अप्रैल 28, 2026

कुंडा में दर्दनाक सड़क हादसा: श्रद्धालुओं से भरा डाला वाहन पलटा, करीब दो दर्जन घायल — मौके पर पहुंचे रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया)

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कुंडा (प्रतापगढ़), रविवार देर शाम कुंडा क्षेत्र के बेंती रोड स्थित मौली गांव के पास एक गंभीर सड़क हादसा हो गया, जिसमें श्रद्धालुओं से भरा एक डाला (लोडर) वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में लगभग दो दर्जन श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और चीख-पुकार मच गई।

हौदेश्वर नाथ धाम से लौट रहे थे श्रद्धालु

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार सभी लोग हौदेश्वर नाथ धाम से झंडा चढ़ाकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। यह एक धार्मिक यात्रा थी, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे। जैसे ही वाहन मौली गांव के पास पहुंचा, अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे पलट गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वाहन की रफ्तार तेज थी और उसमें क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि सड़क की स्थिति और अचानक मोड़ भी हादसे का कारण बन सकता है।

मौके पर मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने संभाली स्थिति

हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू कर दिया। घायलों को वाहन से बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत की। कई लोग वाहन के नीचे दब गए थे, जिन्हें बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया।

घायलों को तत्काल निजी साधनों और एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कुंडा पहुंचाया गया। अस्पताल में घायलों की भीड़ लग गई, जहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया।

कुछ घायलों की हालत गंभीर

डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें सिर और हाथ-पैर में फ्रैक्चर शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल या प्रयागराज रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

मौके पर पहुंचे रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया), संभाली कमान

हादसे की सूचना मिलते ही कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाली और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। कई घायलों को उन्होंने अपने निजी वाहन से सीएचसी कुंडा पहुंचाया।

अस्पताल में भी वे देर तक मौजूद रहे और डॉक्टरों से घायलों के इलाज की जानकारी लेते रहे। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और जरूरत पड़ने पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।



पुलिस जांच में जुटी

कुंडा पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई और हादसे की जांच शुरू कर दी। पुलिस वाहन चालक से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि हादसे के पीछे असली कारण क्या था। प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।

प्रशासन सतर्क, लोगों में दहशत

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे असुरक्षित परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है।

सुरक्षा पर उठे सवाल

यह हादसा इस बात की ओर इशारा करता है कि श्रद्धालुओं को ढोने के लिए छोटे मालवाहक वाहनों का उपयोग कितना खतरनाक हो सकता है। ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर ऐसे हादसों को जन्म देती है।

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