अप्रैल 25, 2026

ब्रेकिंग प्रतापगढ़: नगर पंचायत हीरागंज बाजार में आवास वितरण पर उठे गंभीर सवाल, भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप

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प्रतापगढ़। जिले की नगर पंचायत हीरागंज बाजार इन दिनों आवास वितरण में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पात्रता के मानकों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को सरकारी आवास का लाभ दिया गया, जबकि जरूरतमंदों को सूची से बाहर कर दिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, आवास योजना के तहत ऐसे लोगों को लाभान्वित किया गया जिनके पास पहले से दो मंजिला पक्के मकान मौजूद हैं। वहीं, जिन परिवारों के पास रहने के लिए पक्का घर तक नहीं है, उन्हें अपात्र घोषित कर सूची से बाहर कर दिया गया। इस पूरे मामले ने नगर पंचायत के लगभग सभी वार्डों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का दावा है कि आवास आवंटन के नाम पर बड़े पैमाने पर धन उगाही की गई। कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर लाभार्थियों के पक्के मकान और अनियमितताओं के प्रमाण दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन और डूडा विभाग पर कार्रवाई न करने और मामले को दबाने के आरोप लग रहे हैं।

और भी चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि कुछ परिवारों को एक से अधिक आवास दिए गए, जबकि सरकारी नौकरी से जुड़े आश्रितों और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को भी इस योजना का लाभ मिला। इतना ही नहीं, अविवाहित व्यक्तियों और अच्छी आय वाले लोगों को भी आवास आवंटित किए जाने के आरोप हैं।

इस पूरे प्रकरण में डूडा अधिकारी सीमा भारती की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मामले के उजागर होने के बाद भी उन्होंने चुप्पी साध रखी है और किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासन की कार्यशैली और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

नगरवासियों में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं। वहीं, कुछ अधिकारी मामले की जांच को टालने की कोशिश में लगे हुए बताए जा रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक संज्ञान लेता है और क्या वास्तव में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जाती है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की दिशा में उत्तर प्रदेश में सतर्कता और पारदर्शिता को मजबूत करने हेतु प्रभावी कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत लखनऊ इकाई ने जनपद हरदोई में विद्युत विभाग के एक अवर अभियंता को ₹22 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया। वहीं, बांदा इकाई द्वारा जनपद महोबा में एक राजस्व निरीक्षक को ₹5 हजार की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई प्रशासन की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है।

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