मार्च 31, 2026

काशी से खेलों की नई उड़ान: 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य आग़ाज़

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वाराणसी, जो अब तक आध्यात्म, संगीत और संस्कृति की पहचान रही है, वर्ष 2026 में खेलों के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से उभरकर सामने आई है। 4 जनवरी 2026 को सिगरा स्थित डॉ. सम्पूर्णानंद खेल परिसर में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप की शुरुआत हुई, जिसने काशी को खेल महोत्सव के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों और संस्थानों की कुल 58 टीमें प्रतिभाग कर रही हैं, जिनमें पुरुषों और महिलाओं की टीमें शामिल हैं।

🏐 डिजिटल युग का उद्घाटन, मैदान में जोश और उत्साह

इस राष्ट्रीय आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेडियम में स्वयं उपस्थित रहकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। उन्होंने प्रतियोगिता स्थल का निरीक्षण किया और खिलाड़ियों से संवाद कर उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं।

🤝 खेल अधोसंरचना को मिली नई दिशा

चैंपियनशिप के उद्घाटन अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के बीच एक अहम समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी। इस करार का उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण अकादमियों और टैलेंट डेवलपमेंट सेंटर्स को और सुदृढ़ करना है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ी लाभान्वित हो सकें।

🌐 राष्ट्रीय प्रतियोगिता, अंतरराष्ट्रीय निगरानी

इस वॉलीबॉल प्रतियोगिता में 30 पुरुष और 28 महिला टीमों के बीच मुकाबले हो रहे हैं। सेना, वायुसेना, नौसेना और रेलवे जैसी संस्थागत टीमें भी प्रतियोगिता का हिस्सा हैं। आयोजन की गुणवत्ता को परखने के लिए स्विट्जरलैंड से अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ के पर्यवेक्षक भी वाराणसी पहुंचे हैं, जिससे इसकी वैश्विक विश्वसनीयता और बढ़ गई है।

🏅 खेलों के प्रति बदलता भारत, उभरता उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि बीते वर्षों में देश और प्रदेश में खेलों को लेकर सोच में व्यापक बदलाव आया है। आधुनिक स्टेडियम, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों को समुचित संसाधन उपलब्ध कराने का ही परिणाम है कि भारत आज अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में सशक्त प्रदर्शन कर रहा है।

📊 गांव से ग्लोबल तक खेल नीति

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक निरंतर टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं। इससे युवाओं को मंच भी मिल रहा है और पहचान भी। वाराणसी में आयोजित यह चैंपियनशिप इस नीति की जीवंत मिसाल बनकर सामने आई है।


निष्कर्ष

72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप केवल एक खेल आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह नए भारत की खेल प्राथमिकताओं, अवसरों और संभावनाओं का प्रतीक है। काशी की धरती से निकली यह खेल ऊर्जा आने वाले वर्षों में देश को नई खेल प्रतिभाएँ देने का मार्ग प्रशस्त करेगी।


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