जून 10, 2026

दिल्ली में 128 करोड़ के जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश, ईओडब्ल्यू की कार्रवाई से खुला फर्जी कंपनियों का जाल

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संकेतिक तस्वीर

राजधानी दिल्ली में आर्थिक अपराध के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए Delhi Police की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने करोड़ों रुपये के जीएसटी फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि फर्जी कंपनियों और नकली बिलों के जरिए करीब 128 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन को अंजाम दिया गया। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।

शैल कंपनियों के जरिए किया जा रहा था फर्जी कारोबार

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों ने 250 से अधिक फर्जी फर्म और शैल कंपनियाँ बनाई थीं। इन कंपनियों का वास्तविक व्यापार से कोई संबंध नहीं था, लेकिन इनके नाम पर बड़े पैमाने पर नकली इनवॉइस तैयार किए जा रहे थे।

इन फर्जी बिलों का उपयोग टैक्स चोरी और अवैध आर्थिक लेन-देन को छिपाने के लिए किया जाता था। आरोपियों ने कागजों में कारोबार दिखाकर सरकारी कर प्रणाली को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।

तकनीकी निगरानी से पुलिस को मिली सफलता

मामले की जांच के दौरान ईओडब्ल्यू टीम ने डिजिटल ट्रैकिंग, मोबाइल रिकॉर्ड और वित्तीय डेटा का गहन विश्लेषण किया। आधुनिक तकनीक की मदद से पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क की जानकारी मिली।

इसके बाद दरियागंज इलाके में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान पाँच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य व्यक्ति को बाद में हिरासत में लिया गया। पुलिस अब इनके अन्य सहयोगियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।

छापेमारी में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 51 लाख रुपये से अधिक नकद राशि बरामद की। इसके अलावा 15 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, दो कारें और बड़ी मात्रा में दस्तावेज़ भी जब्त किए गए।

बरामद दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कितने लोग शामिल थे।

जीएसटी फ्रॉड से सरकार को होता है भारी नुकसान

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के जीएसटी घोटाले देश की आर्थिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। फर्जी इनवॉइस के माध्यम से गलत तरीके से टैक्स लाभ लिया जाता है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

ऐसी गतिविधियाँ बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा भी पैदा करती हैं, क्योंकि ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों को नुकसान झेलना पड़ता है।

आर्थिक अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश

Delhi Police Economic Offences Wing की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए जांच एजेंसियाँ अब आधुनिक तकनीक और डेटा विश्लेषण का व्यापक इस्तेमाल कर रही हैं।

यह कार्रवाई उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो फर्जी कंपनियों और नकली दस्तावेजों के जरिए कर चोरी करने की कोशिश करते हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ अब ऐसे मामलों पर तेजी से कार्रवाई कर रही हैं।

निष्कर्ष

128 करोड़ रुपये के इस जीएसटी फ्रॉड का खुलासा यह दर्शाता है कि आर्थिक अपराधों का नेटवर्क भले ही कितना बड़ा क्यों न हो, तकनीकी जांच और सटीक रणनीति के जरिए उसे उजागर किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू टीम की यह कार्रवाई देश में कर व्यवस्था को मजबूत बनाने और आर्थिक पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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