मार्च 12, 2026

साइबर ठगी के खिलाफ यूपी पुलिस की प्रभावी पहल: पीड़ित को वापस मिले ₹1.98 लाख

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उत्तर प्रदेश में तेजी से फैलते साइबर अपराधों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। संत कबीर नगर जनपद में यूपी पुलिस की सतर्क साइबर इकाई ने डिजिटल ठगी का शिकार बने नागरिक को करीब दो लाख रुपये की पूरी राशि सफलतापूर्वक वापस दिलाकर मिसाल कायम की है।

कैसे हुई साइबर धोखाधड़ी

खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति को अज्ञात साइबर ठगों ने चालाकी से अपने जाल में फंसा लिया। अलग–अलग डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए अपराधियों ने उसके क्रेडिट कार्ड से ₹1,50,000 और UPI ट्रांजैक्शन के जरिए ₹48,500 निकाल लिए। ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने बिना देर किए पुलिस से संपर्क किया।

त्वरित कार्रवाई और तकनीकी सतर्कता

शिकायत मिलते ही संत कबीर नगर पुलिस की साइबर टीम ने तुरंत तकनीकी जांच शुरू की। बैंकिंग नेटवर्क, डिजिटल ट्रांजैक्शन ट्रेसिंग और संबंधित संस्थानों के सहयोग से राशि को समय रहते फ्रीज किया गया। यूपी पुलिस के विशेष अभियान “कैशबैक बाय कॉप्स” के तहत पूरी रकम पीड़ित के खाते में वापस कराई गई।

आम नागरिकों के लिए सबक

यह मामला साबित करता है कि समय पर की गई शिकायत साइबर अपराध में निर्णायक साबित हो सकती है। पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे कभी भी कॉल, मैसेज या लिंक के जरिए मांगी गई बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी डिजिटल धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

निष्कर्ष

डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन चुका है, लेकिन यूपी पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता यह भरोसा दिलाती है कि अपराधी कानून से नहीं बच सकते। “कैशबैक बाय कॉप्स” जैसी पहल न केवल पीड़ितों को राहत देती है, बल्कि समाज में डिजिटल सुरक्षा को लेकर विश्वास भी मजबूत करती है।


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