदालत के निर्णय के खिलाफ अपील की कोई गुंजाइश नहीं होती। हालांकि, यदि किसी पक्ष को निर्णय से असंतोष हो तो वह नए सिरे से संबंधित न्यायालय में वाद दायर कर सकता है।

लोक अदालत क्यों है विशेष?

  • न्याय तक आमजन की सुलभ पहुँच
  • लंबित मामलों में तेजी से निपटारा
  • दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का हल
  • खर्च और समय की बचत

इस तरह, चंडीगढ़ में होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत न केवल लंबित मामलों के बोझ को कम करेगी बल्कि लोगों को शीघ्र और सुलभ न्याय भी उपलब्ध कराएगी।


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