नौसेना प्रमुख की म्यांमार यात्रा: द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को मिलेगा नया बल
भारत के नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 2 से 5 मई 2026 तक म्यांमार के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और म्यांमार के बीच समुद्री सहयोग को और अधिक मजबूत करना तथा रक्षा संबंधों को नई दिशा देना है।

अपने इस दौरे के दौरान एडमिरल त्रिपाठी म्यांमार के शीर्ष सैन्य नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इनमें म्यांमार सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ, रक्षा मंत्री और म्यांमार नौसेना प्रमुख शामिल हैं। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में नए सहयोगी अवसरों पर चर्चा होगी।
यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना प्रमुख म्यांमार नौसेना के विभिन्न प्रतिष्ठानों जैसे केंद्रीय नौसेना कमान, प्रशिक्षण कमान और प्रथम बेड़े का दौरा करेंगे। साथ ही वे शहीद सैनिकों के स्मारक पर श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और आपसी समन्वय जैसे अहम विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
भारत और म्यांमार की नौसेनाओं के बीच पहले से ही मजबूत सहयोग मौजूद है। दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त अभ्यास, समन्वित गश्त, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और बंदरगाह यात्राओं जैसे कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। इसके अलावा, म्यांमार ने भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय मंचों और कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी दिखाई है।
यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और सुदृढ़ करने का प्रतीक है। आपसी विश्वास, सम्मान और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने की साझा सोच इस रिश्ते की मजबूत नींव है।
इस दौरे से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को नई गति मिलेगी और क्षेत्रीय सुरक्षा को भी मजबूती प्राप्त होगी।
